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जापान में मानव अंग विकसित करने की अनुमति

  • 02 Aug 2019
  • 5 min read

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में जापान सरकार ने अपने वैज्ञानिकों को जानवरों में मानव अंगों को विकसित करने की विवादस्पद तकनीक को विकसित करने की अनुमति दी है। 

प्रमुख बिंदु 

  • जापान और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्त्ता मानव स्टेम सेल की मदद से जीवित जानवरों के भीतर इंसान के अंगों को विकसित करने की प्रक्रिया में हैं।
  • शोधकर्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों के सफल होने के बाद भविष्य में प्रत्यारोपण के लिये मानव अंगों को जानवरों के अंदर विकसित जा सकेगा।
  • इस अत्याधुनिक किंतु विवादास्पद अनुसंधान में ह्यूमन इंड्यूस्ड प्लुरिपोटेंट स्टेम (Induced Pluripotent Stem- IPS) कोशिकाओं के साथ संशोधित पशु भ्रूण का प्रत्यारोपण शामिल है, जिसे शरीर के किसी भी अंग के बिल्डिंग ब्लॉक्स के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

विवादास्पद प्रयोग

  • विश्व के कई देशों में इस प्रकार के प्रयोगों पर प्रतिबंध लगाए गए है, लेकिन जापान सरकार के इस निर्णय के बाद यह मुद्दा पुन: चर्चा में आ गया है। जापान सरकार की अनुमति के बाद अब जीवित जानवरों के भीतर मानव अंग विकसित किये जाएंगे। इस प्रकार के प्रयोग सफल होने पर इसे चूहे के बाद सुअर जैसे बड़े स्तनधारी जानवरों पर भी आज़माया जाएगा।
  • हालाँकि अभी इस वैज्ञानिक इस बात को लेकर आशस्वत नहीं हैं कि इस तकनीक से तैयार किये गए अंग मानव के इस्तेमाल लायक होंगे भी या नहीं। इस विषय में यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कहीं ऐसा न हो ऐसे अनुप्रयोगों से जानवरों का मस्तिष्क मानव की भाँति विकसित न हो जाए, यदि ऐसा होता है तो यह मानव के अस्तित्व के लिये खतरा उत्पन्न कर सकता है।
  • नीतिगत मुद्दे
  • इससे पहले भी जापानी शोधकर्त्ता हिरोमित्शु नाकाउची द्वारा यह प्रयोग किया गया, लेकिन मानव और जानवर की कोशिका से तैयार होने वाला भ्रूण अस्तित्व में नहीं आ सका। इससे पूर्व के जापान सरकार के निर्णय में इस प्रकार विकसित भ्रूण को दो सप्ताह के भीतर खत्म करने की बात की गई थी। वर्तमान नीति में परिवर्तन करने हुए मानव और जानवर की कोशिका से बने भ्रूण को 14 दिन से अधिक (परिपक्व होने तक) रखा जा सकेगा।

अन्य देशों की बात करें तो

  • यदि इस संबंध में अन्य देशों की बात करें तो ब्रिटेन, जर्मनी, अमेरिका, कनाडा और फ्राँस में जानवरों के भ्रूण में मानव कोशिकाओं को प्रत्यारोपित करने की अनुमति नहीं है।

आई.पी.एस. कोशिकाएँ 

(Induced Pluripotent Stem-IPS) Cells

  • आई.पी.एस. सेल प्लुरिपोटेंट स्टेम सेल होते हैं, अर्थात् ये मानव शरीर में कोई भी कोशिका बनाने में सक्षम होते हैं तथा एक एम्ब्रियोनिक स्टेम सेल (Embryonic Stem Cell) की भाँति व्यवहार करती हैं।
  • ये वयस्क सेल की पुन: प्रोग्रामिंग द्वारा उत्पन्न होती हैं।
  • स्टेम सेल में प्रारंभिक जीवन और विकास के दौरान शरीर में कई अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं के रूप में विकसित होने की उल्लेखनीय क्षमता होती है।
  • जब एक स्टेम सेल विभाजित होता है, तो प्रत्येक नए सेल में या तो स्टेम सेल के रूप में बने रहने अथवा कुछ विशिष्ट गुणों (माँसपेशी सेल, लाल रक्त कोशिका अथवा सेल या फिर मस्तिष्क सेल) के साथ अन्य नए सेल के रूप में विकसित होने की संभावना होती है।
  • आई.पी.एस. सेल स्वयं नवीनीकरण करने में सक्षम होते हैं तथा अतिरिक्त प्लेसेंटा जैसे भ्रूण ऊतकों में कोशिकाओं को छोड़कर शरीर के सभी सेल प्रकारों में अंतर कर सकते हैं।
  • यह चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिये आवश्यक किसी भी प्रकार की मानव कोशिका के असीमित स्रोत के विकास को सक्षम बनाता है।

जानवरों के अंगों का मानवों में प्रत्यारोपण संभव

स्रोत: द हिंदू

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