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बाघ और एशियाई जंगली कुत्ते का सह-अस्तित्व

  • 11 Oct 2023
  • 5 min read

स्रोत: द हिंदू

एक हालिया अध्ययन, 'क्या ढोल अर्थात् एशियाई जंगली कुत्ते स्वयं को अपने समस्थानिकों (Sympatric) से पृथक करते/पाते हैं?' 'उष्णकटिबंधीय वनों में आवास उपयोग तथा मांसाहारियों के सह-अस्तित्व', में शोधकर्त्ताओं ने असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर ढोलों या एशियाई जंगली कुत्तों (Cuon alpinus) और बाघों के बीच सह-अस्तित्व के संबंध में एक रोचक अंतर्दृष्टि का खुलासा किया है।

  • यह अध्ययन उन कारकों पर प्रकाश डालता है जो इस विशिष्ट मांसाहार संबंध को आयाम देते हैं और उनकी अन्योन्य क्रिया तथा आवास प्राथमिकताओं में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

अध्ययन के मुख्य तथ्य:

  • असम के मानस नेशनल पार्क में किये गए अध्ययन से ढोल (एशियाई जंगली कुत्तों) और बाघों के बीच एक आश्चर्यजनक सकारात्मक संबंध का पता चला जो विरोधाभासी अन्योन्य क्रिया की पूर्व धारणाओं को चुनौती देता है।
  • ढोल और बाघों के बीच सकारात्मक संबंध का कारण शिकार की उपलब्धता या निवास स्थान की उपयुक्तता की ओवरलैपिंग हो सकते हैं, जो कार्यस्थल पर अधिक जटिल पारिस्थितिक गतिकी का सुझाव देते हुए आगामी शोध की आवश्यकता को भी प्रेरित करता है।
    • शोध के अनुसार, क्लाउडेड लेपर्ड्स (नियोफेलिस नेबुलोसा) के विपरीत सोन कुत्तों/ढोल की गतिविधियों में सामान्य तेंदुओं/लेपर्ड्स के साथ सर्वाधिक अस्थायी समानताएँ पाई गईं।
  • निवास स्थान के नुकसान, शिकार की उपलब्धता में कमी, बीमारी और अन्य प्रजातियों के साथ संघर्ष के परिणामस्वरूप ढोल प्रजाति की आबादी में गिरावट को देखते हुए यह अध्ययन ढोल के संरक्षण हेतु मानस राष्ट्रीय उद्यान के महत्त्व पर ज़ोर देता है।

सोन कुता/ढोल (Dhole):

  • परिचय:
    • ढोल (कुओन अल्पिनस) एक जंगली मांसाहारी जानवर है तथा कैनिडे समूह और स्तनधारी वर्ग से संबंधित है।
  • प्राकृतिक आवास:
    • ढोल मुख्यतः दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में पाए जाते हैं,इनकी एक बड़ी आबादी चीन में निवास करती है। ऐतिहासिक रूप से वे पूरे दक्षिणी रूस और दक्षिण पूर्व एशिया में पाए जाते थे।
    • वर्ष 2020 में किये गए एक अध्ययन के अनुसार, ये भारत में पश्चिमी और पूर्वी घाट, मध्य भारत तथा पूर्वोत्तर भारत में पाए जाते हैं। इनके संरक्षण में कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश राज्यों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
  • संरक्षण स्थिति:
  • मानस राष्ट्रीय उद्यान:
    • यह भारत के असम में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान, प्रोजेक्ट टाइगर रिज़र्व, हाथी रिज़र्व और एक बायोस्फीयर रिज़र्व है। यह भूटान के रॉयल मानस नेशनल पार्क से सीमा साझा करता है।
    • इसे वर्ष 1990 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया तथा वर्ष 1988 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त हुआ।
    • मानस राष्ट्रीय उद्यान में भारतीय प्रजाति के एक सींग वाले गैंडे, एशियाई हाथियों, बाघों, क्लाउडेड लेपर्ड, हूलॉक गिब्बन जैसे जीवों की विविध प्रजातियों को संरक्षित किया जाता है।

 

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न 1. निम्नलिखित रक्षित क्षेत्रों पर विचार कीजिये: (2012)

  1. बांदीपुर
  2. भीतरकणिका
  3. मानस
  4. सुन्दरबन

उपर्युक्त में से कौन से बाघ-आरक्षित क्षेत्र घोषित हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (b)

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