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प्रीलिम्स फैक्ट्स: 26 सितंबर, 2019

  • 26 Sep 2019
  • 9 min read

ब्रेकथ्रू पुरस्कार

(Breakthrouh Prizes)

गणित, भौतिकी और लाइफ साइंस में सराहनीय योगदान के लिये वर्ष 2020 के लिये ब्रेकथ्रू पुरस्कारों की घोषणा की गई है।

Breakthrough

  • ब्रेकथ्रू पुरस्कार वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने हेतु दिया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों का एक सेट है।
  • यह पुरस्कार ब्रेकथ्रू पुरस्कार बोर्ड द्वारा तीन श्रेणियों-गणित (प्रत्येक 4 वर्ष में), भौतिकी (प्रत्येक वर्ष) और लाइफ साइंस (प्रत्येक वर्ष) में दिया जाता है।
  • इस पुरस्कार को ऑस्कर ऑफ़ साइंस (Oscars of Science) के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह पुरस्कार विश्व के शीर्ष वैज्ञानिको को प्रदान किया जाता हैं।
  • ब्रेकथ्रू पुरस्कार की शुरुआत गूगल के सह संस्थापक सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) और फेसबुक के सी.ई.ओ. मार्क ज़ुकरबर्ग सहित कुछ अन्य लोगों द्वारा की गई थी।
  • इस पुरस्कार के अंतर्गत 3 मिलियन डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।

वर्ष 2020 के लिये घोषित नाम:

  • आधारभूत भौतिकी (Fundamental Physics) के लिये ब्रेकथ्रू पुरस्कार, इवेंट होराइजन टेलिस्कोप (Event Horizon Telescope) से संबंधित 34 सदस्यों को दिया जाएगा।
  • लाइफ साइंस के क्षेत्र मे यह पुरस्कार जेफरी एम फ्रीडमैन (Jeffrey M. Friedman), एफ उलरिच हार्टल (F. Ulrich Hartl), आर्थर एल हॉर्विच (Arthur L. Horwich), डेविड जूलियस (David Julius) और वर्जीनिया मैन-यी ली (Virginia Man-Yee Lee) को दिया जाएगा।
  • गणित के क्षेत्र मे यह पुरस्कार एलेक्स एस्किन (Alex Eskin) को दिया जाएगा।
  • भौतिकी और गणित के क्षेत्र में प्रारंभिक कॅरियर उपलब्धियों के लिये छह नए होराइज़न पुरस्कार (Horizons Prizes) भी दिये जाएंगे।

मालाबार युद्ध अभ्यास- 2019

(Exercise Malabar-2019)

जापान के तट पर 26 सितंबर, 2019 से 4 अक्तूबर, 2019 तक ‘मालाबार’ (Malabar) युद्ध अभ्यास का आयोजन किया जाएगा।

Exercise Malabar

  • यह भारत, जापान और अमेरिका के मध्य प्रतिवर्ष किया जाने वाला त्रिपक्षीय नौसैनिक युद्धअभ्यास है।
  • इस वर्ष इसके 23वें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है।
  • भारत की ओर से इसमें युद्धपोत सह्याद्रि (Sahyadri) तथा किल्टन (Kiltan) भाग लेंगे। सह्याद्रि एक बहु-उद्देश्यीय निर्देशित मिसाइल युद्धपोत है, जबकि किल्टन पनडुब्बी-रोधी युद्धपोत है।
  • इस युद्ध अभ्यास में भारत की ओर से लंबी दूरी का सामुद्रिक गश्ती लड़ाकू विमान ‘P81’ भी शामिल होगा।
  • मालाबार युद्ध अभ्यास 2019 भारत-जापान-अमेरीका की नौसेनाओं के मध्य सहयोग को और अधिक मज़बूती प्रदान करेगा तथा साझा मूल्यों एवं सिद्धांतों पर आधारित पारस्परिकता में वृद्धि करेगा।
  • वर्ष 1992 में भारतीय व अमेरिकी नौसेना के मध्य द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी।
  • वर्ष 2015 में जापान इस युद्ध अभ्यास में शामिल हुआ

