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अक्षय उर्जा क्षमता में भारत को पाँचवा स्थान

  • 05 Jan 2019
  • 2 min read

चर्चा में क्यों?


हाल ही में जारी की गई वैश्विक स्थिति रिपोर्ट 2018 पर REN21 (Renewable Energy Policy Network for 21st centuary) के अनुसार भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (Renewable Power Capacity) में पाँचवे स्थान पर रहा।


महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • वैश्विक स्थिति रिपोर्ट (Global Status Report) 2018 के अनुसार, 2017 के अंत तक भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में (जलविद्युत सहित) 5वें स्थान पर जबकि जलविद्युत रहित में चौथे स्थान पर रहा।
  • 2018-19 में ऊर्जा उत्पादन लगभग 81.15 बिलियन यूनिट रहा (अक्तूबर 2018 तक) जिसमे सभी ऊर्जा उत्पादित स्रोत शामिल हैं।
  • अक्षय ऊर्जा परियोजनाएँ ज्यादातर निजी क्षेत्रों द्वारा लागू की जा रही हैं।
  • अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये सरकार द्वारा भारी मात्रा में सब्सिडी दी जा रही है।
  • आंकड़ो के अनुसार 2015–18 तक गैर पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र के FDI में लगातार (लगभग 776.51-3217.43 मिलियन डॉलर की) वृद्धि हुई है।
  • इस साल की ‘रिन्यूएबल्स 2018 ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट’ (GSR) ने दो महत्त्वपूर्ण बातों को दर्शाया है:
  • बिजली क्षेत्र में एक क्रांति के रूप में अक्षय ऊर्जा भविष्य की दिशा में तेजी से बदलाव ला रही है।
  • समग्र रूप में यह आवश्कतानुसार साथ आगे नहीं बढ़ रही है
  • 2016 तक नवीकरणीय ऊर्जा कुल वैश्विक अंतिम ऊर्जा खपत की अनुमानित 18.2% थी, जिसमें आधुनिक नवीकरणीय ऊर्जा 10.4% थी।
  • नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, देश में कुल 73.35 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है। इसमें अक्तूबर 2018 में विंड से लगभग 35 GW, सोलर से 24 GW, स्मॉल हाइड्रो पावर से 4.5 GW और बायो-पावर से 9.5 GW ऊर्जा शामिल है।

स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, REN की वेबसाइट

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