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भारतीय राजनीति

राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने की ECI की शक्ति

  • 24 May 2024
  • 13 min read

प्रिलिम्स के लिये:

भारत निर्वाचन आयोग (ECI), आदर्श आचार संहिता (MCC), स्टार प्रचारक, राजनीतिक दल, भारतीय संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951, राष्ट्रीय पार्टी, राज्य पार्टी, चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968, आयकर अधिनियम, 1961, सर्वोच्च न्यायालय

मेन्स के लिये:

मनी लॉन्ड्रिंग, MCC उल्लंघन, चुनाव सुधार, विधि आयोग, राजनीतिक दल के पंजीकरण रद्द करने में मुद्दे

स्रोत: द हिंदू

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India- ECI) ने आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct- MCC) के प्रवर्तन पर रिपोर्ट जारी की, जिसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया कि स्टार प्रचारकों से उदाहरण के साथ नेतृत्व करने और सामाजिक सद्भाव को बाधित न करने की उम्मीद की जाती है।

  • इस बयान ने पार्टियों का पंजीकरण रद्द करने की क्षमता सहित MCC उल्लंघनों को संबोधित करने के ECI के अधिकार के बारे में बहस छेड़ दी है।

राजनीतिक दलों की मान्यता को रद्द करने का क्या तात्पर्य है?

  • परिचय:
    • मान्यता रद्द करने का तात्पर्य ECI द्वारा किसी राजनीतिक दल की मान्यता वापस लेने से है।
    • ऐसी पार्टियों को सीधे तौर पर पंजीकृत-गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल घोषित कर दिया जाता है।
      • ये पार्टियाँ चुनाव लड़ने के लिये पात्र होती हैं लेकिन मान्यता प्राप्त पार्टी के विशेषाधिकार खो देती है।
    • यदि कोई राजनीतिक दल भारतीय संविधान या लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है तो ECI के पास उसकी मान्यता रद्द करने की शक्ति है।
  • मान्यता प्राप्त पार्टी:
    • एक पंजीकृत दल को पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (Registered Unrecognised Political Party- RUPP) कहा जाता है।
    • ECI द्वारा चुनाव प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 (प्रतीक आदेश) के प्रावधानों के तहत राजनीतिक दलों को 'राष्ट्रीय' या राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता दी जाती है।
    • 'राष्ट्रीय' या 'राज्य' स्तर पर मान्यता के मानदंड में लोकसभा या राज्य विधानसभा के आम चुनाव में अपेक्षित संख्या में सीटें जीतना और/या मत का आवश्यक प्रतिशत प्राप्त करना शामिल है।
    • ECI के अनुसार, वर्तमान में भारत में 2,790 सक्रिय पंजीकृत राजनीतिक दल हैं।
      • इन मान्यता प्राप्त दलों को चुनाव के दौरान आरक्षित चुनाव चिह्न और चालीस 'स्टार प्रचारक' रखने की अतिरिक्त रियायतें मिलती हैं।
      • 1998 के लोकसभा चुनावों के बाद से उन्हें चुनावों के दौरान राज्य के स्वामित्व वाले टेलीविज़न और रेडियो का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने की भी अनुमति प्राप्त है।
  • किसी राजनीतिक दल की राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता रद्द करने का आधार:
    • यदि पार्टी लोकसभा या संबंधित राज्य की विधानसभा के आम चुनाव में डाले गए कुल वोटों का कम से कम 6% वोट प्राप्त करने में विफल रहती है और यदि वह पिछले लोकसभा चुनावों में कम से कम 4 सांसद निर्वाचित कराने में विफल रहती है (तो भी वह उसी राज्य से लोकसभा में एक भी सीट नहीं जीतती।); या
    • यदि उसने कम से कम 3 राज्यों से लोकसभा की कुल सीटों में से कम से कम 2% सीटें जीती हैं।
    • यदि यह राज्य से लोकसभा के आम चुनाव में या राज्य से विधानसभा में राज्य में डाले गए कुल वैध वोटों का 8% प्राप्त करने में विफल रहता है।
    • यदि पार्टी अपने अंकेक्षित खाते समय पर भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत करने में विफल रहती है।
    • यदि पार्टी अपने संगठनात्मक चुनाव (आंतरिक पार्टी चुनाव) समय पर कराने में विफल रहती है।

POLITICAL_PARTY_SYSTEM

नोट: 

  • प्रतीक आदेश (Symbols Order), 1968 के पैराग्राफ 16A के तहत, भारत निर्वाचन आयोग के पास  MCC का पालन करने या आयोग के वैध निर्देशों का पालन करने में विफलता के लिये किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की मान्यता को निलंबित करने या वापस लेने की शक्ति है।

राजनीतिक दल के पंजीकरण रद्द करने से क्या तात्पर्य है?

