हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स

भारतीय अर्थव्यवस्था

आर्थिक पैकेज के दूसरे भाग की घोषणा

  • 15 May 2020
  • 11 min read

प्रीलिम्स के लिये

आत्मनिर्भर भारत अभियान, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना, शिशु मुद्रा ऋण, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना, कैम्‍पा फंड

मेन्स के लिये

COVID-19 जनित आर्थिक संकट से निपटने के लिये सरकार द्वारा किये गए उपाय

चर्चा में क्यों?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने COVID-19 के कारण प्रवासी मज़दूरों, शहरी गरीबों, छोटे व्यापारियों और छोटे किसानों आदि के समक्ष मौजूद कठिनाइयों को दूर करने के लिये आर्थिक पैकेज के दूसरे भाग की घोषणा की है।

प्रमुख बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि 12 मई, 2020 को प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ का आह्वान करते हुए 20 लाख करोड़ रुपए के विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की थी। 
  • साथ ही उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पाँच स्तंभों यथा अर्थव्यवस्था, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी, गतिशील जनसांख्यिकी और मांग को भी रेखांकित किया था।
  • प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में COVID-19 महामारी से पहले तथा बाद के समय पर चर्चा करते हुए कहा कि 21वीं सदी के भारत के सपने को साकार करने के लिये देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना आवश्यक है।
    • ध्यातव्य है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में वैश्वीकरण का बहिष्करण नहीं किया जाएगा अपितु स्वयं के विकास के माध्यम से विश्व के विकास में मदद की जाएगी।
  • इसी अभियान के तहत कुछ ही दिनों पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज के पहले भाग की घोषणा की थी, जिसमें MSME की परिभाषा में बदलाव जैसे विभिन्न उपाय शामिल थे।

वित्त मंत्री द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज का दूसरा भाग 

