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COVID-19 आपातकालीन उपाय एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी परियोजना

  • 09 May 2020
  • 6 min read

प्रीलिम्स के लिये:

एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक, विश्व बैंक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

मेन्स के लिये:

COVID-19 आपातकालीन उपाय एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी परियोजना से संबंधित मुद्दे 

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार और एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (Asian Infrastructure Investment Bank- AIIB) ने COVID-19 से निपटने हेतु 500 मिलियन डॉलर की ‘COVID-19 आपातकालीन उपाय एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी परियोजना’ संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। 

प्रमुख बिंदु:

  • उल्लेखनीय है कि इस ‘COVID-19 आपातकालीन उपाय एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी परियोजना’ में विश्व बैंक ने भी 1.0 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान किया है।
  • गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत भारत के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा। 
  • दरअसल इस सहायता के प्राथमिक लाभार्थी संक्रमित लोग, जोखिम वाली आबादी, चिकित्सा तथा परीक्षण केंद्रों (सार्वजनिक व निजी दोनों) के सेवाप्रदाता और भारत में COVID-19 से निपटने में संलग्न सार्वजनिक निकाय होंगे।
  • इस परियोजना को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission- NHM) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (National Centre for Disease Control- NCDC) के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के अधीनस्‍थ भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research- ICMR) द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा।
  • गौरतलब है कि ‘एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक’ द्वारा भारत को दी जाने वाली मदद अब तक की स्वास्थ्य संबंधी पहली सहायता है।

परियोजना का उद्देश्य:

  • भारत को COVID​​-19 से उत्पन्न खतरों से निपटने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूती प्रदान करना।
  • देश में COVID-19 के प्रसार को यथासंभव कम और सीमित करना।
  • पीपीई, ऑक्सीजन डिलीवरी प्रणाली एवं दवाओं की खरीद की मात्रा को बढ़ाना और संक्रमित लोगों का पता लगाने की क्षमता में वृद्धि करना।
  • COVID-19 एवं भविष्य की बीमारियों के प्रकोप से निपटने हेतु प्रमुख सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवा, रोकथाम एवं रोगी प्रबंधन कार्य हेतु सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणालियों का निर्माण करना।
  • भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से भारतीय एवं अन्य वैश्विक संस्थानों में COVID-19 संबंधी अनुसंधान में सहयोग करना।
  • AIIB और विश्व बैंक द्वारा प्रदत्त इस धनराशि से भारत के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम को मज़बूत करना, संक्रामक रोग संबंधी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों को बेहतर बनाने और उच्च नियंत्रण/रोकथाम वाली जैव प्रयोगशालाओं में सुरक्षा स्तर 3 नेटवर्क का निर्माण करना।
  • ध्यातव्य है कि वर्तमान में लगभग 75% नए संक्रामक रोग मानव और पशुओं के आपसी संपर्क से उत्पन्न होते हैं जिनमें एचआईवी/एड्स, इबोला और सार्स भी शामिल हैं। अतः यह धनराशि पशुओं से मानव को होने वाली मौजूदा एवं उभरती बीमारियों का पता लगाने की क्षमता व प्रणाली विकसित करने में मदद करेगी।
  • इस परियोजना से COVID-19 के व्यापक प्रकोप की स्थिति में संभावित नकारात्मक बाह्य कारकों से निपटने में भी मदद मिलेगी जिसमें स्वच्छता प्रथाओं, मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और कमज़ोर समुदायों के लिये मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोवैज्ञानिक सेवाएँ मुहैया कराने पर व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन अभियान चलाना भी शामिल है।

एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक

(Asian Infrastructure Investment Bank- AIIB):

  • एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जो एशिया और उसके बाहर के सामाजिक और आर्थिक नतीजों में सुधार के लिये एक मिशन के रूप में कार्य करता है।
  • इसका मुख्यालय बीजिंग में है। इसने जनवरी 2016 में कार्य करना शुरू किया और वर्तमान में इसके 102 अनुमोदित सदस्य हैं।
  • सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश करके AIIB लोगों, सेवाओं और बाज़ारों को बेहतर ढंग से जोड़ रहा है, जो समय के साथ अरबों लोगों के जीवन को प्रभावित करेंगे और बेहतर भविष्य का निर्माण करेंगे।

स्रोत: पीआईबी

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