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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 13 नवंबर, 2021

  • 13 Nov 2021
  • 6 min read

विश्व निमोनिया दिवस

प्रत्येक वर्ष 12 नवंबर को वैश्विक स्तर पर विश्व निमोनिया दिवस (World Pneumonia Day) का आयोजन किया जाता है। इस दिवस की शुरुआत सर्वप्रथम वर्ष 2009 में ‘ग्लोबल कोएलिशन अगेंस्ट चाइल्ड निमोनिया’ द्वारा निमोनिया के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। निमोनिया फेफड़ों में एक गंभीर संक्रमण की स्थिति है, जो कि बैक्टीरिया के कारण होता है। चूँकि निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, इसलिये इसके सबसे आम लक्षण खाँसी, साँस लेने में परेशानी और बुखार हैं। निमोनिया से पीड़ित बच्चों में तेज़ साँस लेने जैसे लक्षण पाए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, भारत, नाइजीरिया और पाकिस्तान में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की कुल मौतों में आधे से अधिक का कारण निमोनिया है। वहीं भारत में निमोनिया से सालाना अनुमानित 71% मौतें होती हैं और गंभीर निमोनिया के 57% मामले देखे जाते हैं।

लोक सेवा प्रसारण दिवस

भारत में प्रतिवर्ष 12 नवंबर को लोक सेवा प्रसारण दिवस का आयोजन किया जाता है। यह दिवस वर्ष 1947 में ऑल इंडिया रेडियो (दिल्ली) के स्टूडियो में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पहली और एकमात्र यात्रा को चिह्नित करने हेतु आयोजित किया जाता है। 12 नवंबर, 1947 को महात्मा गांधी ने पाकिस्तान से विस्थापित लोगों को संबोधित किया था, जो विभाजन के बाद अस्थायी रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बस गए थे। इस दिवस की अवधारणा जन प्रसार के संयोजक सुहास बोरकर द्वारा प्रस्तुत की गई थी और वर्ष 2000 में इस दिवस को ‘लोक सेवा प्रसारण दिवस’ अथवा ‘जन प्रसार दिवस के रूप में घोषित किया गया था। ज्ञात हो कि प्रसार भारती को सार्वजनिक सेवा प्रसारण, लोकतांत्रिक परंपराओं की मज़बूती और सभी विविध समुदायों एवं संस्कृतियों को अवसर प्रदान करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। एक माध्यम के रूप में प्रसारण (Broadcasting) भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी का एक सशक्त उदाहरण है। प्रसारण ने बीते कई दशकों में भारत के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मिस्र में होगा ‘COP-27’ अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन 

‘ग्लासगो’ में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) के दौरान घोषणा की गई है कि वर्ष 2022 के सम्मेलन (COP-27) का आयोजन मिस्र में किया जाएगा। वहीं इस सम्मेलन के वर्ष 2023 के संस्करण की मेजबानी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा की जाएगी। ध्यातव्य है कि ‘कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़’ UNFCCC सम्मेलन का सर्वोच्च निकाय है। इसके तहत विभिन्न प्रतिनिधियों को सम्मेलन में शामिल किया गया है। इसके सत्र प्रत्येक वर्ष आयोजित किये जाते हैं। कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (COP), सम्मेलन के प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक निर्णय लेता है और नियमित रूप से इन प्रावधानों के कार्यान्वयन की समीक्षा करता है। वहीं UNFCCC वर्ष 1992 में ब्राज़ील में आयोजित ‘रियो अर्थ समिट’ में पर्यावरण पर प्रस्तावित तीन समझौतों में से एक है। 

सत्य नारायण प्रधान

वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सत्य नारायण प्रधान को ‘नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो’ (NCB) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। झारखंड कैडर के वर्ष 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सत्य नारायण प्रधान वर्तमान में ‘राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल’ (NDRF) के महानिदेशक का दायित्व संभालने के साथ-साथ एनसीबी प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। एनसीबी के पूर्व प्रमुख राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किये जाने के बाद उन्हें एनसीबी के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, हालाँकि अब उनकी नियुक्ति स्थायी तौर पर कर दी गई है। वहीं वर्ष 1988 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अतुल करवाल को NDRF का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। ‘नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो’ गृह मंत्रालय के अधीन भारत में ड्रग कानून प्रवर्तन के मामले संबंधी एक नोडल एजेंसी है, जिसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा 17 मार्च, 1986 को की गई थी।

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