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सरकार ने PM e-DRIVE योजना में संशोधन किया

  • 30 Mar 2026
  • 22 min read

स्रोत: द हिंदू 

हाल ही में सरकार ने PM e-DRIVE (रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव वेहिकल एन्हांसमेंट) योजना में संशोधन किया है, जिसमें EV के प्रोत्साहन के लिये नई समय-सीमा पेश की गई है।

PM e-DRIVE योजना

  • परिचय: PM e-DRIVE एक प्रमुख योजना है, जिसका परिव्यय 10,900 करोड़ रुपये (अक्तूबर 2024–मार्च 2026) है, जिसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिये प्रोत्साहन की संशोधित समय-सीमा 31 जुलाई, 2026 तक और इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिये 31 मार्च, 2028 तक बढ़ा दी गई है।
  • उद्देश्य: इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वेहिकल (EV) को अपनाने में तेज़ी  लाना, मज़बूत EV चार्जिंग अवसंरचना का निर्माण करना और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप एक मज़बूत घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग ईकोसिस्टम विकसित करना है।
  • मुख्य घटक:
    • लक्षित लाभार्थी: उन्नत बैटरी वाले वाणिज्यिक और निजी इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन, ई-एंबुलेंस, स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट वाले ई-ट्रक तथा सार्वजनिक परिवहन के लिये इलेक्ट्रिक बसें।
    • मांग में वृद्धि: यह योजना कारखाने से बाहर की कीमत (ex-factory price) के 15% (या एक निर्धारित सीमा) पर सीमित मांग के लिये प्रोत्साहन प्रदान करती है, जिसकी पात्रता 1.5 लाख रुपये (ई-2W) और 2.5 लाख रुपये (ई-3W) से कम कीमत वाले वाहनों तक सीमित है।
      • इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की L5 श्रेणी को दिसंबर 2025 में अपना लक्ष्य प्राप्त करने के बाद पहले ही बंद कर दिया गया है।
      • यह योजना 24,79,120 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों और 39,034 इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिये सहायता को सीमित करती है।
    • चार्जिंग अवसंरचना विकास: यह योजना EV अपनाने को बढ़ावा देने के लिये प्रमुख शहरों और चुनिंदा राजमार्गों पर 72,300 सार्वजनिक फास्ट चार्जर स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।
      • भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL), जो MHI के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है, EV उपयोगकर्त्ताओं के लिये स्लॉट बुक करने, भुगतान करने और चार्जर उपलब्धता की जाँच करने के लिये एक डिजिटल "सुपर ऐप" विकसित करेगा
    • परीक्षण एजेंसियों का उन्नयन: यह योजना हरित गतिशीलता का समर्थन करने के लिये MHI के तहत परीक्षण एजेंसियों को उन्नत प्रौद्योगिकियों के साथ उन्नत करने के लिये 780 करोड़ रुपये आवंटित करती है।
  • पात्रता: केवल उन्नत बैटरी वाले EV ही प्रोत्साहनों के लिये पात्र हैं। आंतरिक निधि हस्तांतरण को रोकने के लिये सरकार द्वारा खरीदे गए ईवी को बाहर रखा गया है।

और पढ़ें: PM ई-ड्राइव योजना

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