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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

मारिजुआना (Marijuana) निर्मित दवाओं का अध्ययन

  • 24 Nov 2018
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?


भारत के तीन प्रमुख विज्ञान समर्पित संस्थान - वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) हर्बल दवाओं में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिये एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें मारिजुआना से निर्मित नई दवाएँ भी शामिल हैं।

महत्त्वपूर्ण तथ्य

  • इस तरह के पहले अध्ययनों में CSIR और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (IIIM) तथा टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC), मुंबई के भी संयुक्त रूप से शामिल होने की संभावना है।
  • शोधकर्त्ताओं द्वारा जम्मू के CSIR-IIIM परिसर में उगाए जाने वाले मारिजुआना से उम्मीद है कि यह स्तन कैंसर, सिकल सेल एनीमिया के साथ-साथ "बायो-समकक्ष" के उपचार में समान रूप से प्रभावी हो सकता है।
  • उल्लेखनीय है कि मारिजुआना से निर्मित दवाएँ पहले से ही संयुक्त राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) द्वारा अनुमोदित हैं।
  • मारिजुआना को औपचारिक रूप से वाणिज्यिक खेती हेतु अवैध मान जाता है, हालाँकि, यह देश के कई हिस्सों में खरपतवार के रूप में अक्सर देखने को मिल जाता है।

मारिजुआना (Marijuana/Cannabis)

  • मारिजुआना को कई देशों में नशे के रूप में प्रयोग किया जाता है और यही कारण है कि यह कई देशों में प्रतिबंधित है।
  • मारिजुआना को कैनबिस, गांजा और भांग के नामों से भी पुकारा जाता है।
  • इसका उपयोग कीमोथेरेपी के वक्त मतली और उल्टी कम करने, एचआईवी / एड्स के रोगियों में भूख सुधार और माँसपेशियों की ऐंठन को दूर करने हेतु भी किया जाता है।
  • उत्तराखंड, जम्मू और इसी महीने उत्तर प्रदेश ने भी चिकित्सा अनुसंधान के लिये इस पौधे की प्रतिबंधित खेती को पुनः अनुमति प्रदान की है।
  • मारिजुआना की चिकित्सकीय क्षमता के विषय में अध्ययन से जड़ी बूटियों और पौधों से प्राप्त नई दवाओं को बनाने के लिये यह एक बड़ा सरकारी प्रयास है जिसका वर्णन आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक दवा निर्माण प्रणालियों में किया गया है।

अध्ययन में शामिल प्रमुख संस्थानों के विषय में


वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR)
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में अपने अग्रणी अनुसंधान एवं विकास ज्ञानाधार के लिये ज्ञात यह एक समसामयिक अनुसंधान एवं विकास संगठन है।
  • सीएसआईआर रेडियो और अंतरिक्ष भौतिकी, महासागर विज्ञान, भूभौतिकी, रसायन, औषध, जीनोमिकी, जैव-प्रौद्योगिकी और नैनो-प्रौद्योगिकी से लेकर खनन, वैमानिकी उपकरण, पर्यावरणीय इंजीनियरिंग तथा सूचना प्रौद्योगिकी तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के व्‍यापक विषयों व क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR)
  • ICMR जैव चिकित्सा अनुसंधान के समन्वय और प्रचार के लिये दुनिया के सबसे पुराने चिकित्सा अनुसंधान निकायों में से एक है जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
  • इसे भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग द्वारा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से वित्तपोषित किया जाता है।
बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT)
  • DBT विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक भारतीय सरकारी विभाग एवं नोडल एजेंसी है जो अनुसंधान विज्ञान और जीवन विज्ञान में इसके अनुप्रयोगों का समर्थन करता है तथा देश में जैव प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग को गति को बढ़ावा देता है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 1986 में की गई थी।

स्रोत द हिंदू , इंडियन एक्सप्रेस

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