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भारतीय अर्थव्यवस्था

दीनदयाल बंदरगाह पर एक विशेष एवं यंत्रीकृत संचालन सुविधा

  • 06 Jun 2018
  • 5 min read

चर्चा में क्यों?

शिपिंग मंत्रालय की स्‍थायी वित्त समिति (Standing Finance Committee) ने कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पर उर्वरक कार्गो के लिये एक विशेष एवं पूर्ण एकीकृत संचालन सुविधा स्‍थापित करने हेतु परियोजना को मंज़ूरी दी है। परियोजना के लिये निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है। इस सुविधा या यूनिट के अक्तूबर 2020 तक चालू हो जाने की आशा है।

मुख्य तथ्य

  • यह सुविधा अथवा यूनिट बंदरगाह संख्‍या 4 पर विकसित की जाएगी, जिसका निर्माण लगभग 138 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है।
  • यह बंदरगाह अपने आंतरिक संसाधनों से परियोजना के लिये लगभग 340 करोड़ रुपए का और निवेश करेगा।
  • आरंभ में प्रस्‍तावित सुविधा अथवा यूनिट 2.60 एमएमटीपीए (Million Metric Tonne Per Annum- MMTPA) का संचालन करेगी और बाद में यह मात्रा बढ़ाकर 4.50 MMTPA कर दी जाएगी।
  • प्रस्‍तावित परियोजना में बल्‍क उर्वरक कार्गो को जहाज़ से नीचे उतारने से लेकर उर्वरक की बोरियों को वैगनों पर चढ़ाने तक की समस्‍त गतिविधियाँ पूरी तरह से यंत्रीकृत होंगी। 
  • उर्वरक कार्गो को जहाज़ों से नीचे उतारने का काम मोबाइल हॉपर पर लगी मोबाइल हार्बर क्रेन का इस्‍तेमाल करके संपन्‍न किया जाएगा।
  • टिपर सिस्‍टम (tipper system) युक्‍त कन्‍वेयर सिस्‍टम (conveyor system) 38,500 वर्ग मीटर आकार के कार्गो भंडारण शेड में कार्गो का हस्‍तांतरण करेगा।

वर्तमान स्थिति

  • मौजूदा समय में दीनदयाल बंदरगाह पर उर्वरक कार्गो के संचालन में कई तरह की गतिविधियाँ पूरी करनी पड़ती हैं और इसके साथ ही कई एजेंसियों को इस काम में संलग्‍न होना पड़ता है।
  • अत: यंत्रीकृत सुविधा से इसमें लगने वाला समय कम हो जाएगा और साथ ही अंतिम उपयोगकर्त्ताओं तक कार्गो की त्‍वरित डिलीवरी सुनिश्चित हो जाएगी। लागत एवं त्‍वरित डिलीवरी की दृष्टि से यह किसानों के लिये फायदेमंद साबित होगी।

कांडला बंदरगाह

  • यह एक समुद्री बंदरगाह है, जिसे कांडला बंदरगाह ट्रस्ट के नाम से भी जाना जाता है। यह देश के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है।
  • यह भारत के पश्चिमी तट का एक बड़ा बंदरगाह है। विभाजन के बाद देश के पश्चिमी तट का सबसे बड़ा बंदरगाह ‘कराची बंदरगाह’ पाकिस्तान में चला गया, जिसके बाद 1950 में भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में कांडला बंदरगाह का निर्माण किया गया। इसका पूरा नियंत्रण भारत सरकार के जहाज़रानी मंत्रालय के हाथ में है।
  • यह गुजरात राज्य के कच्छ की खाड़ी में अवस्थित एक ज्वारीय पत्तन है। 
  • 4 अक्तूबर, 2017 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा कांडला बंदरगाह का नाम परिवर्तित कर ‘दीनदयाल बंदरगाह’ कर दिया गया।
  • दीनदयाल बंदरगाह पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से 256 समुद्री मील (दक्षिण-पूर्व में) एवं मुंबई बंदरगाह से 430 समुद्री मील (उत्तर-पश्चिम में) की दूरी पर अवस्थित है।
  • भारत के पश्चिमी तट पर अवस्थित प्रमुख बंदरगाह- 
    ♦ दीनदयाल पोर्ट (कांडला, गुजरात)
    ♦ मुंबई पोर्ट (महाराष्ट्र)
    ♦ जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (न्हावा शेवा, महाराष्ट्र)
    ♦ मर्मुगाओ (गोवा)
    ♦ न्यू मंगलौर (कर्नाटक)
    ♦ कोच्चि (केरल)
  • भारत के पूर्वी तट पर अवस्थित प्रमुख बंदरगाह-
    ♦ कोलकाता (प. बंगाल)
    ♦ पारादीप (ओडिशा)
    ♦ विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)
    ♦ एन्नौर (तमिलनाडु)
    ♦ चेन्नई (तमिलनाडु)
    ♦ तूतीकोरिन (तमिलनाडु)
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