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कॉपीराइट का उल्लंघन एवं पासिंग ऑफ

  • 06 Oct 2023
  • 7 min read

स्रोत : इंडियन एक्सप्रेस

हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे (HOB) द्वारा दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में इंस्टाग्राम अकाउंट पीपल ऑफ इंडिया (POI) को आहूत करके ध्यान आकर्षित किया।

  • यह विवाद उनके कहानी कहने के तरीकों में समानताओं से उपजा है, HOB का दावा है कि POI ने उनकी सामग्री की नकल की है।
  • यह मामला कॉपीराइट उल्लंघन, निषेधाज्ञा और पासिंग ऑफ सहित महत्त्वपूर्ण कानूनी अवधारणाओं पर ज़ोर देता है।

मुद्दे से संबंधित प्रमुख बिंदु:

  • कॉपीराइट:
    • कॉपीराइट का तात्पर्य साहित्यिक, नाटकीय, संगीतमय और कलात्मक कार्यों के रचनाकारों के साथ-साथ सिनेमैटोग्राफ फिल्मों एवं ध्वनि रिकॉर्डिंग के निर्माताओं को प्रदान की गई कानूनी सुरक्षा से है।
      • वर्ष 1957 के कॉपीराइट अधिनियम का उद्देश्य इन रचनात्मक कार्यों को उनके रचनाकारों की बौद्धिक संपदा के रूप में सुरक्षित रखना है।
      • पेटेंट के मामले के विपरीत, कॉपीराइट अभिव्यक्ति की रक्षा करता है न कि विचारों की।
      • इस अधिनियम के अलावा, कॉपीराइट को अन्य प्रासंगिक कानूनों के अनुरूप लाने के लिये कॉपीराइट (संशोधन) नियम 2021 को प्रभाव में लाया गया है।
    • कॉपीराइट मालिकों को उल्लंघनकर्त्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार है, जिसमें निषेधाज्ञा (Injunction), क्षति और खातों जैसे उपाय शामिल हैं।
  • निषेधाज्ञा: HOB बनाम POI के हालिया मामले में HOB ने अपनी कॉपीराइट विषय-वस्तु के उल्लंघन को रोकने हेतु न्यायालय से निषेधाज्ञा की मांग की।
    • निषेधाज्ञा एक न्यायालयी आदेश है जो सामान्यतः किसी को किसी विशेष कार्रवाई को रोकने का निर्देश देता है।
    • हालाँकि निषेधाज्ञा प्राप्त करना इस बात की गारंटी नहीं है कि दुरुपयोग के सभी मामलों को यथाशीघ्र हल कर दिया जाएगा क्योंकि इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  • कॉपीराइट का उल्लंघन: यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब कॉपीराइट किये गए कार्य का उपयोग प्राधिकरण के अनुमति के बिना किया जाता है, विशेषकर यदि कार्य का एक बड़ा हिस्सा पुन: दोहराया जाता है।
    • HOB के मामले में न्यायालय को HOB एवं POI के बीच "पर्याप्त अनुकरण/नकल" के साक्ष्य मिले हालाँकि जिसे "पर्याप्त" माना जाता है उसकी डिग्री या स्तर भिन्न हो सकता है।
      • यह अक्सर कॉपी की गई विषय-वस्तु की मात्रा के बजाय गुणवत्ता पर निर्भर करता है। यहाँ तक कि किसी अन्य कार्य से एक आकर्षक वाक्यांश की कॉपी करना भी उल्लंघन माना जा सकता है।
  • पासिंग ऑफ: कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड बनाम कैडिला फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड मामले, 2001 में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि पासिंग ऑफ अनुचित व्यापार प्रतिस्पर्द्धा का एक रूप है जिसके माध्यम से एक पक्ष किसी विशेष व्यापार या व्यवसाय में दूसरे द्वारा स्थापित प्रतिष्ठा से लाभ उठाने का प्रयास करता है।
    • पासिंग ऑफ में प्रतिद्वंद्वी व्यापारियों से जुड़ी वस्तुओं या सेवाओं की प्रकृति, चरित्र या प्रदर्शन के बारे में उपभोक्ताओं की गलत बयानी या धोखा शामिल है।
    • पासिंग ऑफ को साबित करने हेतु मूल मालिक की सद्भावना और प्रतिष्ठा को किसी प्रकार का धोखा या हानि होनी चाहिये।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2019)

  1. भारतीय पेटेंट अधिनियम के अनुसार, किसी बीज को बनाने की जैव प्रक्रिया का भारत में पेटेंट कराया जा सकता है।
  2. भारत में कोई बौद्धिक संपदा अपील बोर्ड नहीं है।
  3. पादप किस्में भारत में पेटेंट कराए जाने की पात्र नहीं हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)

  • भारतीय पेटेंट अधिनियम की धारा 3(J), "पौधों व पशुओं के पूर्ण या विभाजित हिस्से में सूक्ष्मजीवों के अलावा बीज, किस्मों और प्रजातियों तथा अनिवार्य रूप से पौधों एवं पशुओं के उत्पादन या प्रजनन हेतु जैविक प्रक्रियाओं" को पेटेंट से बाहर करती है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • भारतीय व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 और माल के भौगोलिक उपदर्शन (रजिस्ट्रीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 के तहत रजिस्ट्रार के निर्णय के खिलाफ अपील सुनने और हल करने के लिये भारत सरकार द्वारा 2003 में बौद्धिक संपदा अपील बोर्ड (IPAB) का गठन किया गया था। अतः कथन 2 सही नहीं है।
  • पादप विविधता संरक्षण पादप प्रजनक अधिकारों (PBR) के रूप में एक प्रजनक को पादप विविधता का कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। भारत में पौधों की किस्मों और किसानों के अधिकारों का संरक्षण अधिनियम, 2001 (PPVFR) एक विशिष्ट प्रणाली है जिसका उद्देश्य पौधों की किस्मों की सुरक्षा तथा पौधों के प्रजनकों एवं किसानों के अधिकारों के लिये एक प्रभावी प्रणाली की स्थापना करना है। सुई जेनरिस प्रणाली पेटेंट प्रणाली का एक विकल्प है। अतः कथन 3 सही है। अतः विकल्प (C) सही उत्तर है।

मेन्स:

प्रश्न. वैश्वीकृत संसार में, बौद्धिक संपदा अधिकारों का महत्त्व हो जाता है और वे मुकद्दमेबाज़ी का एक स्रोत हो जाते हैं। कॉपीराइट, पेटेंट और व्यापार गुप्तियों के बीच मोटे तौर पर विभेदन कीजिये। (2014)

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