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प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स : 14 जनवरी, 2019

  • 14 Jan 2019
  • 6 min read

कंबाला त्योहार/उत्सव (Kambala Festival)


कंबाला त्योहार दक्षिण-पश्चिमी भारतीय राज्य कर्नाटक के तटीय इलाकों में आयोजित की जाने वाली एक दो दिवसीय भैंसा दौड़ प्रतियोगिता है। जिसका आयोजन सामान्यतः नवंबर से मार्च महीने के बीच किया जाता है।

Kambala Festival

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • इस उत्सव में किसान दो भैंसा को हल से बाँधकर पानी से भरे क्षेत्र में आयोजित दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेते हैं और विजयी व्यक्ति को सम्मानित किया जाता है।
  • एक मान्यता के अनुसार, यह त्योहार कर्नाटक के कृषक समुदाय द्वारा प्रारंभ किया गया था जो भगवान शिव के अवतार भगवान कादरी मंजूनाथ को समर्पित है। इस त्योहार के माध्यम से अच्छी फसल प्राप्त करने के लिये देवताओं को खुश किया जाता था।
  • यह त्योहार तमिलनाडु के जल्लीकट्टू त्योहार जैसा है, बस अंतर इतना है कि इसमें भैंसों को शामिल किया जाता है जबकि जल्लीकट्टू में बैलों को।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इस त्योहार की निंदा कर इसे पशुओं के साथ क्रूरता का व्यवहार बताते हुए चिंता जाहिर की, जिस गति से किसान और भैंस दौड़ते हैं उससे उनकी हड्डियों में फ्रैक्चर सहित गंभीर चोटें आ सकती हैं।
  • वर्ष 2014 में पशु कल्याण संगठनों द्वारा दायर मुकदमों के आधार पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कंबाला और जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया।
  • 3 जुलाई, 2017 को भारत के राष्ट्रपति ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (कर्नाटक संशोधन) अध्यादेश, 2017 [11] की घोषणा को मंज़ूरी दे दी और कर्नाटक में कंबाला उत्सव को वैध कर दिया गया है।

देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र


हाल ही में केरल में देश के सबसे बड़े स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का उद्घाटन किया गया जिसमें देश की तकनीकी, चिकित्सा, संचार प्रौद्योगिकी के विकास के क्षेत्र में वृद्धि के लिये महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

  • हाल ही में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में 1.8 लाख वर्ग फुट की सुविधा वाले आवास ऊष्मायन (Housing Incubation) की स्थापना की गई।
  • केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) के तहत इंटीग्रेटेड स्टार्टअप कॉम्प्लेक्स ( Integrated Startup Complex) में ‘मेकर विलेज’ (Maker Village) की अत्याधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं जो हार्डवेयर स्टार्टअप को बढ़ावा देती हैं जैसे कि बायोनेस्ट (BioNest) जो चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देता है, ब्रिंक (BRINC) हार्डवेयर स्टार्टअप के लिये देश की पहली अंतर्राष्ट्रीय पहल है, BRIC जो कैंसर के निदान और देखभाल के लिये समाधान विकसित कर रहा है एवं उद्योग की बड़ी कंपनियों जैसे-UNITY द्वारा स्थापित उत्कृष्टता केंद्र आदि।
  • केरल सरकार राज्य में स्टार्टअप के लिये इस वर्ष 2.3 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्रफल (पिछले साल के 1.3 करोड़ वर्ग फुट से अधिक ) पर काम कर रही है। प्रौद्योगिकी नवाचार क्षेत्र (Technology Innovation Zone -TIZ) में नए परिसर का उद्घाटन इस उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  • अधिकारियों ने बताया कि TIZ देश का सबसे बड़ा ‘वर्क-लाइव-प्ले स्पेस’ बनने के लिये तैयार है, जो विशेष रूप से स्टार्टअप के लिये समर्पित है। मेकर विलेज, जिसे आईआईआईटीएम (IIITM) के द्वारा KSUM के सहयोग से स्थापित किया गया है, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा समर्थित है।

राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (Commonwealth Secretariat Arbitral Tribunal)


हाल ही में जस्टिस एके सीकरी ने सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया जिसके तहत उन्हें लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (CSAT) में नामित किया जाना था।

  • राष्ट्रमंडल सचिवालय राष्ट्रमंडल की मुख्य अंतर सरकारी एजेंसी और केंद्रीय संस्थान है।
  • यह सचिवालय लंदन, यूनाइटेड किंगडम में स्थित है।
  • इसकी स्थापना 1965 में हुई थी और यह अपने 53 सदस्य देशों के बीच विवाद की स्थिति में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता है।
  • राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (CSAT) में अध्यक्ष सहित कुल आठ सदस्य होते हैं।
  • राष्ट्रमंडल सचिवालय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (CSAT) के सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष का होता है।
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