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अपस्फीति क्षेत्र में थोक मूल्य

  • 16 Nov 2023
  • 4 min read

स्रोत: द हिंदू

अक्तूबर 2023 में भारत के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) ने वार्षिक मुद्रास्फीति दर -0.52% दर्ज की, जो सितंबर 2023 में -0.26% से कम है।

  • अक्तूबर 2022 से रसायन, विद्युत, कपड़ा, बुनियादी धातु, खाद्य सामान और कागज़ जैसे उद्योगों में कीमतों में कमी नकारात्मक मुद्रास्फीति का कारण है।
  • यह अपस्फीति प्रवृत्ति अक्तूबर 2022 के हाई बेस इफेक्ट से प्रभावित है जब थोक मूल्य मुद्रास्फीति 8.4% थी।

नोट:

खाद्य कीमतों के संदर्भ में थोक खाद्य सूचकांक में वर्ष 2022 की तुलना में 1.07% की वृद्धि हुई। खाद्य टोकरी में परस्पर विरोधी रुझान देखे गए, विशेष रूप से सब्जियों की कीमतों में 21% की पर्याप्त कमी और धान एवं अनाज में मुद्रास्फीति में तेज़ी देखी गई।

थोक मूल्य सूचकांक क्या है?

  • WPI थोक स्तर पर वस्तुओं की कीमत का प्रतिनिधित्व करता है यानी वह वस्तुएँ जो थोक में बेची जाती हैं और उपभोक्ताओं के बजाय संगठनों के बीच इनका व्यापार किया जाता है।
    • जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) उपभोक्ता स्तर पर कीमतों के स्तर में बदलाव को दर्शाता है।
    • CPI के विपरीत WPI सेवाओं की कीमतों में हुए परिवर्तन को नहीं दर्शाता है।
  • भारत में WPI को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा प्रकाशित किया जाता है।
    • भारत में इसका उपयोग एक महत्त्वपूर्ण मुद्रास्फीति संकेतक के रूप में किया जाता है।
  • WPI का आधार वर्ष 2011-2012 है।
  • WPI में वस्तुओं की हिस्स्सेदारी:

प्रमुख शब्दावली:

  • मुद्रास्फीति दर:
    • WPI के संदर्भ में मुद्रास्फीति दर एक वर्ष की शुरुआत तथा अंत में गणना की गई WPI के बीच का अंतर है।
    • एक वर्ष में WPI में हुई प्रतिशत वृद्धि उस वर्ष के लिये मुद्रास्फीति की दर बताती है।
  • अवस्फीति:
    • अवस्फीति का अभिप्राय वस्तुओं तथा सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में हुई कमी से है। जब मुद्रास्फीति दर का 0% से कम होना अवस्फीति को संदर्भित करता है, जिसे नकारात्मक मुद्रास्फीति के रूप में जाना जाता है।
  • आधार प्रभाव:
    • आधार प्रभाव का आशय पिछले वर्ष की मुद्रास्फीति का चालू वर्ष के मूल्य स्तरों पर प्रभाव से है।
    • उदाहरण के लिये यदि पिछले वर्ष में मुद्रास्फीति दर कम थी तो वर्तमान समय में मामूली मूल्य वृद्धि भी असंगत रूप से उच्च मुद्रास्फीति दर उत्पन्न कर सकती है।

  सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2020)

  1. खाद्य वस्तुओं का ‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक’ (CPI) भार (Wegitage) उनके ‘थोक मूल्य सूचकांक’ (WPI) में दिये गए भार से अधिक है।
  2. WPI, सेवाओं के मूल्यों में होने वाले परिवर्तनों को नहीं पकड़ता, जैसा कि CPI करता है।
  3. भारतीय रिज़र्व बैंक ने अब मुद्रास्फीति के मुख्य मान तथा प्रमुख नीतिगत दरों के निर्धारण हेतु WPI को अपना लिया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a)

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