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उत्तराखंड

उत्तराखंड के पाँच अफसरों को मिला उत्कृष्ट ज़िलाधिकारी सम्मान

  • 26 Dec 2022
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

25 दिसंबर, 2022 को उत्तराखंड के देहरादून में सुशासन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने चारधाम यात्रा के सफल प्रबंधन सहित विभिन्न उल्लेखनीय कार्यों के लिये प्रदेश के पाँच ज़िलाधिकारियों को उत्कृष्ट ज़िलाधिकारी पुरस्कार 2022 से पुरस्कृत किया।

प्रमुख बिंदु 

  • इस कार्यक्रम में हरिद्वार के ज़िलाधिकारी विनय शंकर पांडे को कोविड लॉकडाउन के बाद शुरू हुई काँवड़ यात्रा के सुचारु प्रबंधन के लिये, नैनीताल के ज़िलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल को पर्यटन के क्षेत्र में रोज़गारपरक योजनाओं, पौड़ी के ज़िलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को बेडू के उत्पादों, रुद्रप्रयाग के ज़िलाधिकारी मयूर दीक्षित को पर्यटन को बढ़ावा देने एवं चमोली के ज़िलाधिकारी हिमांशु खुराना को चारधाम यात्रा के सफल प्रबंधन के लिये पुरस्कृत किया गया।
  • राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बताया कि ज़िला प्रशासन सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिये सबसे अहम सीढ़ी है। पुरस्कृत होने वाले ज़िलाधिकारियों ने जनता की समस्याओं को सजग होकर एवं ईमानदारी के साथ दूर करने में अहम भूमिका निभाई है।
  • राज्यपाल ने बताया कि सुशासन का उद्देश्य समावेशी और सर्वांगीण विकास तय करना है। टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप शासन प्रवाह सुनिश्चित करने के लिये प्रशासन और जनता के बीच प्रत्यक्ष, भावनात्मक जुड़ाव की आवश्यकता है।
  • राज्यपाल के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि ज़िलाधिकारियों को अलग से पुरस्कृत करने की पूर्व में कोई व्यवस्था नहीं थी। राज्यपाल ने ज़िलाधिकारियों के उत्कृष्ट प्रयासों के लिये उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है।
  • प्रशासन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्कृष्ट ज़िलाधिकारी पुरस्कार-2022 के लिये ज़िलों से आवेदन मांगे गए थे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति के सामने ज़िलाधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद पुरस्कार के लिये ज़िलाधिकारियों का चयन किया गया।
  • इन उपलब्धियों की वजह से ज़िलाधिकारियों को किया गया पुरस्कृत-
  • हरिद्वार के ज़िलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने कोविड लॉकडाउन के बाद शुरू हुई काँवड़ यात्रा का सुचारु प्रबंधन किया। घाटों की सफाई के लिये चलाए गए अभियान की वजह से हरिद्वार को गंगा टाउन में सर्वश्रेष्ठ स्थान हेतु राष्ट्रपति ने भी पुरस्कृत किया था।
  • नैनीताल के ज़िलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने सामूहिक जनभागिता के साथ नए प्रयोग करते हुए कई क्षेत्रों में उपलब्धियाँ हासिल कीं। सेब उत्पादन को लेकर उनके प्रयास एवं पर्यटन के क्षेत्र में रोज़गारपरक योजनाओं को ज़िले में लागू करने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
  • पौड़ी के ज़िलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान पूर्व में जब पिथौरागढ़ ज़िले में तैनात थे, तब उनके बेडू के उत्पादों के लिये महिला स्वयं सहायता समूह के साथ किये गए प्रयासों की प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सराहना की थी।
  • रुद्रप्रयाग के ज़िलाधिकारी मयूर दीक्षित को पर्यटन को बढ़ावा देने, दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं वर्तमान में भव्य केदारपुरी के पुनर्निर्माण को सही गति से संचालित करने के लिये सराहा जा रहा है।
  • चमोली के ज़िलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बद्रीनाथ धाम एवं हेमकुंड साहिब की यात्रा का सफल प्रबंधन किया। बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों को समय पर व सुचारु रूप से पूरा करवाने में भी उनकी अहम भूमिका रही।
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