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AIBD की 47वीं वार्षिक सभा

  • 21 Sep 2022
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

एशिया-पैसिफिक इंस्टीट्यूट फॉर ब्रॉडकास्टिंग डेवलपमेंट (AIBD), 47वीं AIBD वार्षिक सभा।

मेन्स के लिये:

कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया की भूमिका।

चर्चा में क्यों?

प्रतिष्ठित एशिया-पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रॉडकास्टिंग डेवलपमेंट (AIBD) की भारत की अध्यक्षता को एक और वर्ष के लिये बढ़ा दिया गया है।

  • नई दिल्ली में आयोजित संस्थान की दो दिवसीय वार्षिक सभा में AIBD के सदस्य देशों द्वारा सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।

एशिया-पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रॉडकास्टिंग डेवलपमेंट (AIBD):

  • परिचय:
  • उद्देश्य:
    • AIBD नीति और संसाधन विकास के माध्यम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक जीवंत और संगठित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वातावरण प्रदान करने के लिये अनिवार्य है।
  • संस्थापक सदस्य:
    • अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) तथा एशिया-प्रशांत प्रसारण संघ (ABU) संस्थान के संस्थापक संगठन हैं और वे आम सम्मेलन के गैर-मतदाता सदस्य है।
  • सदस्य:
    • भारत सहित एशिया प्रशांत क्षेत्र के 26 देशों के प्रसारणकर्त्ता संगठन के पूर्ण सदस्य हैं।
  • 47वीं AIBD वार्षिक सभा:
    • 47वीं AIBD वार्षिक सभा/20वाँ AIBD आम सम्मेलन और संबद्ध बैठकें नई दिल्ली में आयोजित की गईं।
    • इसमें विशेष रूप से "महामारी के बाद की अवधि में प्रसारण के क्षेत्र में एक मज़बूत भविष्य का निर्माण" विषय पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई चर्चाओं, प्रस्तुतियों और विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
    • सहकारी गतिविधियों और विनिमय कार्यक्रमों के लिये एक पंचवर्षीय योजना को भी अंतिम रूप दिया गया।
    • सभी भाग लेने वाले देशों और सदस्य प्रसारकों ने एक स्थायी प्रसारण वातावरण, नवीनतम प्रौद्योगिकी जानकारी, बेहतरीन सूचना सामग्री के लिये मिलकर काम करने का संकल्प लिया

कोविड-19 महामारी युग में AIBD का महत्त्व:

  • AIBD के नेतृत्व ने सदस्य देशों को कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन जोड़े रखा और इस बात पर भी निरंतर संवाद बनाए रखा कि मीडिया किस प्रकार महामारी के प्रभाव को कम कर सकता है।
  • सदस्य देशों को चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम विकास, कोरोना योद्धाओं के सकारात्मक परिणामों और महामारी से भी ज़्यादा तेज़ी से फैल रही फर्ज़ी खबरों का मुकाबला करने के बारे में जानकारी साझा किये जाने से अत्यधिक लाभ हुआ।
  • AIBD ने लॉकडाउन के दौरान भी अपना प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम जारी रखा। अकेले वर्ष 2021 में 34 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गए थे और पारंपरिक मुद्दों के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकियों, सतत् विकास, तेज़ रिपोर्टिंग, बच्चों के लिये प्रोग्रामिंग आदि जैसे उभरते मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
  • प्रसारण क्षेत्र में इंटरनेट के उपयोग में वृद्धि के साथ साइबर सुरक्षा पत्रकारिता में पत्रकारों का प्रशिक्षण अनिवार्य हो गया है।
    • AIBD अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में इसे शामिल करने वाला पहला समूह है।
  • यह मीडिया ही है जिसने कठिन दौर में दुनिया को एक मंच प्रदान किया और एक वैश्विक परिवार की भावना को मज़बूत किया।

स्रोत: पी.आई.बी.

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