झारखंड
झारखंड में 54वीं शोध यात्रा
- 07 Mar 2026
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चर्चा में क्यों?
सोसाइटी फॉर रिसर्च एंड इनिशिएटिव्स फॉर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज़ एंड इंस्टीट्यूशंस (SRISTI) द्वारा आयोजित 54वीं शोध यात्रा झारखंड में संपन्न हुई। इस यात्रा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर के नवाचारों, पारंपरिक ज्ञान और स्वदेशी खाद्य परंपराओं का दस्तावेज़ीकरण किया गया।
मुख्य बिंदु:
- शोध यात्रा: यह SRISTI द्वारा आयोजित एक स्थानीय स्तर के नवाचारों की खोज पहल है, जिसमें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पैदल यात्रा कर स्थानीय नवाचारों, पारंपरिक ज्ञान तथा समुदायों द्वारा विकसित सतत प्रथाओं की पहचान की जाती है।
- यह यात्रा SRISTI के संयोजक और स्थानीय स्तर के नवाचारों को बढ़ावा देने के अग्रणी व्यक्तित्व अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित की गई।
- यह फरवरी 2026 में आयोजित हुई, जिसमें झारखंड के डुमरी के औरापाथ से चैनपुर के बेंदोर तक लगभग 125 किमी की दूरी तय की गई
- शामिल किये गए गाँव: इस यात्रा के दौरान 27 गाँवों से होकर गुजरते हुए ग्रामीण समुदायों के साथ संवाद किया गया तथा स्थानीय प्रथाओं और नवाचारों का दस्तावेज़ीकरण किया गया।
- यात्रा के दौरान शोधकर्त्ताओं ने खाद्य पौधों की लगभग 53 विभिन्न प्रजातियों, स्वदेशी फसलों और स्थानीय समुदायों द्वारा उपयोग की जाने वाली पारंपरिक खाद्य प्रथाओं का भी दस्तावेज़ीकरण किया।
- समुदाय सम्मान: इस अवसर पर स्थानीय नवप्रवर्तकों और शतायु व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया, जिससे पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण में उनके योगदान को मान्यता दी जा सके।
- महत्त्व: शोध यात्रा स्थानीय स्तर के नवाचारों की पहचान करने, स्वदेशी ज्ञान के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने में सहायक है। साथ ही यह ग्रामीण रचनात्मकता को शोधकर्त्ताओं, नीति-निर्माताओं और संस्थानों से जोड़ने का कार्य भी करती है।
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