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भारतीय अर्थव्यवस्था

चौथा हेली-इंडिया शिखर सम्मेलन, 2022

  • 15 Oct 2022
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

चौथा हेली-इंडिया समिट 2022, भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र, उड़ान योजना, हेली-सेवा पोर्टल, हेली दिशा, हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ।

मेन्स के लिये:

वृद्धि और विकास, आधारभूत संरचना, भारतीय विमानन बाज़ार

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, नागरिक उड्डयन मंत्री ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में चौथे हेली-इंडिया शिखर सम्मेलन, 2022 का उद्घाटन किया।

  • थीम: हेलीकॉप्टर्स फॉर लास्ट माइल कनेक्टिविटी (Helicopters for Last Mile Connectivity)।

शिखर सम्मेलन की मुख्य विशेषताएँ:

  • नागरिक उड्डयन क्षेत्र में उपलब्धियों की घोषणा करते हुए यह बताया गया कि देश में वर्ष 1947 से 2014 तक केवल 74 हवाई अड्डे थे, लेकिन पिछले सात वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 141 हो गई है।
  • जम्मू में एक सिविल एन्क्लेव बनाने का प्रस्ताव है और श्रीनगर के वर्तमान टर्मिनल का तीन गुना विस्तार किया जाएगा।
  • फ्रैक्शनल ओनरशिप मॉडल और हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज़ (HEMS) नामक पायलट प्रोजेक्ट विकसित करने की घोषणा की गई है।
    • आंशिक स्वामित्व मॉडल: यह गैर-अनुसूचित कार्यों में सहायता करता है।
      • यह बहु-स्वामित्व द्वारा एकत्रित पूंजी के माध्यम से हेलीकाप्टरों और हवाई जहाज़ के अधिग्रहण में आने वाले अवरोधों को कम करेगा।
    • HEMS: इसे प्रोजेक्ट संजीवनी भी कहा जाता है; एम्स ऋषिकेश में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के लिये एक हेलीकॉप्टर तैनात किया जाएगा।
      • इसके तहत हेलीकॉप्टर 20 मिनट की समय अवधि के भीतर अस्पताल में स्थित होगा और इसमें 150 किलोमीटर के दायरे को शामिल किया गया है।

भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र का परिदृश्य:

  • परिचय:
    • हेलीकॉप्टरों की प्रमुख भूमिका शहरी संपर्क प्रदान करना है और साथ ही बचाव कार्यों आदि के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना तथा आपदा प्रबंधन में उपयोग इसके अन्य विविध कार्य हैं।
    • भारत में नागरिक उड्डयन उद्योग पिछले तीन वर्षों के दौरान देश में सबसे तेज़ी से बढ़ते उद्योगों में से एक के रूप में उभरा है और इसे मोटे तौर पर अनुसूचित हवाई परिवहन सेवा में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिसमें घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस, गैर-अनुसूचित हवाई परिवहन सेवा शामिल है, जबकि चार्टर सेवा में ऑपरेटर, एयर टैक्सी, एयर कार्गो सेवा शामिल है।
  • महत्त्व:
    • वर्तमान में भारत दुनिया का 7वाँ सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन बाज़ार है और अगले 10 वर्षों में इसके तीसरा सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन बाज़ार बनने की उम्मीद है।
    • इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, भारत अगले दस वर्षों में (2030 तक) दुनिया के तीसरे सबसे बड़े हवाई यात्री बाज़ार के रूप में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकल सकता है।
    • भारत में हवाई यात्रा से संबंधित अनुमान के अनुसार, घरेलू यात्री यातायात वित्त वर्ष-2022 में 58.5% की वृद्धि के साथ 166.8 मिलियन तक पहुँच जाएगा और इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय यात्री यातायात प्रतिवर्ष 118% की वृद्धि के साथ 22.1 मिलियन तक पहुँच जाएगा।
  • अवसर:
    • FDI: ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों परियोजनाओं के साथ-साथ रखरखाव, मरम्मत एवं ओवरहाल (MRO) सेवाओं तथा ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं के लिये स्वचालित मार्ग के तहत 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति है।
    • विस्तार क्षेत्र: भारतीय नागरिक उड्डयन MRO बाज़ार, वर्तमान में लगभग 900 मिलियन अमेरिकी डॉलर का है और वर्ष 2025 तक लगभग 14-15% की CAGR से बढ़कर 4.33 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक होने का अनुमान है।
      • यह अनुमान है कि वर्ष 2038 तक देश के विमानों का बेड़ा चौगुना हो जाएगा जिसकी क्षमता लगभग 2500 विमान की होगी।
    • नए हवाई अड्डों को जोड़ना: सरकार का लक्ष्य वर्ष 2024 तक (उड़ान-UDAN-योजना के तहत) 100 हवाई अड्डों का विकास करना है और वैश्विक मानकों के अनुरूप विश्व स्तरीय नागरिक उड्डयन बुनियादी ढाँचा तैयार करना है।

