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भारतीय इतिहास

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

  • 17 Mar 2021
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में गुजरात के नर्मदा ज़िले के केवडिया में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ’ (वर्ष 2018 में उद्घाटन से अब तक) को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या 50 लाख से अधिक हो चुकी है।

  • 31 अक्तूबर 2020 को गुजरात में भारत की पहली सीप्लेन सेवा (First Seaplane Service) शुरू हुई। यह अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट (Sabarmati Riverfront) को केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) से जोड़ती है।

प्रमुख बिंदु:

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में:

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में किया गया है। स्वतंत्र भारत में 560 रियासतों को एकजुट करने का श्रेय सरदार पटेल को दिया जाता है, इसलिये इस प्रतिमा का नाम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ’रखा गया है।
  • सरदार पटेल की 143वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्तूबर, 2018 को इसका उद्घाटन किया गया।

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊंँची (182 मीटर) मूर्ति है।  यह चीन की स्प्रिंग टेम्पल बुद्ध प्रतिमा (Spring Temple Buddha statue) से 23 मीटर ऊंँची तथा अमेरिका में स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (93 मीटर लंबा) की ऊंँचाई की लगभग दोगुनी है।

  • जनवरी 2020 में इसे शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation- SCO) के आठ अजूबों में शामिल किया गया था।

अवस्थिति:

  • यह नर्मदा नदी जो कि सतपुड़ा और विंध्य पर्वत शृंखलाओं के मध्य बहती है, के साधू बेट द्वीप (Sadhu Bet island) पर स्थित है। 

डिज़ाइन:

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का डिज़ाइन पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्तकर्त्ता मूर्तिकार राम वी सुतार द्वारा तैयार किया गया था और इस प्रतिमा का जटिल कांस्य क्लैडिंग कार्य चीनी फाउंड्री, जियांग्शी टॉकाइन कंपनी (Jiangxi Toqine Company- JTQ) द्वारा किया गया।

सरदार वल्लभ भाई पटेल:

जन्म: 

  • सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्तूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था।

उपलब्धियांँ:

  • सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री बने। 
  • वह भारतीय संविधान सभा की निम्नलिखित समितियों के प्रमुख रहे: 
    • मौलिक अधिकारों पर सलाहकार समिति।
    • अल्पसंख्यकों और जनजातीय तथा बहिष्कृत क्षेत्रों पर नियुक्त समिति।
    • प्रांतीय संविधान समिति।
  • राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में खेड़ा सत्याग्रह (1918) और बारदोली सत्याग्रह (1928) के मुद्दों पर किसानों को एकत्रित करना। 
  • बारदोली की महिलाओं द्वारा वल्लभ भाई पटेल को  'सरदार' की उपाधि से सम्मानित किया गया, जिसका अर्थ है ' प्रमुख या नेता'। 
  •  भारतीय रियासतों को भारतीय महासंघ में एकीकरण के लिये राज़ी करने तथा इस कार्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु सरदार पटेल को ‘भारत के लौह पुरुष’ (Iron Man of India) के रूप में जाना जाता है।
  • उन्होंने भारत को एक अग्रणी भारत (श्रेष्ठ भारत) बनाने हेतु भारतीय लोगों से एकजुट होने का अनुरोध किया।
  • यह विचारधारा वर्तमान में आत्मनिर्भर भारत पहल (Atmanirbhar Bharat Initiative) के रूप में परिलक्षित है जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करती है।
  • सरदार पटेल को आधुनिक अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना करने हेतु ‘भारतीय  सिविल सेवकों के संरक्षक संत' (Patron Saint of India’s Civil Servants) के रूप में भी जाना जाता है।  

मृत्यु:

  • सरदार पटेल की मृत्यु 15 दिसंबर, 1950 को बॉम्बे (वर्तमान मुंबई ) में हुई।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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