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इंडिया रैंकिंग्स- 2021

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  • 10 Sep 2021
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये 

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क, इंडिया रैंकिंग्स, 2021

मेन्स के लिये

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क का महत्त्व और आवश्यकता

चर्चा में क्यों?

हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ (NIRF) द्वारा स्थापित ‘इंडिया रैंकिंग्स, 2021’ जारी की है।

प्रमुख बिंदु

  • राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क:
    • लॉन्च: ‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ (NIRF) को सितंबर 2015 में शिक्षा मंत्रालय (तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्रालय) द्वारा अनुमोदित किया गया था।
      • यह देश में उच्च शिक्षण संस्थानों (HEI) को रैंक प्रदान करने के लिये भारत सरकार का पहला प्रयास है।
      • वर्ष 2018 में देश भर के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिये ‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ में हिस्सा लेना अनिवार्य कर दिया गया था।
    • पाँच मापदंडों पर मूल्यांकन:
      • शिक्षण, शिक्षा और संसाधन (Teaching, Learning and Resources), 
      • अनुसंधान और व्यावसायिक अभ्यास (Research and Professional Practices), 
      • स्नातक परिणाम (Graduation Outcomes), 
      • आउटरीच और समावेशिता (Outreach and Inclusivity) 
      • अनुभूति (Perception)
    • श्रेणियाँ: कुल 11 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ संस्थानों को सूचीबद्ध किया गया है- समग्र राष्ट्रीय रैंकिंग, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, कॉलेज, चिकित्सा, प्रबंधन, फार्मेसी, विधि, वास्तुकला, दंत चिकित्सा और अनुसंधान।
    • लॉन्च करने का कारण: ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ और ‘टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ द्वारा विकसित रैंकिंग पद्धति में व्यक्तिपरकता ने भारत को शंघाई रैंकिंग की तर्ज पर भारतीय संस्थानों के लिये अपनी रैंकिंग प्रणाली शुरू करने हेतु प्रेरित किया है।
      • ‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ अपने छठे वर्ष में है, किंतु अभी भी यह केवल भारतीय संस्थानों को ही रैंक प्रदान करता है, जबकि शंघाई रैंकिंग अपने पहले वर्ष से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग प्रदान कर रहा है।
      • हालाँकि ‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ की दीर्घकालिक योजना इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाना है।
    • वर्ष 2021 में भाग लेने वाले संस्थानों की संख्या: इस वर्ष राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में 6,000 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया है।
  • इंडिया रैंकिंग्स 2021 की मुख्य विशेषताएँ:
    • समग्र: IIT-मद्रास, IISc-बंगलूरू और IIT-बॉम्बे देश के शीर्ष तीन उच्च शिक्षा संस्थानों के रूप में उभरे हैं।
    • विश्वविद्यालय: IISc, बंगलूरू इस श्रेणी में सबसे ऊपर है।
    • अनुसंधान संस्थान: IISc, बंगलूरू को भारत रैंकिंग 2021 में पहली बार शामिल की गई श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शोध संस्थान का दर्जा दिया गया।
    • कॉलेज: मिरांडा कॉलेज लगातार पाँचवें वर्ष कॉलेजों में शीर्ष स्थान पर है, इसके बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन और लोयोला कॉलेज का स्थान आता है।
    • इंजीनियरिंग: इंजीनियरिंग संस्थानों में IIT-मद्रास नंबर वन पर रहा।
    • प्रबंधन: भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद को पहला स्थान मिला।
    • चिकित्सा: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली लगातार चौथे वर्ष चिकित्सा में शीर्ष स्थान पर है।
    • फार्मेसी: जामिया हमदर्द फार्मेसी विषय में लगातार तीसरी बार सूची में सबसे ऊपर है।
    • वास्तुकला: IIT रुड़की वास्तुकला (Architecture) विषय में पहली बार शीर्ष स्थान पर है।
    • कानून: नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बंगलूरू ने लगातार चौथे वर्ष कानून में पहला स्थान बरकरार रखा है।
    • दंत चिकित्सा: मणिपाल कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज़, मणिपाल ने "दंत चिकित्सा" श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया।

स्रोत: पीआईबी

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