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प्रिलिम्स फैक्ट्स: 03 नवंबर, 2020

  • 03 Nov 2020
  • 12 min read

गंगा उत्सव-2020 

Ganga Utsav-2020

2 नवंबर, 2020 से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (National Mission for Clean Ganga- NMCG) ने वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर तीन दिवसीय बहुप्रतीक्षित गंगा उत्सव-2020 (Ganga Utsav-2020) का आयोजन शुरू किया।

Ganga-Utsav-2020

प्रमुख बिंदु:

  • गंगा उत्सव-2020 पवित्र गंगा नदी की महिमा का जश्न मनाने के लिये एक सांस्कृतिक एवं शैक्षिक त्योहार है।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य गंगा नदी के कायाकल्प हेतु जनसहभागिता बढ़ाना है और वार्ताओं एवं मनोरंजन के माध्यम से पारिस्थितिकीय मुद्दों के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना है। 
  • यह महोत्सव 4 नवंबर तक जारी रहेगा।
  • 4 नवंबर, 2008 को गंगा को ‘राष्ट्रीय नदी’ (National River) घोषित किया गया था। 
    • यह उत्सव गंगा नदी को ‘राष्ट्रीय नदी’ घोषित करने की 12वीं वर्षगाँठ मनाने के लिये आयोजित किया जा रहा है।
    • इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और ‘नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा’ (NMCG) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
  • हितधारकों को जुड़ाव को बढ़ावा देने और गंगा ज्ञान केंद्र (Ganga Knowledge Center) के तत्त्वावधान में सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये वर्ष 2016 से ‘नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा’ (National Mission for Clean Ganga- NMCG) के तहत प्रत्येक वर्ष 4 नवंबर को गंगा उत्सव का आयोजन किया जाता है।       
  • इस अवसर पर गंगा टास्क फोर्स (Ganga Task Force) ने परियोजना क्षेत्र में एनसीसी कैडेट और युवाओं के साथ मिलकर वनीकरण अभियान भी चलाया।

गंगा नदी:

Ganga

  • सतोपथ हिमानी से निकली अलकनंदा और ‘गोमुख’ के निकट गंगोत्री हिमनद से निकली भागीरथी नदी देवप्रयाग में मिलने के बाद संयुक्त रूप से गंगा कहलाती है।  
  • अलकनंदा की सहायक नदियाँ, जैसे-पिंडार नदी बाएँ तट से कर्णप्रयाग में तथा मंदाकिनी नदी दाएँ तट से रुद्रप्रयाग में इसमें मिलती हैं।      
  • धौलीगंगा व विष्णुगंगा अलकनंदा की अन्य सहायक नदियाँ हैं। बद्रीनाथ का प्रसिद्ध मंदिर अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है।
  • गंगा पूर्व दिशा में पश्चिम बंगाल के फरक्का (गंगा डेल्टा का सबसे उत्तरी बिंदु) तक बहती है, जहाँ यह दो धाराओं में बँट जाती है- एक धारा हुगली (पश्चिम बंगाल) के नाम से जानी जाती है तथा दूसरी धारा भागीरथी के रूप में प्रवाहित होती हुई बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जहाँ ब्रह्मपुत्र नदी से मिलने के बाद यह ‘पद्मा’ और अंततः मेघना नाम से बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है।    
  • गंगा की सहायक नदियाँ:
    • बाएँ तट से मिलने वाली नदियाँ- रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, बाघमती, कोसी एवं महानंदा (बाएँ तट से मिलने वाली अंतिम नदी महानंदा है)         
    • दाएँ तट से मिलने वाली नदियाँ- यमुना, सोन, टोंस, कर्मनाशा    
  • गंगा नदी पर ही ‘राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1’ (प्रयागराज से हल्दिया तक) स्थित है। 
  • गंगा के दाएँ एवं बाएँ तटों से अनेक सहायक नदियाँ आकर मिलती हैं जिनमें यमुना सबसे बड़ी सहायक नदी है जो बंदरपूँछ चोटी के यमुनोत्री हिमनद से निकलती है तथा प्रयागराज में गंगा के दाएँ तट पर मिलती है।
    • यमुना नदी उत्तर प्रदेश के कुल 19 ज़िलों से होकर बहती है।            
  • वर्ष 2017 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंगा और यमुना नदी को ‘जीवित मानव’ का दर्जा दिया।
  • गंगा नदी के किनारे बसा सबसे बड़ा शहर कानपुर है। गंगा नदी उत्तर प्रदेश के कुल 28 ज़िलों से होकर बहती है। यह बिजनौर ज़िले से प्रवेश कर बलिया ज़िले से बाहर हो जाती है।     

