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स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक रिपोर्ट

  • 01 Oct 2019
  • 3 min read

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में नीति आयोग ने स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (School Education Quality Index) रैंकिंग जारी की। रैंकिंग के अनुसार, देश भर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में भारी अंतर पाया गया है।

प्रमुख बिंदु:

  • रैंकिंग के अनुसार, 20 बड़े राज्यों में केरल 76.6% के स्कोर के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन कर प्रथम स्थान पर रहा जबकि उत्तर प्रदेश 36.4% के स्कोर के साथ अंतिम स्थान पर रहा।
  • हरियाणा, असम और उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2016-17 में अपने प्रदर्शन में सबसे अधिक सुधार किया है।
  • स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक- सीखने की प्रक्रिया, पहुँच, समता, बुनियादी ढाँचे की सुविधाओं, राज्य द्वारा किये गए सर्वेक्षण के आँकड़े और तीसरे पक्ष के सत्यापन के आधार पर तैयार रिपोर्ट में प्रयोग किये गए आँकड़ो के आधार पर राज्यों का आकलन करता है।

स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक

(School Education Quality Index- SEQI)

  • स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक एक समग्र सूचकांक है जो नीति आयोग और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संकल्पित तथा डिज़ाइन किये गए शिक्षा गुणवत्ता के प्रमुख डोमेन के आधार पर राज्यों के वार्षिक सुधारों का आकलन करता है।
  • सूचकांक का उद्देश्य राज्यों के फोकस को निवेश (Input) से परिणाम (Output) की ओर स्थानांतरित करने के साथ ही निरंतर वार्षिक सुधारों के लिये मानक प्रदान करना, गुणवत्ता में सुधार, सर्वोत्तम साधनों को साझा करना तथा राज्य के नेतृत्व वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करना है।
  • भारत में प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता के सटीक आकलन के लिये स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक को दो श्रेणियों- परिणाम तथा शासन एवं प्रबंधन में विभाजित किया गया है।
  • सूचकांक में 34 संकेतक और 1000 अंक हैं, जिसमें सीखने की प्रक्रिया को सबसे अधिक (1000 में से 600 अंक) भारांक दिया गया है।
  • तमिलनाडु पहुँच, समता और परिणाम (Outcome), जबकि कर्नाटक सीखने की प्रक्रिया तथा हरियाणा बुनियादी सुविधा संकेतक के आधार पर शीर्ष प्रदर्शनकर्त्ता रहे।
  • छोटे राज्यों में मणिपुर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्त्ता के रूप में उभरा, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में चंडीगढ़ शीर्ष स्थान पर है।
  • पश्चिम बंगाल ने मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेने से इनकार कर दिया और उसे रैंकिंग में शामिल नहीं किया गया है।

स्रोत: द हिंदू

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