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विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 27 जनवरी, 2023

  • 27 Jan 2023
  • 11 min read

खादी और ग्रामोद्योग आयोग की प्रदर्शनी

मुंबई के वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर में 26 जनवरी से एक फरवरी तक चलने वाली खादी और ग्रामोद्योग आयोग की प्रदर्शनी प्रारंभ हो गई है। वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर में प्रदर्शनी आयोजित करने का उद्देश्‍य खरीदारों और प्रदर्शनी में सामान पेश करने वालों के मध्य परस्‍पर संवाद स्‍थापित करना तथा उत्‍पाद खरीदने हेतु समझौता कराना है। इस प्रदर्शनी का आयोजन आयोग के महाराष्‍ट्र कार्यालय द्वारा प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। इसमें करीब 40 पंजीकृत खादी संस्‍थानों के साथ-साथ देश के 15 राज्‍यों के प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रमग्रामीण रोज़गार सृजन कार्यक्रम से जुड़ी इकाइयों ने हिस्‍सा लिया। इन इकाइयों ने निर्यात गुणवत्ता वाली खादी और पर्यावरण अनुकूल ग्रामीण उद्योगों के उत्‍पाद पेश किये। इन उत्‍पादों को पारंपरिक कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। आयोग ने विकास और संचालन कार्य हेतु व्यक्तियों और संस्थानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिये ऋण की राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपए तक कर दिया है। आयोग का कारोबार बीते साल करीब एक करोड़ 15 लाख रुपए का रहा। इस मौके पर महाराष्‍ट्र खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरपर्सन रविन्‍द्र साठे ने कहा कि महाराष्‍ट्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, राज्‍य में खादी को बढ़ावा देने हेतु अनोखी पहल शुरू करेगा।

हरित रेलवे स्टेशन प्रमाणपत्र

ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आने वाले विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन को हरित अवधारणाएँ अपनाने के लिये इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) द्वारा उच्चतम प्लेटिनम रेटिंग के साथ 'हरित रेलवे स्टेशन प्रमाणपत्र' से सम्मानित किया गया है। यह पहल प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकती है। 24 जनवरी, 2023 को विशाखापत्तनम में आयोजित एक समारोह में IGBC विशाखापत्तनम चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. एस विजय कुमार ने DRM को यह प्रमाणपत्र प्रदान किया। विशाखापत्तनम इस प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र को प्राप्त करने वाले देश के कुछ प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है। विशाखापत्तनम ने पर्यावरण संबंधी छह श्रेणियों में 100 में से 82 अंक हासिल किये हैं। हरित रेलवे स्टेशन रेटिंग प्रणाली को भारतीय रेलवे के पर्यावरण निदेशालय द्वारा IGBC के सहयोग से विकसित किया गया है। इस प्रणाली में जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, जीवाश्म ईंधन के सीमित उपयोग, प्राकृतिक सामग्री के उपयोग पर न्यूनतम निर्भरता और उपयोगकर्त्ताओं के स्वास्थ्य एवं कल्याण जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का ध्यान रखा जाता है। विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन ने दीर्घकालिक सुविधाओं, स्वास्थ्य, स्वच्छता, ऊर्जा एवं जल दक्षता, स्मार्ट हरित पहल, नवाचार और विकास जैसी श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया है।

‘शी फीड्स द वर्ल्ड’ (She Feeds the World’s) कार्यक्रम 

पेप्सिको और CARE ने भारत में ‘शी फीड्स द वर्ल्ड’ (She Feeds the World) कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये है, जो मुख्य रूप से छोटे पैमाने की महिला उत्पादकों पर केंद्रित होगा। विकासशील देशों में सभी कृषि श्रमिकों में महिलाएँ लगभग आधी हैं और पुरुषों की तुलना में प्रति सप्ताह 13 घंटे अधिक कार्य करती हैं। अनुसंधान से पता चलता है कि यदि पुरुषों के समान महिला किसानों की संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित होती है, तो वे अपने खेतों की उपज में 20-30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती हैं, इससे संभवतः विश्व में भूखे लोगों की संख्या को 150 मिलियन तक कम किया जा सकता है। इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में फसल की उपज बढ़ाना, बीपीएल परिवारों की महिलाओं की आय में वृद्धि करना, स्वस्थ और संतुलित आहार तक पहुँच सुनिश्चित करने के साथ ही सतत् कृषि पर महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना है। यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में लैंगिक असमानता को कम करने तथा देश में कृषि परिवारों को एक स्थिर आय प्राप्त करने में मदद करेगा, साथ ही सतत् कृषि पर महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। प्रारंभ में इस कार्यक्रम को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार ज़िले और अलीपुरद्वार ज़िले में लागू किया जाएगा। पेप्सिको तथा केयर का लक्ष्य इस कार्यक्रम के माध्यम से 48,000 से अधिक महिलाओं की स्थिति में सुधार करना है। पश्चिम बंगाल के 1.5 मिलियन से अधिक लोग इससे लाभान्वित होंगे।

