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ऐतिहासिक इमारत ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिये बड़े कदम उठाए गए

  • 17 Jul 2018
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

वायु प्रदूषण के कारण ताजमहल के पीले होते रंग पर नियंत्रण के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने योजनाएँ तैयार की हैं। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि आगरा को ऐसे शहर में परिवर्तित किया जाएगा जो केवल "जैव ईंधन" पर निर्भर करता है। इसके अलावा, गडकरी ने 4,000 करोड़ रुपए की 36 परियोजनाओं की भी घोषणा की है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु 

  • दो प्रमुख मुद्दों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन इकाइयों की अधिक संख्या  और वायु प्रदूषण के कारण ताजमहल के रंग में पीलेपन की समस्या के समाधान हेतु सरकार ने जैव ईंधन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है|
  • गडकरी ने जल प्रदूषण की समस्या को हल करने के लिये दिसंबर की समयसीमा तय की है जो इस प्रतिष्ठित स्मारक को प्रभावित कर रहा है।
  • सरकार ने ताजमहल के आसपास औद्योगिक प्रदूषण के मुद्दे को देखने के लिये पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों, NEERI, IIT और कई अन्य मंचों के विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है| समिति की अध्यक्षता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सी.के. मिश्रा करेंगे।
  • हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण की स्थिति में सुधार न होने पर केंद्र और राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए आगरा के कमिश्नर और डीएम को तलब किया है। 
  • ताजमहल के संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की चिंता दो दशक से भी ज़्यादा पुरानी है। 1996 में ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया था। 

जैव ईंधन पर निर्भरता की घोषणा 

  • सरकार का मानना है कि यूपी में चीनी का उत्पादन काफी मात्रा में किया जाता है इसलिये  चीनी के बजाय  इथेनॉल के उत्पादन पर ज़ोर दिया जाएगा|
  • इथेनॉल शुगर के किण्वन द्वारा उत्पादित किया जाता है। यह लागत प्रभावी, प्रदूषण रहित और स्वदेशी होगी| अनुमान लगाया गया है कि अगले पाँच वर्षों में 1,000 औद्योगिक इकाइयाँ खुल जाएंगी  जिसमें 1 लाख करोड़ लीटर ईथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है।
  • एक अंतर्देशीय जलमार्ग और एक नदी बंदरगाह के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई है। सिंगापुर की तर्ज पर दुनिया का सबसे बड़ा गार्डन स्थापित करने की भी योजना है। अन्य मंत्रालयों सहित नीति आयोग इसका  विवरण तैयार कर रहा है।
  • वायु प्रदूषण से निपटने के लिये आगरा में जैव ईंधन, हरित ईंधन और बिजली से चालित वाहनों के उपयोग को लोकप्रिय बनाया जाएगा|
  • अन्य उपायों में वनीकरण, रबड़ बांध का निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा दिल्ली में यमुना नदी के किनारे 35 किमी. लंबा गार्डन विकसित करना शामिल है।
  • पड़ोसी राजस्थान और यूपी के भीतर कई उद्योग (इकाइयाँ) हैं। इनमें से खतरनाक इकाइयों को निश्चित रूप से बंद कर दिया जाएगा  लेकिन जो निर्धारित मानक पर खरे उतारते हैं और प्रदूषण स्तर को कम करते हैं, उन पर विचार किया जाएगा| एक विशेषज्ञ समिति इस मामले को देखेगी|
  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, मानव संसाधन विकास मंत्री (राज्य) तथा बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वार्ता में भाग लिया।
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