IAS प्रिलिम्स ऑनलाइन कोर्स (Pendrive)
ध्यान दें:
65 वीं बी.पी.एस.सी संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा - उत्तर कुंजी.बी .पी.एस.सी. परीक्षा 63वीं चयनित उम्मीदवारअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.63 वीं बी .पी.एस.सी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा - अंतिम परिणामबिहार लोक सेवा आयोग - प्रारंभिक परीक्षा (65वीं) - 2019- करेंट अफेयर्सउत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) मुख्य परीक्षा मॉडल पेपर 2018यूपीएससी (मुख्य) परीक्षा,2019 के लिये संभावित निबंधसिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2019 - मॉडल पेपरUPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़Result: Civil Services (Preliminary) Examination, 2019.Download: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा - 2019 (प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजी).

डेली अपडेट्स

प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स : 14 दिसंबर 2018

  • 14 Dec 2018
  • 6 min read

स्पेसशिपटू (SpaceShipTwo)

Paceshiptwo

वर्जिन गैलेक्टिक का अंतरिक्षयान कैलिफ़ोर्निया के मोजावे रेगिस्तान (Mojave Desert) से 50 मील की ऊँचाई पर पहुँचा।

  • स्पेसशिपटू (SpaceShipTwo) नामक यह यान लगभग 51 मील (82 किलोमीटर) की ऊँचाई पर पहुँच चुका था।
  • इस यान ने पृथ्वी के वायुमंडल की लगभग तीन परतों को पार करने के लिये ध्वनि की गति से 2.9 गुना तेज रफ़्तार (2,200 मील प्रति घंटा) से उड़ान भरी।
  • यह यान 51.4 मील की ऊँचाई (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की परिभाषा के तहत यहाँ से अंतरिक्ष की शुरुआत होती है) पर तो पहुँचा, लेकिन अंतरिक्ष के शुरू होने की व्यापक रूप से स्वीकार्य सीमा से नीचे ही रहा। उल्लेखनीय है कि अंतरिक्ष की व्यापक रूप से स्वीकार्य सीमा पृथ्वी से 62 मील की ऊँचाई पर शुरू होती है।
  • यह अंतरिक्ष पर्यटन को एक बड़े व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की कल्पना को वास्तविकता में बदलने की दौड़ में एक महत्त्वपूर्ण कामयाबी है।

बो घोषणापत्र (Boe Declaration)

  • जलवायु परिवर्तन के प्रति अतिसंवेदनशील प्रशांत महासागरीय देशों ने ऑस्ट्रेलिया से 12 वर्षों के अंदर कोयले से बिजली उत्पादन का बहिष्कार करने और मौज़ूदा कोयला संयंत्रों या नए संयंत्रों के विस्तार को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया है।
  • हाल ही में, तुवालु (Tuvalu) ने ऑस्ट्रेलिया से क्वींसलैंड (Queensland) में कारमीचेल (Carmichael) खान के लिये अडानी परियोजना जैसी नई खानों को खोलने से बचने का आग्रह किया है। इसने बो घोषणापत्र (Boe Declaration) का भी ज़िक्र किया है जिस पर ऑस्ट्रेलिया ने सितंबर में  हस्ताक्षर किये थे।

Brisbane

  • ‘प्रशांत द्वीपसमूह फोरम’ (Pacific Islands Forum) के ‘बो घोषणा’ के अंतर्गत इस बात की पुष्टि की गई थी कि जलवायु परिवर्तन, प्रशांत के लोगों की आजीविका, सुरक्षा और कल्याण के लिये सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।
  • बो घोषणा वर्ष 2000 की बिकतेवा घोषणा (Biketawa Declaration) की प्रतिबद्धताओं और सिद्धांतों को मान्यता देती है और उनकी पुष्टि करती है।

बिकतेवा घोषणा (Biketawa Declaration)

  • यह क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु एक समन्वयित ढाँचे का गठन करने हेतु प्रशांत द्वीपसमूह फोरम के सभी नेताओं द्वारा स्वीकृत एक घोषणा है।
  • अक्तूबर 2000 में किरिबाती में आयोजित प्रशांत द्वीपसमूह फोरम के 31वें शिखर सम्मेलन में इस घोषणा को स्वीकृत किया गया।
  • इसके प्रमुख सिद्धांतों में निम्नलिखित शामिल हैं: सुशासन के प्रति वचनबद्धता, कानून के तहत व्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संस्थानों को कायम रखना तथा सदस्य देशों की भेद्यता को उनकी सुरक्षा के प्रति खतरे के रूप में चिन्हित करना।

प्रशांत द्वीपसमूह फोरम (Pacific Islands Forum)

  • प्रशांत द्वीपसमूह फोरम (Pacific Islands Forum), इस क्षेत्र का प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक नीति संगठन है, इसकी स्थापना 1971 में की गई थी।
  • इसमें 18 सदस्य शामिल हैं: ऑस्ट्रेलिया, कुक द्वीप समूह (Cook Islands), संघीय राज्य माइक्रोनेशिया (Federated States of Micronesia), फिजी, फ्रेंच पॉलिनेशिया (French Polynesia), किरिबाती, नौरू (Nauru), न्यू कैलेडोनिया (New Caledonia), न्यूजीलैंड, नियू (Niue), पलाऊ (Palau), पापुआ न्यू गिनी (Papua New Guinea), मार्शल द्वीप समूह गणराज्य, समोआ (Samoa), सोलोमन द्वीप समूह (Solomon Islands), टोंगा (Tonga), तुवालु (Tuvalu), और वानुअतु (Vanuatu)।
  • प्रशांत द्वीपसमूह फोरम का उद्देश्य शांति, सद्भाव, सुरक्षा, सामाजिक समावेश और समृद्धि के क्षेत्र हेतु अपने सदस्यों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकारों के बीच सहयोग करना और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहभागिता स्थापित करना ताकि इस क्षेत्र के सभी लोग स्वतंत्र, स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन जी सकें।

भारत-म्याँमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग (India-Myanmar-Thailand Trilateral Highway)

India Mayanmar Thailand


हाल ही में थाईलैंड के राजदूत द्वारा भारत, म्याँमार और थाईलैंड मोटर वाहन समझौते पर बातचीत तेज़ करने पर ज़ोर दिया गया।

  • लगभग 1,400 किलोमीटर के त्रिपक्षीय राजमार्ग का लक्ष्य दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापार को व्यापक बढ़ावा देना है और यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East) नीति का एक अभिन्न हिस्सा है।
  • इस परियोजना का 2021 तक पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इस परियोजना को लागू करने के लिये भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) को तकनीकी कार्यान्वयन एजेंसी और परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता नियुक्त किया गया है।
एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close