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भारत का पहला AI-इनेबल्ड स्टेट यूनिवर्सिटी पायलट CCSU मेरठ में लॉन्च किया

  • 31 Jan 2026
  • 15 min read

चर्चा में क्यों?

नई दिल्ली में आयोजित गूगल के AI फॉर लर्निंग फोरम में, जयंत चौधरी ने भारत के शिक्षा और कौशल विकास तंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को एकीकृत करने के लिये सरकार की रणनीतिक दृष्टि का विवरण प्रस्तुत किया।

मुख्य बिंदु:

  • रणनीतिक सहयोग: सरकार ने MSDE, गूगल क्लाउड और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU), मेरठ के बीच ऐतिहासिक सहयोग की घोषणा की है, जिसके तहत भारत का पहला AI-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय पायलट लॉन्च किया जाएगा।
  • मुख्य पहलें: CCSU एक राष्ट्रीय 'लिविंग लैबोरेटरी' (जीवंत प्रयोगशाला) के रूप में कार्य करेगा, ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक दोनों ही क्षेत्रों में AI उपकरणों का उपयोग एवं परीक्षण किया जा सके।
    • व्यक्तिगत AI ट्यूटर: छात्रों को ऐसे AI मेंटर्स की सुविधा मिलेगी, जो उनकी व्यक्तिगत सीखने की क्षमता के अनुरूप स्वयं को ढालने और बहुभाषी सहायता प्रदान करने में सक्षम होंगे।
    • कौशल-अंतर विश्लेषण: उन्नत उपकरण उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप सीखने वाले के प्रोफाइल का विश्लेषण करेंगे और लक्षित प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
    • संचालनात्मक दक्षता: विश्वविद्यालय कर्मचारियों के कार्यभार को कम करने के लिये इंटेलिजेंट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग (IDP) और स्वचालित वर्कफ्लो का उपयोग करेगा।
  • जनसांख्यिक गतिशीलता: यह पहल डिग्री और आवश्यक कौशल के बीच अंतर को दूर करने के लिये है, ताकि ‘जनसांख्यिक लाभांश’ से ‘जनसांख्यिक गतिशीलता’ की ओर बढ़ा जा सके, जिससे छोटे शहरों के छात्र भी वैश्विक शिक्षा उपकरणों तक पहुँच सकें।
  • राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखण: यह पायलट विकसित भारत 2047 विज़न का समर्थन करता है, तकनीक-संचालित, समावेशी शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देकर युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिये तैयार करता है और डिजिटल विभाजन को कम करता है।
    • वैश्विक साझेदारी और उन्नत AI प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर, भारत AI-प्रथम शिक्षा नवाचार में अग्रणी बनने का लक्ष्य रखता है।

और पढ़ें: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विकसित भारत 2047

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