लेफ्टिनेंट चेतना शर्मा

74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्यपथ (पहले राजपथ) पर आयोजित परेड में भारतीय सेना ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया। इस वर्ष की परेड का नेतृत्त्व महिला जवानों ने भी किया। लेफ्टिनेंट चेतना शर्मा ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड- 2023 में कर्तव्य पथ पर भारत में निर्मित (मेड इन इंडिया) मिसाइल प्रणाली "आकाश" का नेतृत्त्व किया। लेफ्टिनेंट चेतना शर्मा वायु रक्षा रेजिमेंट में सैन्य अधिकारी हैं। वायु रक्षा रेजिमेंट का उद्देश्य देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये आकाश को ड्रोन और दुश्मन के विमानों से बचाना है। लेफ्टिनेंट चेतना शर्मा राजस्थान के खाटू श्याम गाँव की रहने वाली हैं। बचपन से ही उन्होंने सेना में कॅरियर बनाने का लक्ष्य रखा था। चेतना शर्मा ने एनआईटी भोपाल से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा के लिये प्रयास किया, जिसमें उन्होंने 6वें प्रयास में सफलता प्राप्त की।

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गणतंत्र दिवस और 26 जनवरी का इतिहास 

भारत के संविधान को 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा आधिकारिक रूप से अपनाया गया था, हालाँकि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है। ऐसा इसलिये है क्योंकि ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता के लक्ष्य के साथ भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अंतिम चरण की शुरुआत करते हुए ऐतिहासिक "पूर्ण स्वराज" की घोषणा 26 जनवरी, 1930 को आधिकारिक तौर पर की गई थी डोमिनियन स्टेटस की मांग करने वाली मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट 1927 का विरोध करते हुए एस.सी. बोस और जवाहर लाल नेहरू जैसे युवा नेता भारत के लिये पूर्ण स्वतंत्रता चाहते थे। 19 दिसंबर, 1929 को "पूर्ण स्वराज" प्रस्ताव को कॉन्ग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पारित किया गया था और 26 जनवरी, 1930 को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया था। जब तक भारत आज़ाद नहीं हुआ था यानी वर्ष 1930-1947 तक भारत ने 26 जनवरी को "स्वतंत्रता दिवस" ​​के रूप में मनाया। इस प्रकार जब नेताओं को भारत के नए संविधान को लागू करने के लिये दिन तय करना था, तो 26 जनवरी को आदर्श माना गया।

और पढ़ें.. गणतंत्र दिवस 2022

कूनो चीता हेप्टोरीनल संक्रमण से पीड़ित  

कूनो नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश में स्थानांतरित किये गए 8 चीतों में से एक में हेप्टोरीनल संक्रमण पाया गया है। हेप्टोरीनल संक्रमण एक ऐसी स्थिति है जिसमें यकृत की कार्यप्रणाली विकृत होने से रोगी को गुर्दे में समस्या होने लगती है। सितंबर 2022 में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कुनो पालपुर नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। यह बड़े जंगली मांसाहारी पशुओं का दुनिया का पहला अंतर-महाद्वीपीय स्थानांतरण था।

और पढ़ें…भारत में चीतों का पुनर्वास

‘T+1’ निपटान 

भारतीय शेयर बाज़ारों ने बड़े शेयरों की अंतिम सूची के लिये एक छोटे निपटान चक्र या T+1 व्यवस्था की शुरुआत की है, जो ग्राहकों की मार्जिन आवश्यकताओं को कम करने और खुदरा निवेश को बढ़ावा देने में मदद करेगा। T+1 (ट्रेड प्लस वन) का अर्थ है कि वास्तविक लेन-देन होने के एक दिन के भीतर बाज़ार व्यापार से संबंधित निपटान को समाप्त करने की आवश्यकता होगी। इससे पहले भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लेन-देन (T+2) किये जाने के बाद 2 कार्य दिवसों में ट्रेडों का निपटान किया जाता था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने नवंबर 2021 में संयुक्त रूप से बाज़ार मूल्य के संदर्भ में नीचे के 100 शेयरों के साथ चरणबद्ध तरीके से T+1 निपटान चक्र को लागू करने की योजना की घोषणा की।

और पढ़ें - प्रतिभूतियों के लिये ‘T+1’ निपटान प्रणाली  

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