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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 16 नवंबर, 2020

  • 16 Nov 2020
  • 6 min read

सड़क यातायात पीड़ितों की स्मृति के लिये विश्व दिवस

विश्व भर में प्रत्येक वर्ष नवंबर माह के तीसरे रविवार को ‘सड़क यातायात पीड़ितों की स्मृति के लिये विश्व दिवस’ (World Day of Remembrance for Road Traffic Victims) के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का प्राथमिक उद्देश्य विश्व भर में सड़कों पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना के कारण मारे जाने वाले लोगों अथवा गंभीर रूप से घायल होने वाले लाखों लोगों को याद करना और पीड़ितों, पीड़ित परिवारों और समुदायों आदि की पीड़ा को स्वीकार करना है। साथ ही इस दिवस पर समर्पित कर्मचारियों, पुलिस और चिकित्सा पेशेवरों को सम्मान प्रकट किया जाता है, जो इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का अनवरत प्रयास कर रहे हैं। सड़क यातायात पीड़ितों की स्मृति के लिये विश्व दिवस मनाने की शुरुआत सर्वप्रथम वर्ष 1993 में रोडपीस (RoadPeace) नामक एक ब्रिटिश संगठन द्वारा की गई थी। वर्ष 1995 से इस दिवस को ‘यूरोपियन फेडरेशन ऑफ रोड ट्रैफिक विक्टिम’ (FEVR) के द्वारा मनाया जाने लगा और जल्द ही अन्य देशों के गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी यह दिवस मनाया जाने लगा। तकरीबन 10 वर्ष बाद 26 अक्तूबर, 2005 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भी इस दिवस को मान्यता दी गई। इस वर्ष यह दिवस 15 नवंबर, 2020 को मनाया गया है।  

नीतीश कुमार: बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च, 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना (अब NIT पटना) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है और बिहार राज्य बिजली बोर्ड में शामिल होने से पहले ही वे बिहार की राजनीति में सक्रिय हो गए थे। इसके बाद नीतीश कुमार ने सर्वप्रथम वर्ष 1977 में जनता दल के सदस्य के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा। गौरतलब है कि नीतीश कुमार वर्ष 1974 से वर्ष 1977 के बीच जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में काफी सक्रिय रूप से शामिल थे। ज्ञात हो कि श्रीकृष्ण सिन्हा, जिन्हें ‘श्रीबाबू’ के नाम से भी जाना जाता है, बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे। भारत के प्रमुख राज्यों में से एक बिहार उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखंड के साथ अपनी सीमा साझा करता है। बिहार में कई सारी नदियाँ पाई जाती हैं, जिसमें सबसे प्रमुख गंगा नदी है। 

सूर सरोवर झील

हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आगरा की सूर सरोवर झील को रामसर कन्वेंशन के तहत मान्यता प्राप्त स्थलों की सूची में शामिल किये जाने की सूचना दी है। सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य के भीतर स्थित इस झील को कीठम झील (Keetham Lake) के नाम से भी जाना जाता है। सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य को वर्ष 1991 में पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया था। यह झील उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी के किनारे अवस्थित है। यह पक्षी अभयारण्य लगभग 8 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 2.25 वर्ग किलोमीटर लंबी झील भी शामिल है। इस क्षेत्र में प्रवासी तथा स्थानीय पक्षियों की तकरीबन दो दर्जन प्रजातियाँ निवास करती हैं। रामसर कन्वेंशन के तहत मान्यता प्राप्त स्थलों की सूची में शामिल होने के कारण सूर सरोवर झील को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिलेगी।

सौमित्र चटर्जी

15 नवंबर, 2020 को प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता सौमित्र चटर्जी का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सौमित्र चटर्जी, जिन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया, वे एक कुशल नाटककार, थिएटर अभिनेता और कवि भी थे। 19 जनवरी, 1935 को जन्मे सौमित्र चटर्जी ने प्रसिद्ध रंगमंच कलाकार अहिंद्र चौधरी से अभिनय के गुण सीखे थे। सौमित्र चटर्जी ने फिल्मों में अपने कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1959 में सत्यजीत रे की फिल्म ‘अपुर संसार’ के साथ की थी। सौमित्र चटर्जी को वर्ष 2012 में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से और वर्ष 2018 में फ्रांँस के सर्वोच्च पुरस्कार ‘लीज़न ऑफ ऑनर’ (Legion of Honour) प्रदान किया गया था।

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