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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

ऑपरेशन संजीवनी

  • 03 Apr 2020
  • 4 min read

प्रीलिम्स के लिये:

ऑपरेशन संजीवनी, ऑपरेशन राहत, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन नीर

मेन्स के लिये:

भारत-मालदीव संबंध 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय वायु सेना (Indian Air Force- IAF)  ने ‘ऑपरेशन संजीवनी’ (Operation Sanjeevani) के माध्यम से आवश्यक दवाइयों तथा अस्पताल के उपयोग संबंधी 6.2 टन सामग्री को मालदीव पहुँचाया।

मुख्य बिंदु:

  • दवाइयों तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं को भारत में आठ आपूर्तिकर्ताओं से खरीदा गया था, लेकिन COVID- 19 महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के कारण किसी अन्य माध्यम से इन्हे मालदीव ले जाना संभव नहीं हो सकता था।
  • मालदीव की सरकार के अनुरोध पर, वायुसेना ने ‘ऑपरेशन संजीवनी’ प्रारंभ किया तथा परिवहन विमान C-130J के माध्यम से मालदीव की उड़ान से पहले नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और मदुरै में हवाई अड्डों से इन दवाओं को एयर-लिफ्टिंग की।
  • कुछ समय पूर्व ही भारत ने सेना के 14-सदस्यीय मेडिकल दल को एक वायरल परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिये मालदीव भेजा था। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा मालदीव को 5.5 टन आवश्यक दवाएँ उपहार के रूप में भेंट की गईं।

सरकार की अन्य पहल: 

  • COVID- 19 महामारी पर कार्य कर स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा से संबंधित उपकरणों का आयात करने में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों की मदद करने के लिये भी भारत सरकार ने कदम उठाए हैं। इसके लिये भारत सरकार ने एयर इंडिया की शंघाई तथा हांगकांग कार्गो उड़ान संचालित करने के लिये चीन से मंज़ूरी प्राप्त कर ली है।

ऑपरेशन नीर (Operation Neer): 

  • 04 सितंबर 2014 को माले (मालदीव) को अपने मुख्य RO प्लांट के खराब होने से गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। संयंत्र के पुनः चालू होने तक शहर को प्रतिदिन केवल 100 टन पानी के साथ निर्वाह करना पड़ रहा था।
  • मालदीव सरकार के अनुरोध पर, भारतीय वायुसेना ने तीन C-17 तथा तीन IL- 76 विमानों को दिल्ली से अराक्कोनम (Arakkonam) तथा उसके बाद माले तक एयरलिफ्ट करने के लिये तैनात किया गया। 05-07 सितंबर के बीच, IAF ने माले को 374 टन पीने के पानी की आपूर्ति की।

ऑपरेशन कैक्टस (Operation Cactus):

  • 3 नवंबर, 1988 की रात को भारतीय वायु सेना ने मालदीव के लिये इस अभियान को शुरू किया। मालदीव द्वारा भाड़े के आक्रमणकारियों (Mercenary Invasion) के खिलाफ सैन्य मदद की अपील करने पर IAF के IL-76s, An- 2s, An-32s ने त्रिवेंद्रम से मालदीव के लिये उड़ान भरी, जबकि IAF मिराज 2000s द्वारा आसपास के द्वीपों पर निगरानी की गई। 
  • इस ऑपरेशन ने भारतीय वायुसेना की सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता को प्रदर्शित किया।

ऑपरेशन राहत (Operation Rahat):

  • अरब बलों के गठबंधन (Coalition Arab Forces) ने मार्च 2015 में यमन में हवाई हमले शुरू कर दिये। ऐसे में यमन के विभिन्न स्थानों पर फँसे 4000 से अधिक भारतीय नागरिकों को तत्काल निकाले जाने की आवश्यकता थी। 
  • भारतीय नागरिकों की निकासी के लिये विदेश मंत्रालय, भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और एयर इंडिया की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को पूरा करने पर कार्य किया। 

स्रोत: द हिंदू

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