एयरो इंडिया 2021

Aero India 2021

एयरो इंडिया 2021 (Aero India 2021) के 13वें सत्र का आयोजन बंगलूरू (कर्नाटक) स्थित येलहंका (Yelahanka) के वायु सेना स्टेशन पर 03-07 फरवरी, 2021 तक किया जाएगा।

Aero-India-2021

प्रमुख बिंदु:

  • पाँच दिवसीय कार्यक्रम में एयरोस्पेस एवं रक्षा उद्योगों की एक प्रमुख व्यापार प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
  • एयरोस्पेस उद्योग के ग्लोबल लीडरशिप और बड़े निवेशकों के अलावा इस प्रदर्शनी में दुनिया भर के थिंक-टैंकों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी।
  • एयरो इंडिया उड्डयन उद्योग में सूचना, विचारों और नई तकनीकी के आदान-प्रदान के लिये एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
  • घरेलू विमानन उद्योग को प्रोत्साहन देने के अलावा यह मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा। 
  • एयरो इंडिया-2021 में लगभग 500 भारतीय एवं विदेशी कंपनियों के भाग लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

सेना विमानन कोर (Army Aviation Corps):

Army-Aviation-Corps

  • भारतीय सेना की सबसे युवा वाहिनी ‘सेना विमानन कोर’ (Army Aviation Corps- AAC) ने 1 नवंबर को अपना 35वाँ वाहिनी दिवस मनाया।
    • सेना विमानन कोर भारतीय सेना का एक घटक है जिसका गठन 1 नवंबर, 1986 को किया गया था इसका नेतृत्त्व नई दिल्ली से महानिदेशक पद के लेफ्टिनेंट जनरल द्वारा किया जाता है।
  • भूमिका एवं कार्य:
    • AAC चॉपर्स द्वारा निभाई जाने वाली मुख्य भूमिकाएँ सैन्य परीक्षण, निगरानी, हताहत लोगों की निकासी, आवश्यक वस्तुएँ पहुँचाना, युद्ध के दौरान खोज एवं बचाव कार्य है।
    • AAC हेलीकॉप्टर शांतिकाल में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (Humanitarian Aid and Disaster Relief- HADR) अभियानों में भी भाग लेते हैं।
    • कुछ स्थितियों में सेना के हेलीकॉप्टर भी ‘एयरबोर्न कमांड पोस्ट’ (Airborne Command Posts) के रूप में कार्य कर सकते हैं यदि आवश्यक हो तो वे ‘ग्राउंड कमांड पोस्ट’ (Ground Command Posts) की जगह ले सकते हैं। 

सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2020

Vigilance Awareness Week-2020

केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission) 27 अक्तूबर से 2 नवंबर, 2020 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह (Vigilance Awareness Week) का अनुपालन कर रहा है। 

Vigilance-Awareness-Week-2020

  • थीम: वर्ष 2020 में सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम ‘सतर्क भारत-समृद्ध भारत’ (Satark Bharat- Samriddh Bharat) है।   

प्रमुख बिंदु: 

  • सतर्कता जागरूकता सप्ताह प्रत्येक वर्ष उस सप्ताह के दौरान मनाया जाता है जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल (31 अक्तूबर) का जन्मदिन आता है।
  • यह जागरूकता सप्ताह नागरिक भागीदारी के माध्यम से सार्वजनिक जीवन मे ईमानदारी तथा सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देने के लिये मनाया जाता है।  

केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission):

  • केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission-CVC) एक शीर्षस्‍थ सतर्कता संस्‍थान है जो किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियंत्रण से मुक्‍त है तथा केंद्रीय सरकार के अंतर्गत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है। साथ ही केंद्रीय सरकारी संगठनों में विभिन्‍न प्राधिकारियों को उनके सतर्कता कार्यों की योजना बनाने, निष्‍पादन करने, समीक्षा करने एवं सुधार करने के संबंध में सलाह देता है।
  • CVC को सरकार द्वारा फरवरी 1964 में के. संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निरोधक समिति (Committee on Prevention of Corruption) की सिफारिशों पर स्थापित किया गया था। संसद द्वारा अधिनियमित केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 द्वारा इसे सांविधिक दर्जा प्रदान किया गया।
  • CVC किसी भी मंत्रालय/विभाग के अधीन नहीं है। यह एक स्वतंत्र निकाय है जो केवल संसद के प्रति उत्तरदायी है।
  • इस बहु-सदस्यीय आयोग में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (अध्यक्ष) और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त (सदस्य) शामिल होते हैं।
  • केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (अध्यक्ष) और सतर्कता आयुक्तों (सदस्य) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है जिसमें प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), गृह मंत्री (सदस्य) और लोकसभा में विपक्ष का  नेता (सदस्य) शामिल होते हैं।
  • केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (अध्यक्ष) और सतर्कता आयुक्तों (सदस्य) का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) होता है।
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