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टोर्नेडो/बवंडर

  • 04 Apr 2024
  • 2 min read

स्रोत: डाउन टू अर्थ 

हाल ही में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी ज़िले के मैनागुड़ी में एक घातक टोर्नेडो/बवंडर की घटना हुई, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए, जो भारत में बवंडर की बढ़ती आवृत्ति को उजागर करता है।

टोर्नेडो:

  • बवंडर वायु का एक घूर्णी/घूर्णन करता हुआ स्तंभ है जो तूफान/थंडरस्टॉर्म के कारण बनता है और ज़मीन पर घटित होता है, जबकि समुद्रतल पर इसे जलजलव्रज/जलस्तंभ के रूप में जाना जाता है।
    • गर्त जैसी कम दाब प्रणाली (Low-Pressure System) की उपस्थिति में शुष्क, ठंडी हवा के साथ गर्म, नम हवा का कोई भी संघट्टन थंडरस्टॉर्म और टोर्नेडो का कारण बनता है। 
  • टोर्नेडो में वायु की गति 105 से 322 किमी/घंटा तक हो सकती है, सिस्टम संभावित रूप से स्थिर हो सकता है या लगभग 97 किमी/घंटा की गति से चल सकता है।
  • टोर्नेडो आमतौर पर मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में आते हैं।
    • ये संयुक्त राज्य अमेरिका, अर्जेंटीना और बांग्लादेश में सबसे आम हैं।
  • चरम तूफान की घटना जो भारत में कभी कभी होती है, ज़्यादातर मानसून पूर्व अवधि के दौरान पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के पूर्वी राज्यों में आते हैं तथा उनके कुछ प्रमाण उत्तर-पश्चिम भारत में भी लक्षित होते हैं।
  • भारत में, टोर्नेडो की कोई आधिकारिक निगरानी नहीं है, हालाँकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के टोर्नेडो को रिकॉर्ड किया है।

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