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छत्तीसगढ़

इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च का लोकार्पण

  • 10 Dec 2021
  • 3 min read

चर्चा में क्यों?

9 दिसंबर, 2021 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुआ में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च छत्तीसगढ़ का लोकार्पण किया।

 प्रमुख बिंदु

  • शिक्षण की सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राईविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च की स्थापना 17 करोड़ रुपए की लागत से ग्राम तेंदुआ में 20 एकड़ के विशाल भू-भाग पर की गई है।
  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईडीटीआर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं और थर्ड जेंडर के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुफ्त में प्रशिक्षण प्रदान करने की घोषणा की।
  • इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण के लिये उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया और आईटीडीआर के प्रशिक्षण वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में प्रारंभ हुए इस इंस्टीट्यूट में विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें गाड़ी चलाने, पार्किंग, बैक करने, चढ़ाव और टर्निंग पर गाड़ी कैसे चलाना है, यह सिखाया जाएगा। साथ ही वाहनों में लगे हुए यंत्रों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा। 
  • परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि इस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को रोज़गार उपलब्ध कराने में सहयोग दिया जाएगा। यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को शासकीय विभाग में वाहन चालक पद पर भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने वालों को लाइसेंस दिये जाएंगे।
  • मारुति सुज़ुकी इंडिया के सीईओ एवं एमडी केनिची आयुकावा ने कहा कि उनके संस्थान द्वारा पिछले 20 वर्ष में पूरे देश में 39 लाख लोगों को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया गया है। नवा रायपुर में स्थित यह आईडीटीआर मारूति सुज़ुकी का देश में 8वाँ संस्थान है। 
  • परिवहन विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि इस इंस्टीट्यूट में एक साथ 250 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है। यहाँ 80 सीटर हॉस्टल की सुविधा भी है। यहाँ प्रशिक्षुओं के लिये योगा, प्ले ग्राउंड की व्यवस्था भी है। इस वर्ष 2 हज़ार लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
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