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17वाँ ASER 2022

  • 20 Jan 2023
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ASER), 2022, निपुण भारत मिशन

मेन्स के लिये:

भारत में शिक्षा की स्थिति

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में NGO प्रथम द्वारा 17वीं वार्षिक शिक्षा रिपोर्ट (ASER), 2022 जारी की गई, जो शिक्षा पर महामारी के प्रभाव पर प्रकाश डालती है।

  • रिपोर्ट में स्कूलों में बच्चों के उच्च नामांकन का खुलासा किया गया है जो निपुण भारत मिशन जैसे सरकारी कार्यक्रमों के लिये एक अच्छा प्रदर्शन संकेतक है।

शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ASER):  

  • ASER एक वार्षिक, नागरिक-नेतृत्त्व वाला घरेलू सर्वेक्षण है जिसका उद्देश्य यह समझना है कि ग्रामीण भारत में बच्चे स्कूल में नामांकित हैं या नहीं और क्या वे सीख रहे हैं। 
  • ASER भारत के सभी ग्रामीण ज़िलों में वर्ष 2005 से प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है। यह भारत में नागरिकों के नेतृत्त्व वाला सबसे बड़ा सर्वेक्षण है।
  • ASER सर्वेक्षण 3-16 वर्ष की आयु के बच्चों की नामांकन स्थिति और 5-16 वर्ष की आयु के बच्चों को राष्ट्रीय, राज्य और ज़िला स्तर पर बुनियादी शिक्षा एवं अंकगणितीय स्तर के प्रतिनिधि अनुमान उपलब्ध कराता है। 

रिपोर्ट के निष्कर्ष:

ASER-2022

  • सरकारी स्कूलों में नामांकन: 
    • ASER 2022 के अनुसार, देश में सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में वृद्धि देखी गई है।
  • बुनियादी शिक्षा और अंकगणितीय कौशल:
    • भारत में कक्षा 3 और कक्षा 5 में छोटे बच्चों की बुनियादी शिक्षा एवं अंकगणितीय कौशल में गिरावट आई है।  
  • नामांकित लड़कियों का अनुपात:
    • स्कूलों में गैर-नामांकित 11-14 आयु वर्ग की लड़कियों के अनुपात में 2018 के 4.1% से 2022 में 2% की कमी एक महत्त्वपूर्ण सुधार और सकारात्मक विकास है।
    • यह इंगित करता है कि शिक्षा में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावी रहे हैं और इससे स्कूलों में लड़कियों के नामांकन को बढ़ाने में मदद मिली है।

मापदंड

2018 

2022 

प्रवृत्ति 

समग्र नामांकन (आयु समूह 6-14)

97.2% 

98.4% 

सकारात्मक

सरकारी स्कूल में नामांकित (आयु समूह 6-14) 

65.6% 

72.9% 

सकारात्मक

स्कूल में नामांकित छात्राएँ (आयु समूह 11-14) 

4.1% 

2 % 

सकारात्मक

शुल्क देकर निजी ट्यूशन ले रहे कक्षा I-VIII के बच्चे

26.4% 

30.5% 

सकारात्मक

कक्षा III के बच्चे (सरकारी या निजी स्कूल) कक्षा II स्तर पर पढ़ने में सक्षम

27.3% 

20.5% 

नकारात्मक

जो कम-से-कम जोड़ने-घटाने में सक्षम तीसरी कक्षा के बच्चे

28.2% 

25.9% 

नकारात्मक

भारत में कक्षा V के वे बच्चे जो भाग कर सकते हैं

27.9% 

25.6% 

नकारात्मक

60 से कम छात्रों के नामांकन वाले सरकारी स्कूल 

29.4% 

29.9% 

नकारात्मक

औसत शिक्षक उपस्थिति 

85.4% 

87.1% 

सकारात्मक

लड़कियों के शौचालय की सुविधा वाले स्कूलों की संख्या

66.4% 

68.4% 

सकारात्मक

पेयजल उपलब्धता वाले विद्यालय

74.8% 

76% 

सकारात्मक

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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