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गुजरात ने भारत की पहली CBDC-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली शुरू की
- 17 Feb 2026
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चर्चा में क्यों?
गुजरात सरकार ने भारत की पहली केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC)-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य डिजिटल मुद्रा का उपयोग करके खाद्य सब्सिडी वितरण को रूपांतरित करना है।
मुख्य बिंदु:
- भारत में पहला: भारत ने गुजरात में अपनी पहली CBDC-सक्षम सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) लॉन्च की है, जिसमें सब्सिडी वितरण के लिये भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अधिकृत डिजिटल मुद्रा टोकन का उपयोग किया गया है।
- डिजिटल टोकन: इस प्रणाली के तहत लाभार्थियों को उनके वॉलेट में CBDC से जुड़े डिजिटल कूपन या टोकन प्राप्त होते हैं।
- यह QR कोड या आधार आधारित OTP प्रमाणीकरण का उपयोग करके उचित मूल्य की दुकानों पर सब्सिडी वाले खाद्यान्न को भुनाने के लिये किया जा सकता है।
- 24×7 पहुँच के लिये ATM: साबरमती ज़ोन (अहमदाबाद) में ‘अन्नपूर्णी ग्रेन ATM’ स्थापित किया गया है, जो 35 सेकंड में 25 किलोग्राम तक अनाज वितरण करने में सक्षम है।
- नए मॉडल के तहत मसूर दाल, चना जैसी आवश्यक वस्तुओं को खुले रूप में देने के बजाय 1-किलो सील पैक में वितरित किया जाएगा, जिससे सफाई और गुणवत्ता बनी रहे।
- महत्त्व: CBDC टोकन के उपयोग से यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने, खाद्य आपूर्ति शृंखला में भ्रष्टाचार कम करने, लेन-देन की ट्रैसेबिलिटी सुनिश्चित करने और सब्सिडी वितरण में जवाबदेही सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखती है।
- विकसित किया गया: CBDC प्लेटफॉर्म को पंजाब नेशनल बैंक द्वारा RBI-मान्यता प्राप्त ढाँचे के तहत विकसित किया गया है, जो लाभार्थियों के कल्याण के लिये सुरक्षित और ट्रैसेबल लेन-देन सक्षम बनाता है।
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