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रेणुकाजी बांध परियोजना

  • 12 Jan 2019
  • 2 min read

चर्चा में क्यों?


हाल ही में छः राज्यों- दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान ने रेणुकाजी बांध बहुद्देशीय परियोजना (Renuka Multipurpose Dam Project) के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये।


प्रमुख बिंदु

  • रेणुकाजी बांध परियोजना हिमाचल प्रदेश के सिरमोर ज़िले में यमुना की सहायक गिरि नदी पर निर्मित की जाएगी।
  • इस परियोजना के अंतर्गत 148 मीटर ऊँचा बांध बनाया जाएगा तथा इससे दिल्ली व अन्य बेसिन राज्यों को 23 क्यूसेक जल की आपूर्ति की जाएगी।
  • उच्च प्रवाह के दौरान परियोजना से 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
  • बिजली परियोजना का निर्माण हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम (Himachal Pradesh Power Corporation Ltd.) द्वारा किया जाएगा।
  • रेणुकाजी बांध की संग्रहण क्षमता 0.404 मिलियन एकड़ फुट है और हिमाचल प्रदेश में इस बांध का डूब क्षेत्र 1508 हेक्टेयर है।

लाभ

  • बांध निर्माण के पश्चात गिरि नदी के प्रवाह में 110 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह दिल्ली व अन्य बेसिन राज्यों के जल की जरूरत को पूरा करेगी।

पृष्ठभूमि

  • रेणुकाजी बांध परियोजना यमुना और इसकी दो सहायक नदियों– टोंस और गिरि पर बनाई जाने वाली संग्रह परियोजनाओं का हिस्सा है। अन्य दो परियोजनाएँ- यमुना नदी पर लखवार परियोजना तथा टोंस नदी पर किसाऊ परियोजना है।
  • वर्ष 2008 में इन तीनों परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजनाओं का दर्ज़ा दिया गया था जिसके तहत सिंचाई एवं पेयजल घटक की लागत का 90% वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता के रूप में तथा शेष 10% लाभार्थी राज्य द्वारा वहन किया जाएगा।

स्रोत : पी.आई.बी

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