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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 29 फरवरी, 2020

  • 29 Feb 2020
  • 4 min read

पूर्वी आंचलिक परिषद की 24वीं बैठक

पूर्वी आंचलिक परिषद की 24वीं बैठक भुवनेश्वर में 28 फरवरी, 2020 को आयोजित की गई। पूर्वी आंचलिक परिषद में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल होते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस बैठक के अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इसके उपाध्यक्ष थे। परिषद की बैठक के दौरान लगभग 4 दर्जन 40 से अधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें परस्पर अंतर-राज्य जल मुद्दे, कोयले की खानों और उनके परिचालन पर रॉयल्टी, रेल परियोजनाओं की भूमि एवं वन मंज़ूरी, जघन्य अपराधों की जाँच और देश की सीमाओं के रास्ते मवेशियों की तस्करी आदि प्रमुख हैं। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत वर्ष 1957 में पाँच आंचलिक परिषदों की स्थापना की गई थी।

एस. एन. श्रीवास्तव

दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) एस. एन. श्रीवास्तव को राजधानी का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। ध्यातव्य है कि दिल्ली के मौजूदा पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक 29 फरवरी, 2020 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 1985 बैच के IPS अधिकारी एस. एन. श्रीवास्तव अभी तक CRPF (ट्रेनिंग) जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। दिल्ली में हो रही हिंसा के बीच उन्हें दिल्ली का स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) बनाया गया था। इससे पूर्व एस. एन. श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में भी कार्य कर चुके हैं। स्पेशल सेल में रहते हुए उन्होंने दिल्ली में IPL मैच में फिक्सिंग का खुलासा किया था।

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी

उत्तर प्रदेश सरकार ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी के नाम में बदलाव के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी-फारसी यूनिवर्सिटी का नया नाम ‘ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय’ किया जाएगा। इस संदर्भ में राज्य सरकार ने राज्य विश्वविद्यालय कानून-1973 में संशोधन कर दिया है। नाम परिवर्तन को लेकर सरकार का तर्क है कि ऐसा करने से छात्रों के लिये रोज़गार सृजन का विस्तार होगा। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी-फारसी यूनिवर्सिटी एक राज्य विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना वर्ष 2013 में की गई थी।

लीप वर्ष (Leap Year)

लीप वर्ष (अधिवर्ष) हर चार वर्ष बाद आने वाला वर्ष है जिसमें वर्ष में 366 दिन तथा फरवरी माह में 29 दिन होते हैं। दरअसल पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 365 दिन और करीब 6 घंटे लगते है। ऐसा होने से हर चार साल में एक दिन अधिक हो जाता है, अतः प्रत्येक चार साल बाद फरवरी माह में एक अतिरिक्त दिन को जोड़कर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाती है। अगला लीप वर्ष 2024 में मनाया जाएगा।

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