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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

भारत और मंगोलिया

  • 18 May 2021
  • 9 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री और मंगोलियाई संस्कृति मंत्री के मध्य वर्चुअल माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (Cultural Exchange Programme) के अंतर्गत विभिन्न मुद्दों और साझा हितों वाले अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।

प्रमुख बिंदु:

  • बैठक की मुख्य विशेषताएंँ:
    • वर्ष 2015 में दोनों देशों के मध्य स्थापित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना।
    • भारत और मंगोलिया के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम वर्ष 2023 तक जारी रहेंगे।
    • वर्ष 2020-2021 से शुरू होने वाले 'तिब्‍बती बौद्ध धर्म' के अध्‍ययन हेतु मंगोलियाई लोगों को सीआईबीएस, लेह और सीयूटीएस, वाराणसी के विशेष संस्थानों में अध्ययन करने के लिये 10 प्रतिबद्ध आईसीसीआर छात्रवृत्तियांँ (ICCR Scholarships) आवंटित की गई हैं।
      • भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (Indian Council for Cultural Relations- ICCR) भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन है, जो अन्य देशों और उनके लोगों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से (सांस्कृतिक कूटनीति) संबंध स्थापित करताहै।
      • तिब्बती बौद्ध धर्म महायान बौद्ध धर्म की आवश्यक शिक्षाओं को तांत्रिक (Tantric) और शामनिक (Shamanic) तथा इसकी सामग्री को प्राचीन तिब्बती धर्म जिसे बॉन (Bon) कहाँ जाता है, से जोड़ता है।
    • इस बैठक में भारत ने गंदन मठ में बौद्ध पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण हेतु अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि भारत वहां संग्रहालय-सह-पुस्तकालय (Museum-Cum-Library) स्थापित करने में सहायता प्रदान करने के लिये मंगोलिया के अनुरोध पर भी विचार करेगा।
    • संस्कृति मंत्रालय द्वारा मंगोलिया में बौद्ध धर्म के मुख्य केंद्रों में वितरण हेतु वर्ष 2022 तक पवित्र मंगोलियाई कांजूर (Mongolian Kanjur) के लगभग 100 सेटों का पुन:मुद्रण (Reprinting) कार्य पूरा करने की संभावना है।
      • 108 खंडों में संकलित बौद्ध विहित पाठ (Buddhist Canonical Text) ‘मंगोलियाई कंजूर’ (Mongolian Kanjur) को मंगोलिया में सबसे महत्त्वपूर्ण धार्मिक पाठ माना जाता है। इसका तिब्बती से अनुवाद किया गया है और शास्त्रीय मंगोलियाई में लिखा गया है।
      • मंगोलियाई भाषा में ‘कंजूर’ का शाब्दिक अर्थ ‘संक्षिप्त आदेश’ है जो विशेष रूप से भगवान बुद्ध द्वारा कहे गए ‘शब्द’ को संदर्भित करता है।
    • बैठक में भारत सरकार द्वारा भारत में रहने वाले मंगोलिया के बौद्ध भिक्षुओं की वीजा और यात्रा की सुविधा हेतु उठाए गए प्रयासों के बारे में बताया गया।
  • भारत-मंगोलिया संबंध:

    • ऐतिहासिक संबंध:
      • भारत और मंगोलिया अपनी साझा बौद्ध विरासत के कारण आध्यात्मिक रूप से जुड़े हुए हैं।
    • राजनयिक संबंध:
      • वर्ष 1955 में भारत ने मंगोलिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किये क्योंकि मंगोलिया ने भारत को ‘आध्यात्मिक पड़ोसी’ और रणनीतिक साझेदार घोषित किया था, इस तरह भारत, सोवियत ब्लॉक के बाहर उन शुरुआती देशों में पहला देश था, जिन्होंने मंगोलिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किये थे।
      • वर्ष 2015 में पहली बार अपनी ‘एक्ट ईस्ट नीति’ (India’s Act East Policy) के तहत भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा मंगोलिया की यात्रा की गई।
    • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग:
      • मंगोलिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council- UNSC) की स्थायी सीट के लिये भारत की सदस्यता हेतु अपने समर्थन को एक बार फिर दोहराया है।
      • चीन के कड़े विरोध के बावजूद भारत ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations- UN) समेत प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मंचों में मंगोलिया को सदस्यता दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement- NAM) में मंगोलिया को शामिल करने का भी समर्थन किया।
        • मंगोलिया ने भारत और भूटान के साथ बांग्लादेश की मान्यता के लिये वर्ष 1972 के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया था।
      • अन्य फोरम जिनमें दोनों देश सदस्य हैं: एशिया-यूरोप मीटिंग (Asia-Europe Meeting- ASEM) और विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organisation- WTO) आदि।
        • शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation- SCO) का भारत एक सदस्य देश है, जबकि मंगोलिया एक पर्यवेक्षक देश है।
    • आर्थिक संबंध:
      • वर्ष 2020 में भारत-मंगोलिया द्विपक्षीय व्यापार घटकर 35.3 मिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि वर्ष 2019 में यह 38.3 मिलियन अमरीकी डॉलर था।
      • भारत द्वारा अपने लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) कार्यक्रम के तहत 'मंगोल रिफाइनरी परियोजना' (Mongol Refinery Project) की शरुआत की गई है।
    • सांस्कृतिक संबंध:
      • वर्ष 1961 में हस्ताक्षरित सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-मंगोलियाई समझौते के तहत दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
      • समझौते में छात्रवृत्ति, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, सम्मेलनों में भागीदारी आदि के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की परिकल्पना की गई है।
    • रक्षा सहयोग:
      • दोनों देशों के बीच ‘नोमाडिक एलीफैंट’ (Nomadic Elephant) नाम से संयुक्त अभ्यास का आयोजन किया जाता है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद विरोधी और काउंटर टेररिज़्म ऑपरेशन हेतु सैनिकों को प्रशिक्षित करना है।
    • पर्यावरणीय मुद्दों पर सहयोग:
      • दोनों देश बिश्केक घोषणा (Bishkek Declaration) का हिस्सा हैं।

आगे की राह:

  • मध्य एशिया, पूर्वोत्तर एशिया, सुदूर पूर्व, चीन और रूस के साथ मंगोलिया की भौगोलिक स्थिति प्रमुख शक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मंगोलिया भारत के लिये एक महत्त्वपूर्ण आर्थिक विकास के क्षेत्र के रूप में साबित हो सकता है जो आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में हाई-टेक सुविधाओं और उत्पादन कौशल प्रदान करता है।
  • भारत-मंगोलियाई संस्कृति की साझा विरासत को संरक्षित करना और बढ़ावा देना महत्त्वपूर्ण है साथ ही दोनों देशों को भविष्य के सामान्य हितों को पोषित करने और आगे बढ़ाने के आधार के रूप में मिलकर कार्य करना चाहिये।

स्रोत: पी.आई.बी

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