हरियाणा
भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में शुरू
- 05 Feb 2026
- 11 min read
चर्चा में क्यों?
भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन हरियाणा में जींद-सोनीपत मार्ग पर स्वच्छ रेल प्रौद्योगिकी और हरित गतिशीलता के क्षेत्र में एक प्रमुख पायलट परियोजना के रूप में शुरू होने जा रही है।
मुख्य बिंदु
- प्रौद्योगिकी: यह हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल पर आधारित है, जिसमें विद्युत उत्पादन के दौरान केवल जलवाष्प उत्सर्जित होती है। इसके लिये हाइड्रोजन की आपूर्ति जींद स्थित संयंत्र से की जाएगी।
- पायलट प्रोजेक्ट: यह पहल भारतीय रेलवे की पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत रेल परिवहन रणनीति का अंग है, जो भविष्य में अन्य रेल कॉरिडोरों पर हाइड्रोजन-आधारित ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
- महत्त्व: यह भारत की प्रथम हाइड्रोजन-संचालित रेल सेवा है, जो शून्य-उत्सर्जन परिवहन को प्रोत्साहित करती है तथा डीज़ल पर निर्भरता में कमी लाती है। इसके माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट आने की संभावना है और यह भारत के सतत परिवहन तथा नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।
- सुरक्षा प्रावधान: ट्रेन को हाइड्रोजन निर्गमन पहचान प्रणाली, अग्नि-निरोधक तकनीक तथा अन्य उन्नत सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
- आर्थिक प्रभाव: दीर्घावधि में हाइड्रोजन-आधारित ट्रेनों से डीज़ल इंजनों की तुलना में परिचालन लागत में कमी आने की संभावना है, जिससे सतत एवं लागत-प्रभावी क्षेत्रीय परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
|
और पढ़ें: नेट-ज़ीरो लक्ष्य, सतत हरित परिवहन |