संबंधित पहलें:

  • हेली-सेवा पोर्टल:
    • हेली-सेवा पोर्टल पूरी तरह से ऑनलाइन है और सभी ऑपरेटरों द्वारा हेलीपैड के लिये लैंडिंग अनुमति प्राप्त करने हेतु उपयोग में लाया जा रहा है, यह देश में हेलीपैड के डेटाबेस का भी निर्माण कर रहा है।
  • हेली-दिशा:
    • राज्य प्रशासन के लिये हेलीकॉप्टर संचालन पर मार्गदर्शन सामग्री, हेली-दिशा को 780 ज़िलों में वितरित किया गया है।
    • इसमें हेलीकॉप्टर के आकार, वज़न, संचालन आदि से संबंधित सभी नियम शामिल हैं जिसे देश भर में ज़िला प्रशासन को इसके बारे में जागरूक करने के लिये वितरित किया जाएगा।
  • हेलीकॉप्टर एक्सेलेरेटर सेल:
    • हेलीकॉप्टर एक्सेलेरेटर सेल हेलीकॉप्टर से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिये सक्रिय रूप से काम कर रहा है और व्यापार प्रतिनिधियों का सलाहकार समूह समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता कर रहा है।
  • उड़े देश का आम नागरिक:
    • उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) को वर्ष 2016 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत एक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के रूप में लॉन्च किया गया था।
    • यह क्षेत्रीय विमानन बाज़ार को विकसित करने के लिये एक अभिनव योजना है।
  • कृषि उड़ान 2.0 योजना:
    • यह कृषि-कटाई और हवाई परिवहन के बेहतर एकीकरण एवं अनुकूलन के माध्यम से मूल्य में सुधार, विभिन्न एवं गतिशील परिस्थितियों में कृषि-मूल्य शृंखला को स्थिरता व लचीलापन प्रदान करने में सहायता करता है।

आगे की राह

  • नागरिक उड्डयन अब न केवल भारत के लिये बल्कि दुनिया भर में मानव जाति हेतु समय की आवश्यकता बन गया है क्योंकि यह हमेशा अपने साथ दो महत्त्वपूर्ण गुणक- आर्थिक गुणक और रोज़गार गुणक लाता है।
  • उद्योग के हितधारकों को भारत के नागरिक उड्डयन उद्योग को बढ़ावा देने वाले कुशल और तर्कसंगत निर्णयों को लागू करने के लिये नीति निर्माताओं के साथ जुड़ना एवं सहयोग करना चाहिये।
  • सही नीतियों और गुणवत्ता, लागत तथा यात्री हित पर निरंतर ध्यान देने के साथ भारत वर्ष 2020 तक तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाज़ार बनने के अपने दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिये अच्छी स्थिति में होगा।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रश्न. सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत संयुक्त उद्यमों के माध्यम से भारत में हवाई अड्डों के विकास का परीक्षण कीजिये। इस संबंध में अधिकारियों के सामने क्या चुनौतियाँ हैं? (मुख्य परीक्षा, 2017)।

प्रश्न. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन कानून सभी देशों को उनके क्षेत्र के ऊपर हवाई क्षेत्र पर पूर्ण और अनन्य संप्रभुता प्रदान करते हैं। 'हवाई क्षेत्र' से आप क्या समझते हैं ? इस हवाई क्षेत्र के ऊपर अंतरिक्ष पर इन कानूनों के क्या प्रभाव हैं? इससे उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा कीजिये और खतरे को नियंत्रित करने के उपाय सुझाएँ। (मुख्य परीक्षा, 2014)

स्रोत: पी.आई.बी.

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