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भारतीय अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था के लिये राहत पैकेज की मांग

  • 11 Apr 2020
  • 6 min read

प्रीलिम्स के लिये 

नरेडको (NAREDCO), एसोचैम (ASSOCHAM)

मेन्स के लिये 

आपदा के समय में राहत पैकेज की आवश्यकता

चर्चा में क्यों?

रियल एस्टेट डेवलपर्स के उद्योग निकाय नरेडको (National Real Estate Development Council-NAREDCO) और उद्योग संघ एसोचैम (ASSOCHAM) ने भारत सरकार से भारतीय उद्योगों के लिये 200 बिलियन डॉलर का राहत पैकेज देने का आग्रह किया है, जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 10 प्रतिशत है।

प्रमुख बिंदु

  • उद्योग निकायों का अनुमान है कि, नौकरियों और आय के नुकसान की भरपाई करने के लिये आगामी तीन महीनों में 50-100 बिलियन डॉलर नकद धनराशि की आवश्यकता होगी।
  • साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि आगामी तीन महीने के लिये GST में 50 प्रतिशत और पूरे वर्ष के लिये 25 प्रतिशत कमी की जाए।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे गए सिफारिश पत्र में एसोचैम (ASSOCHAM) के अध्यक्ष ने COVID-19 महामारी से लड़ने और अर्थव्यवस्था को इस महामारी के प्रभाव से बचाने के लिये कई उपाय प्रस्तावित किये हैं।
  • ध्यातव्य है कि इस तरह का राहत पैकेज व्यवसायों और श्रमिकों को चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने में मदद करेगा।
  • उद्योग निकाय द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार, यह सुनिश्चित करना महत्त्वपूर्ण होगा कि सरकार तीन उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ें (1) प्रत्यक्ष स्थानांतरण के माध्यम से कर्मचारियों और श्रमिकों को तत्काल सहायता (2) यह सुनिश्चित करना कि कंपनियों के पास मंदी से बचने के लिये पर्याप्त नकदी प्रवाह है (3) राजकोषीय और कर उपायों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिये मांग और निवेश को प्रोत्साहित करना।
  • इसके अतिरिक्त दोनों निकायों ने लॉकडाउन के कारण रोज़गार के नुकसान को कम करने के लिये निर्माण स्थलों पर लॉकडाउन को आंशिक रूप से हटाने का भी आग्रह किया है।
  • NAREDCO ने आगामी 6 महीनों के लिये नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के तहत सभी मामलों को निलंबित करने की भी मांग की है।
  • ध्यातव्य है कि NBFC और IL&LF संकट के कारण देश का रियल एस्टेट सेक्टर पहले ही गंभीर संकट का सामना कर रहा है। 
    • आँकड़ों के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में तकरीबन 7 प्रतिशत का योगदान करता है और देश की लगभग 11 प्रतिशत आबादी इसमें कार्यरत है।

नेशनल रियल स्टेट डवलपमेंट काउंसिल 

(National Real Estate Development Council-NAREDCO)

  • नेशनल रियल स्टेट डवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) की स्थापना वर्ष 1998 में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तत्त्वावधान में एक स्वायत्त स्व-नियामक निकाय के रूप में की गई थी।
  • NAREDCO, रियल एस्टेट और हाउसिंग उद्योग के लिये एक सर्वोच्च राष्ट्रीय निकाय है और यह एक ऐसे मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ सरकार, उद्योग और जनता द्वारा विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की जाती है और उनका समाधान खोजने का प्रयास किया जाता है।
  • इसका गठन रियल एस्टेट उद्योग में पारदर्शिता और नैतिकता को प्रेरित करने तथा असंगठित भारतीय रियल एस्टेट उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी बनाने के उद्देश्य से किया गया था।

एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया

(The Associated Chambers of Commerce & Industry of India-ASSOCHAM)

  • एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) भारत के सबसे बड़े व्यापार संघों में से एक है, जिसकी स्थापना वर्ष 1920 में भारतीय उद्योग के मूल्य सृजन हेतु की गई थी।
  • संपूर्ण भारत में इसके लगभग 200 से अधिक चैंबर्स तथा व्यापार संगठन हैं और 450000 से अधिक सदस्य हैं।
  • एसोचैम (ASSOCHAM) ने देश के व्यापार, वाणिज्य और औद्योगिक वातावरण को आकार देने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
  • इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक विशेष स्थान प्राप्त करने तथा वैश्विक महत्त्वाकांक्षा वाले नए भारतीय कॉरपोरेट जगत के उद्भव में एसोचैम (ASSOCHAM) का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

स्रोत: द हिंदू

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