  • परिचय:
    • पंजीकरण रद्द करने का तात्पर्य किसी राजनीतिक दल के पंजीकरण को रद्द करने से है।
      • हालाँकि, ECI को दलों का पंजीकरण रद्द करने का अधिकार नहीं है।
    • एक बार जब कोई राजनीतिक दल अपंजीकृत हो जाता है, तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता है।
  • पंजीकृत दल:
    • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act- RP Act) की धारा 29A ECI के साथ एक राजनीतिक दल के पंजीकरण के लिये आवश्यकताओं को निर्धारित करती है।
    • जो भी राजनीतिक दल ECI में अपना पंजीकरण चाहता है उसे अपने दल के संविधान की एक प्रति जमा करनी होगी।
      • ऐसे दस्तावेज़ में यह घोषणा होनी चाहिये कि राजनितिक दल भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा का पालन करेगाI 
      • इसे समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति भी निष्ठा रखनी चाहिये तथा भारत की संप्रभुता, एकता एवं अखंडता को बनाए रखना चाहिये।
    • पंजीकृत राजनीतिक दल निम्नलिखित कानूनी लाभ प्राप्त करते हैं:
      • आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 13A के तहत प्राप्त दान राशि पर कर में छूट।
      • लोकसभा या राज्य विधानसभाओं के आम चुनाव लड़ने के लिये सामान्य चुनाव चिन्हI 
      • चुनाव प्रचार के दौरान 20 'स्टार प्रचारकों' को अनुमति
  • राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने के आधार:
    • किसी पार्टी का पंजीकरण तभी रद्द किया जा सकता है, जब:
      • इसका पंजीकरण धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया हो,
      • इसे केंद्र सरकार द्वारा अवैध घोषित किया गया है,
      • एक दल अपने आंतरिक संविधान को संशोधित करता है और भारतीय संविधान का पालन करने से इनकार करता है।
  • ECI की शक्तियाँ: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम ECI को चुनाव नहीं लड़ने, दल के आंतरिक चुनाव कराने या आवश्यक रिटर्न जमा नहीं करने पर किसी राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने का अधिकार नहीं देता है।
    • भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस बनाम समाज कल्याण संस्थान, 2002 में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि ECI के पास जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत किसी भी राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने की शक्ति नहीं है।

राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की क्या आवश्यकता है? 

  • एक तिहाई से भी कम पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (Registered Unrecognized Political Parties- RUPP) चुनावों में भाग लेते हैं।
    • यह आयकर में मिलने वाली छूट के संभावित दुरुपयोग और एकत्र किये गए धन का उपयोग धन शोधन (Money Laundering) के लिये किये जाने पर चिंता व्यक्त करता है।
  • मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अक्सर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग केवल नेताओं को एक संक्षिप्त अवधि के लिये प्रचार करने से रोक सकता है।
    • आदर्श आचार संहिता वोटों के लिये जाति और सांप्रदायिक भावनाओं का शोषण करने के साथ-साथ मतदाताओं को रिश्वत देने तथा डराने-धमकाने से रोकता है।
  • पंजीकरण तंत्र निष्क्रिय संस्थाओं को हटाकर चुनावी अखंडता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है, जिससे पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बढ़ती है।
  • पंजीकृत लेकिन निष्क्रिय राजनीतिक दलों का प्रसार वास्तविक भागीदारी की कमी के कारण चुनावी प्रक्रिया को क्षतिग्रस्त करके लोकतंत्र को कमज़ोर करता है।

आगे की राह

  • चुनाव सुधारों के लिये अपने ज्ञापन (वर्ष 2016) में ECI ने कानून में संशोधन का सुझाव दिया है, जो ECI को किसी दल का पंजीकरण रद्द करने का अधिकार देगा।
  • विधि आयोग ने 'चुनावी सुधार' पर अपनी 255वीं रिपोर्ट (वर्ष 2015) में किसी राजनीतिक दल के लगातार 10 वर्षों तक चुनाव लड़ने में विफल रहने पर उसका पंजीकरण रद्द करने के लिये संशोधन की भी सिफारिश की है।
  • वर्ष 2016 में आयोग ने पंजीकृत, गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की पहचान करने का प्रयास शुरू किया, जिन्होंने वर्ष 2005 से वर्ष 2015 तक किसी भी चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे, जिसका उद्देश्य केवल कर छूट लाभ के लिये बने कागज़ी राजनीतिक दलों के गठन को हतोत्साहित करना था।
    • निष्क्रिय दलों को बाहर करने के लिये इसी तरह की प्रक्रिया नियमित आधार पर की जा सकती है।
  • पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एस. कृष्णमूर्ति ने निष्क्रिय राजनीतिक दलों को हतोत्साहित करने के लिये सभी दानदाताओं से योगदान की अनुमति देने और चुनाव परिणामों के आधार पर दलों को धन वितरित करने के लिये राष्ट्रीय निर्वाचन कोष को राज्य वित्तपोषण के एक संभावित विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया।
  • 170वें विधि आयोग की रिपोर्ट में RPA में धारा 78A शामिल करने की सिफारिश की गई और खातों के रखरखाव में चूक करने वाले राजनीतिक दलों के लिये दंड का प्रस्ताव किया गया।
    • इसे जारी रखते हुए और अधिक पारदर्शिता के लिये ECI को राजनीतिक दलों के खातों का ऑडिट करने की शक्ति दी जानी चाहिये।

दृष्टि मेन्स प्रश्न:

प्रश्न. चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों के आचरण को विनियमित करने में निर्वाचन आयोग के समक्ष आने वाली चुनौतियों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये और चुनावी अखंडता बनाए रखने में इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिये सुधारों का सुझाव दीजिये।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न   

मेन्स:

प्रश्न. "लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अंतर्गत भ्रष्ट आचरण के दोषी व्यक्तियों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया के सरलीकरण की आवश्यकता है"। टिप्पणी कीजिये। (2020)

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