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कोविड-19 तथा अत्यंत गरीबी : UNDP

  • 07 Dec 2020
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme- UNDP) के एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोरोनोवायरस महामारी के गंभीर दीर्घकालिक प्रभावों के चलते वर्ष 2030 तक अतिरिक्त 207 मिलियन लोग अत्यधिक गरीबी अथवा चरम गरीबी की स्थिति में पहुँच सकते हैं जिसके परिणामस्वरूप विश्वभर में  इनकी संख्या 1 बिलियन से अधिक हो जाएगी।

  • यह अध्ययन अमेरिका के डेनवर विश्वविद्यालय (University of Denver) में पारडी सेंटर फॉर इंटरनेशनल फ्यूचर्स (Pardee Center for International Futures) तथा UNDP के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी का हिस्सा है।
  • अध्ययन में अगले दशक में महामारी के बहुआयामी प्रभावों का मूल्यांकन करते हुए सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) पर Covid19 रिकवरी से संबंधित विभिन्न परिदृश्यों के प्रभाव का आकलन किया गया है।

प्रमुख बिंदु

निष्कर्ष

  • ‘कोविड बेसलाइन’ (Covid Baseline) परिदृश्य (वर्तमान मृत्यु दरों तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के नवीनतम  विकास अनुमानों पर आधारित) के तहत, कोविड-19 के कारण वर्ष 2030 तक 44 मिलियन लोग अत्यंत गरीबी की स्थिति में पहुँच सकते हैं।
    • विश्व बैंक "अत्यंत गरीबी" अथवा “चरम " की स्थिति को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 1.90 अमरीकी डॉलर से कम राशि पर जीवन निर्वाह के रूप में परिभाषित करता है।
  • ‘उच्च क्षति’ (High Damage) परिदृश्य जिसमें रिकवरी विलंबित होती है, के तहत कोविड-19 के कारण वर्ष 2030 तक 207 मिलियन अतिरिक्त लोगों के अत्यधिक गरीबी की स्थिति में पहुँचने की संभावना है।
    • यह महिला गरीबों की संख्या में अतिरिक्त 102 मिलियन की वृद्धि कर सकता है।
    • ‘उच्च क्षति’ परिदृश्य के तहत यह अनुमान व्यक्त किया गया है कि उत्पादकता में नुकसान के कारण कोविड-19 प्रेरित आर्थिक संकट का 80%, 10 वर्षों तक बना रहेगा जो कि महामारी से पहले देखे गए विकास प्रक्षेपवक्र की पूरी तरह से रिकवरी को बाधित करेगा।

सुझाव:

  • अगले दशक में सामाजिक विकास/कल्याण कार्यक्रमों, शासन, डिजिटलीकरण और हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) से जुड़े सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) में निवेश का एक केंद्रित समूह न केवल अत्यधिक गरीबी को बढ़ने से रोक सकता है बल्कि वास्तव में विकास की उस गति को पार कर सकता है जो विश्व में महामारी से पहले विद्यमान थी।
    • इस प्रकार महत्त्वाकांक्षी SDGs प्रोत्साहन का परिदृश्य (SDG Push Scenerio) 146 मिलियन लोगों को अत्यधिक गरीबी की स्थिति से बाहर लाने, लैंगिक आधार पर व्याप्त गरीबी के अंतर को कम करने और गरीब महिलाओं की संख्या को 74 मिलियन तक कम करने का कार्य करेगा।
  • अनुकूल SDG हस्तक्षेप, सरकारों और नागरिकों दोनों के माध्यम से व्यवहार परिवर्तन को जोड़ने का कार्य करते हैं, जो इस प्रकार हैं:
    • शासन में प्रभावशीलता और दक्षता में सुधार।
    • भोजन, ऊर्जा और जल के उपभोग पैटर्न में बदलाव
    • जलवायु कार्रवाई के लिये वैश्विक सहयोग
    • कोविड -19 रिकवरी में अतिरिक्त निवेश
    • उन्नत ब्रॉडबैंड एक्सेस और प्रौद्योगिकी नवाचार की आवश्यकता।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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