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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 02 सितंबर, 2020

  • 02 Sep 2020
  • 7 min read

AUDFs01 नक्षत्र आकाशगंगा

भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, भारतीय खगोलविदों ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ब्रह्मांड की सबसे दूर की नक्षत्र आकाशगंगाओं में से एक की खोज की है, जो कि अनुमानतः पृथ्वी से 9.3 बिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। इस संबंध में सूचना देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘यह देश के लिये गर्व की बात है कि भारत की पहली मल्टी-वेवलेंथ स्पेस ऑब्ज़र्वेटरी ‘एस्ट्रोसैट’ (AstroSat) ने पृथ्वी से 9.3 बिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित AUDFs01 नाम से एक आकाशगंगा का पता लगाया है। इस आकाशगंगा की खोज पुणे स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स के डॉ. कनक साहा के नेतृत्त्व में खगोलविदों की टीम ने की है। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा की गई यह महत्त्वपूर्ण खोज यह जानने में मदद करेगी कि ब्रह्मांड का डार्क युग किस प्रकार समाप्त हुआ और किस प्रकार वहाँ प्रकाश उत्पन्न हुआ। एस्ट्रोसैट (AstroSat) भारत का पहला बहु तरंग दैर्ध्य वाला उपग्रह है जिसमें पाँच अद्वितीय एक्स-रे एवं पराबैंगनी दूरबीन कार्य कर रही हैं। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 28 सितंबर, 2015 को लॉन्च किया गया था। 

राजीव कुमार

पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी राजीव कुमार ने देश के नए चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाल लिया है। 1984 बैच के झारखंड कैडर के IAS अधिकारी राजीव कुमार पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा का स्थान लेंगे। ध्यातव्य है कि आयुक्त अशोक लवासा को एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank-ADB) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने से पूर्व राजीव कुमार लोक उद्यम चयन बोर्ड (PESB के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। राजीव कुमार के पास सार्वजनिक नीति और प्रशासन के क्षेत्र में 30 से भी अधिक वर्षों का अनुभव है। यदि राजीव कुमार अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों का आयोजन उन्ही के नेतृत्त्व में किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक निकाय है जो भारत में लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पद की चुनाव प्रक्रियाओं का संचालन करता है। प्रारंभ में, आयोग में केवल एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे। वर्तमान में इसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त हैं।

ग्रीन टर्म अहेड मार्केट

हाल ही में केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह ने विद्युत सेक्टर में ‘ग्रीन टर्म अहेड मार्केट’ (Green Term Ahead Market-GTAM) की शुरुआत की है, जो कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भागीदारी को बढ़ावा देगा। सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल देश के नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) में क्षमता वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी मदद करेगी। इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत करते हुए केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह ने कहा कि ‘इसकी शुरूआत से नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध राज्यों पर बोझ कम होगा और राज्यों को अपने स्वयं के नवीकरणीय खरीद दायित्त्व (RPO) से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। ध्यातव्य है कि भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक देश में 175 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य निधारित किया है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा का पूरे देश में विस्तार हो रहा है। ‘ग्रीन टर्म अहेड मार्केट’ (GTAM) प्लेटफॉर्म से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों को नवीकरणीय ऊर्जा बेचने के लिये अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे। यह हरित बिजली खरीदने के लिये पर्यावरण के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं और संस्थाओं को एक मंच प्रदान करेगा।

मिशन कर्मयोगी

सरकार ने जनता को बेहतर सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से एक नए व्यापक सिविल सेवा सुधार कार्यक्रम की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी अधिकारियों के लिये ‘मिशन कर्मयोगी’ (Mission Karmayogi) को मंज़ूरी दी है, इस मिशन का उद्देश्य भारत सरकार में व्यक्तिगत, संस्थागत और प्रक्रियागत स्तरों पर क्षमता निर्माण तंत्र में बदलाव करना है। ‘मिशन कर्मयोगी’ का लक्ष्य भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक, विचारशील, नवाचारी, अधिक क्रियाशील, प्रोफेशनल, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिये तैयार करना है। विशिष्ट भूमिका-दक्षताओं से युक्त सिविल सेवक उच्चतम गुणवत्ता मानकों वाली प्रभावकारी सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करने में समर्थ होंगे। इस कार्यक्रम को एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण-आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म (iGOT Karmayogi Platform) की स्थापना करके कार्यान्वित किया जाएगा। आईगॉट- कर्मयोगी प्लेटफॉर्म भारत में दो करोड़ से भी अधिक कार्मिकों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिये व्यापक और अत्याधुनिक संरचना सुलभ कराएगा।

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