  • प्रवासियों को 2 महीने के लिये मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति
    • प्रवासी कामगारों के लिये सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को प्रति कामगार दो महीनों अर्थात् मई और जून, 2020 के लिये प्रति महीने प्रति कामगार 5 किलोग्राम की दर से खाद्यान्न और प्रति परिवार 1 किलोग्राम चना का मुफ्त आवंटन किया जाएगा।
    • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आने वाले अथवा राज्य/ केंद्र शासित प्रदेशों में बिना राशन कार्ड वाले ऐसे प्रवासी कामगार भी इस योजना के पात्र होंगे, जो वर्तमान में किसी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
    • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस योजना के तहत लक्षित वितरण के लिये एक तंत्र विकसित करने का परामर्श दिया जाएगा। 
    • इसके लिये 8 लाख मीट्रिक टन (Lakh Metric Tonnes-LMT) खाद्यान्न और 50,000 मीट्रिक टन (MT) चने का आवंटन किया जाएगा। इस योजना पर होने वाला कुल 3,500 करोड़ रुपए के व्यय का वहन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।
  • ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना का विस्तार
    • राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी की पायलट योजना (‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना) का 23 राज्यों तक विस्तार किया जाएगा।
    • इसके माध्यम से अगस्त, 2020 तक राशन कार्डों की राष्ट्रीय स्तर पर पोर्टेबिलिटी के द्वारा लगभग 67 करोड़ लाभार्थियों यानी PDS के तहत आने वाली 83 प्रतिशत आबादी को इसके दायरे में लाया जाएगा।
    • 100 प्रतिशत राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के लक्ष्य को मार्च, 2021 तक प्राप्त कर लिया जाएगा।
    • इस योजना से एक प्रवासी कामगार और उनके परिवार के सदस्य देश की किसी भी ‘फेयर प्राइस शॉप’ (Fair Price Shops) से PDS का लाभ प्राप्त करने में सक्षम हो जाएंगे। इससे स्थान परिवर्तन करने वाले प्रवासी कामगार देश के किसी भी हिस्से में PDS लाभ लेने में सक्षम हो जाएंगे।
  • सस्ते किराए के आवास परिसरों की योजना
    • केंद्र सरकार प्रवासी श्रमिकों और शहरी गरीबों के लिये सस्ते किराए पर रहने की सुविधा प्रदान करने हेतु एक योजना शुरू करेगी। सस्ते किराए के ये आवासीय परिसर प्रवासी श्रमिकों, शहरी गरीबों और छात्रों आदि को सामाजिक सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करेंगे। 
    • वित्त मंत्री के अनुसार, यह कार्य शहरों में सरकारी वित्त पोषित मकानों को रियायती माध्यम से सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत सस्ते किराए के आवासीय परिसरों के रूप में परिवर्तित करके किया जाएगा।
  • शिशु मुद्रा ऋण के तहत ब्याज की छूट
    • भारत सरकार 50,000 रुपए से कम शिशु मुद्रा ऋण लेने वालों में शीघ्र भुगतान करने वाले लोगों को 12 महीने की अवधि के लिये 2 प्रतिशत की ब्याज छूट प्रदान करेगी। 
    • शिशु मुद्रा ऋण लेने वाले लोगों को इस शोषण के तहत लगभग 1,500 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी।
  • स्ट्रीट वेंडरों के लिये 5,000 करोड़ रुपए की ऋण सुविधा
    • उल्लेखनीय है कि स्ट्रीट वेंडरों पर मौजूदा स्थिति का सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, उनको ऋण तक आसान पहुँच की सुविधा प्रदान करने के लिये एक महीने के भीतर एक विशेष योजना शुरू की जाएगी ताकि उन्हें अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने में सक्षम बनाया जा सके। 
    • इस योजना के तहत प्रत्येक उद्यम के लिये 10,000 रुपए की प्रारंभिक कार्यशील पूंजी की बैंक ऋण सुविधा दी जाएगी। ज्ञात हो कि यह योजना शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रेताओं को भी कवर करेगी जो आसपास के शहरी इलाकों में व्यवसाय करते हैं।
    • अनुमान के अनुसार, 50 लाख स्ट्रीट वेंडर इस योजना के तहत लाभान्वित होंगे और उन तक 5,000 करोड़ रुपए का ऋण प्रवाहित होगा।
  • क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (Credit Linked Subsidy Scheme) का विस्तार
    • मध्यम आय समूह के लिये (6 से 18 लाख रुपए के मध्य वार्षिक आय) क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (Credit Linked Subsidy Scheme) का मार्च 2021 तक विस्तार किया जाएगा। 
      • उल्लेखनीय है कि क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का एक घटक है जिसके तहत ऋण सब्सिडी प्रदान की जाती हैं। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत मुख्य रूप से मध्यम आय समूह वाले लोगों के लिये वर्ष 2017 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को होम लोन (Home Loan) के लिये प्रोत्‍साहन देना था, ताकि लोग अपना घर खरीद सकें और आवासन क्षेत्र में अधिकाधिक निवेश हो सके।
    • इससे वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 2.5 लाख मध्यम आय वाले परिवारों को लाभ होगा और आवासन क्षेत्र (Housing Sector) में 70,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होगा। 
    • आवास क्षेत्र को बढ़ावा देकर ये बड़ी संख्या में नौकरियाँ पैदा करेगा और इस्पात, सीमेंट, परिवहन व अन्य निर्माण सामग्री की मांग को प्रोत्साहित करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।
  • रोज़गार सृजन के लिये कैम्‍पा फंड (CAMPA Funds) का उपयोग
    • क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (Compensatory Afforestation Management & Planning Authority-CAMPA) के अंतर्गत लगभग 6000 करोड़ रुपए की राशि का प्रयोग शहरी क्षेत्रों सहित वनीकरण एवं वृक्षारोपण कार्यों, वन प्रबंधन, मृदा एवं आर्द्रता संरक्षण कार्यों, वन सरंक्षण, वन एवं वन्‍यजीव संबंधी बुनियादी सुविधाओं के विकास, वन्‍यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन आदि में किया जाएगा।
  • किसानों के लिये 30,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी
    • ग्रामीण सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की फसल ऋण संबंधी आवश्यकता को पूरा करने के लिये राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा 30,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्‍त पुनर्वित्तीयन सहायता प्रदान की जाएगी। 
    • देश भर में इससे लगभग 3 करोड़ किसानों को फायदा होगा, जिनमें अधिकांश छोटे और सीमांत किसान शामिल हैं, इससे किसानों की रबी की फसल कटाई के बाद और खरीफ फसल की मौजूदा ज़रूरते पूरी होंगी।

स्रोत: पी.आई.बी.

एसएमएस अलर्ट
Share Page