महत्त्वपूर्ण द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रक्षा अभ्यास

इंद्र (Indra) भारत-रूस नौसेना अभ्यास
मालाबार (Malabar) भारत-जापान-अमेरिका नौसेना अभ्यास
वरुण (Varuna) भारत और फ्राँस नौसेना अभ्यास
सिम्बेक्स (Simbex) भारत और सिंगापुर नौसेना अभ्यास
इब्समार (Ibsamar) भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका नौसेना अभ्यास
कोंकण (Konkan) भारत और ब्रिटेन नौसेना अभ्यास
नसीम अल-बह्र (Naseem Al-Bahr) भारत और ओमान नौसेना अभ्यास
ऑसिंडेक्स (Ausindex) भारत और ऑस्ट्रेलिया नौसेना अभ्यास


भारतीय तटरक्षक पोत ‘वराह’

(Indian Coast Guard Ship ‘Varaha’)

25 सितंबर 2019 को भारतीय तटरक्षक पोत (Indian Coast Guard Ship-ICGS) ‘वराह’ (Varaha) का चेन्नई में जलावतरण किया गया।

Varaha

  • ICGS-Varaha का निर्माण लार्सन एंड टूब्रो (L&T) द्वारा किया गया है जो कि एक निजी क्षेत्र की कंपनी है।
  • अत्‍याधुनिक अपतटीय गश्‍ती पोत ICGS-Varaha उन सात पोतों की श्रृंखला में चौथा पोत है जिन्‍हें L&T द्वारा उपलब्‍ध कराया जाएगा।
  • यह अत्‍याधुनिक नौवहन, संचार सेंसर और मशीनरी से लैस होने के साथ ही यह प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को भी ले जाने में सक्षम है।
  • यह न्यू मंगलौर बंदरगाह से संचालित किया जाएगा एवं कन्याकुमारी तक के अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone) में गश्त करेगा।
  • ICGS-Varaha स्‍वदेश विकसित उन्‍नत हल्‍के हेलीकॉप्‍टर (Advanced Light Helicopter) का संचालन करने में सक्षम होने के साथ ही अत्‍यंत तेज़ गति से चलने वाली नौकाओं, चिकित्‍सा सुविधाओं और आधुनिक निगरानी प्रणालियों से लैस है।

क्वांटम सुप्रीमेसी

(Quantum Supremacy)

हाल ही में गूगल (Google) के अनुसंधानकर्त्ताओं द्वारा ‘क्वांटम सुप्रीमेसी’ (Quantum Supremacy) के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता प्राप्त करने का दावा किया गया है जो क्वांटम कंप्यूटर के विकास की दिशा में एक प्रमुख उपलब्धि है।

Quantum Supremacy

  • सामान्य कंप्यूटर बिट्स (0 एवं 1) के रूप में जानकारी संग्रहीत करता है जबकि एक क्वांटम कंप्यूटर इसे क्वांटम बिट्स (Quantum Bits-Qubit) के रूप में संग्रहीत करता है। यह 0 एवं 1 के विभिन्न संयोजनों को संगृहीत कर सकता है।
  • क्वांटम प्रोसेसर को एक निश्चित गणना करने में 200 सेकेंड का समय लगता है जबकि विश्व के सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर समिट (Summit) को इस गणना को पूरा करने में 10,000 वर्ष का समय लगेगा।
  • समिट या OLCF-4 ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी (Oak Ridge National Laboratory) में उपयोग के लिये IBM द्वारा विकसित एक सुपर कंप्यूटर है।
  • क्वांटम सुप्रीमेसी’ पर आधारित कंप्यूटर को क्रिप्टोग्राफी (Cryptography), रसायन विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial Intelligence) और मशीन लर्निंग (Machine Learning) आदि क्षेत्र के लिये लाभकारी होने की उम्मीद है।
  • हालाँकि गूगल ने 54 क्वांटम बिट्स पर आधारित कंप्यूटर का निर्माण किया है जिसे Sycamore नाम दिया गया।
  • यदि यह दावा सही साबित होता है तो क्वांटम सुप्रीमेसी पर आधारित कंप्यूटर किसी भी गणना को करने में पारंपरिक कंप्यूटर की तुलना में अत्यंत कम समय लेगा।
  • वर्ष 2011 में कैलिफोर्निया के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सैद्धांतिक भौतिकी के प्रोफेसर जॉन प्रिस्किल को ‘क्वांटम सुप्रीमेसी’ पद के सृजन का श्रेय दिया जाता है।
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