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डेली अपडेट्स

अंतर्राष्ट्रीय संबंध

भारत एवं वैश्विक स्तर पर उच्च और निम्न आय वालों के मध्य असमानता

  • 11 Jul 2019
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organisation - ILO) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में सबसे ज़्यादा आय अर्जित करने वाले 10 प्रतिशत भारतीयों ने देश में मज़दूरी से प्राप्त आय का कुल 69 प्रतिशत हिस्सा अर्जित किया, वहीं दूसरी ओर सबसे कम आय वाले 10 प्रतिशत भारतीयों को मज़दूरी से प्राप्त आय का मात्र 0.25 प्रतिशत हिस्सा ही मिला।

मुख्य बिंदु :

  • भारत में यह स्थिति वर्ष 2004 से लगातार बनी हुई है, उस समय सबसे शीर्ष पर रहने वाले लोगों ने कुल आय का 70 प्रतिशत हिस्सा अर्जित किया था और सबसे कम आय वाले 10 प्रतिशत भारतीयों का हिस्सा सिर्फ 0.30 प्रतिशत ही था।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सबसे कम आय वाले श्रमिकों ने प्रतिमाह 22 डॉलर की आय प्राप्त की, जबकि सबसे शीर्ष पर रहने वाले लोगों ने प्रतिमाह 7,475 डॉलर की आय प्राप्त की।
  • इस प्रकार वैश्विक स्तर पर सबसे कम आय वाले लोगों में शामिल कोई श्रमिक यदि सबसे अधिक आय वाले 10 प्रतिशत लोगों में शामिल होना चाहता है तो उसे आने वाली 3 सदियों तक काम करना होगा।
  • वर्ष 2004-2017 के मध्य 13 सालों में वैश्विक स्तर पर तो यह असमानता कम हुई, लेकिन भारत में यह अभी भी वैसी ही बनी हुई है।

Labour Income Distribution

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन

(International Labour Organization - ILO)

  • यह ‘संयुक्त राष्ट्र’ की एक विशिष्ट एजेंसी है, जो श्रम संबंधी समस्याओं/मामलों, मुख्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानक, सामाजिक संरक्षा तथा सभी के लिये कार्य अवसर जैसे मामलों को देखती है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों से इतर एक त्रिपक्षीय एजेंसी है, अर्थात् इसके पास एक ‘त्रिपक्षीय शासी संरचना’ (Tripartite Governing Structure) है, जो सरकारों, नियोक्ताओं तथा कर्मचारियों का (सामान्यतः 2:1:1 के अनुपात में) इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करती है।
  • यह संस्था अंतर्राष्ट्रीय श्रम क़ानूनों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ शिकायतों को पंजीकृत तो कर सकती है, किंतु यह सरकारों पर प्रतिबंध आरोपित नहीं कर सकती है।
  • इस संगठन की स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् ‘लीग ऑफ नेशन्स’ (League of Nations) की एक एजेंसी के रूप में वर्ष 1919 में की गई थी। भारत इस संगठन का एक संस्थापक सदस्य है।
  • इस संगठन का मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में स्थित है।
  • वर्तमान में 187 देश इस संगठन के सदस्य हैं, जिनमें से 186 देश संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से हैं तथा एक अन्य दक्षिणी प्रशांत महासागर में अवस्थित ‘कुक्स द्वीप’ (Cook's Island) है।
  • ध्यातव्य है कि वर्ष 1969 में इसे प्रतिष्ठित ‘नोबेल शांति पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया था।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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