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‘क्वांटम की’ वितरण प्रौद्योगिकी

  • 24 Feb 2022
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

‘क्वांटम की’ वितरण प्रौद्योगिकी, क्वांटम टेक्नोलॉजी और इसके अनुप्रयोग, क्यूबिट्स।

मेन्स के लिये:

‘क्वांटम की’ वितरण प्रौद्योगिकी और इसके लाभ तथा आवश्यकताएँ, क्वांटम प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम ने देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और विंध्याचल के बीच 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर ‘क्वांटम की’ वितरण लिंक (Quantum Key Distribution link) का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।

  • इस सफलता के साथ देश ने सैन्य ग्रेड संचार सुरक्षा कुंजी पदानुक्रम बूटस्ट्रैपिंग के लिये सुरक्षित कुंजी हस्तांतरण की स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन किया है।
  • इससे पहले चीन के उपग्रह मिसियस ने दुनिया के सबसे सुरक्षित संचार लिंक को स्थापित करने के लिये प्रकाश कणों को पृथ्वी पर भेजा था।

‘क्वांटम की’ वितरण प्रौद्योगिकी:

  • QKD, जिसे क्वांटम क्रिप्टोग्राफी भी कहा जाता है, सुरक्षित संचार विकसित करने का एक तंत्र है।
  • यह गुप्त कुंजियों को वितरित करने और साझा करने का एक तरीका प्रदान करता है जो क्रिप्टोग्राफ़िक प्रोटोकॉल के लिये आवश्यक हैं।
    • क्रिप्टोग्राफी सुरक्षित संचार तकनीकों का अध्ययन है जो केवल प्रेषक और संदेश के इच्छित प्राप्तकर्त्ता को इसकी सामग्री देखने की अनुमति देता है।
    • क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम और प्रोटोकॉल सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिये आवश्यक हैं, खासकर जब इंटरनेट जैसे अविश्वसनीय नेटवर्क के माध्यम से संचार होता है।
  • डेटा-एन्क्रिप्शन के लिये उपयोग किये जाने वाले पारंपरिक क्रिप्टोसिस्टम गणितीय एल्गोरिदम की जटिलता पर निर्भर करते हैं, जबकि क्वांटम संचार द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा भौतिकी के नियमों पर आधारित होती है।

QKD की दो मुख्य श्रेणियाँ:

  • तैयार और माप प्रोटोकॉल: 
    • यह अज्ञात क्वांटम की अवस्थाओ को मापने पर केंद्रित है। इस प्रकार के प्रोटोकॉल का उपयोग ईव्सड्रॉपिंग (Eavesdropping) के साथ-साथ संभावित रूप से कितना डेटा इंटरसेप्ट किया गया, का पता लगाने के लिये किया जा सकता है।
  •  इंटेंगलमेंट’ आधारित प्रोटोकॉल:
    • यह क्वांटम राज्यों पर केंद्रित है जिसमें दो वस्तुएँ एक साथ जुड़ी होती हैं, एक संयुक्त क्वांटम राज्य बनाती हैं।
    •  इंटेंगलमेंट’ का अर्थ है कि एक वस्तु का माप दूसरे को प्रभावित करता है। इस पद्धति में यदि कोई छिपकर बात करने वाला पहले से विश्वसनीय नोड तक पहुँचकर कुछ बदलाव करता है तो इसका पता अन्य शामिल पक्षों को चल जाएगा।

‘क्वांटम की’ वितरण कैसे कार्य करता है?

  • QKD में एन्क्रिप्शन कुंजियों को ऑप्टिकल फाइबर में 'Qubits' (या क्वांटम बिट्स) के रूप में भेजा जाता है।
    • क्यूबिट्स (Qubits) - बाइनरी सिस्टम में बिट्स के बराबर।
    • ऑप्टिकल फाइबर अन्य माध्यमों की तुलना में लंबी दूरी और तेज़ी से अधिक डेटा संचारित करने में सक्षम हैं। यह पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
  • QKD कार्यान्वयन के लिये वैध उपयोगकर्त्ताओं के बीच परस्पर क्रिया की आवश्यकता होती है। इन इंटरैक्शन को प्रमाणित करने की आवश्यकता होती है। यह कार्य विभिन्न क्रिप्टोग्राफिक माध्यमों से प्राप्त किया जा सकता है।
    • QKD उन दो उपयोगकर्त्ताओं को अनुमति देता है जो शुरू में एक लंबी गुप्त कुंजी गुप्त बिट्स की एक सामान्य यादृच्छिक स्ट्रिंग उत्पन्न करने के लिये साझा नहीं करते हैं, जिसे गुप्त कुंजी (Secret Key) कहा जाता है।
  • अंततः QKD एक प्रमाणित संचार चैनल का उपयोग कर सकता है और इसे एक सुरक्षित संचार चैनल में बदल सकता है।
  • इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यदि कोई अज्ञात इकाई ट्रांसमिशन को पढ़ने की कोशिश करती है, तो यह क्यूबिट्स में हलचल उत्पन्न कर देता है, जो फोटॉन पर एन्कोडेड होते हैं।
  • इससे ट्रांसमिशन त्रुटियाँ उत्पन्न होंगी, जिससे वैध अंतिम-उपयोगकर्त्ताओं को तुरंत सूचित किया जाएगा।

Quantum-Key

QKD की आवश्यकता:

  • QKD वर्तमान संचार नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों द्वारा परिवहन किये जा रहे डेटा की सुरक्षा के लिये क्वांटम कंप्यूटिंग में तेज़ी से प्रगति एवं खतरे को दूर करने हेतु आवश्यक है।
    • क्वांटम प्रौद्योगिकियों को मोटे तौर पर चार वर्टिकल में विभाजित किया जा सकता है- क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसर और क्वांटम सामग्री।
  • यह प्रौद्योगिकी क्वांटम सूचना के क्षेत्र में विभिन्न स्टार्ट-अप और छोटे व मध्यम उद्यमों को सक्षम करने में उपयोगी होगी।
  • यह सुरक्षा एजेंसियों को स्वदेशी प्रौद्योगिकी अवसंरचना के साथ एक उपयुक्त क्वांटम संचार नेटवर्क की योजना बनाने में सक्षम बनाएगा।
  • एन्क्रिप्शन सुरक्षित होता है और इसका मुख्य कारण फोटॉन के माध्यम से डेटा परिवर्तन का तरीका है।
    • एक फोटॉन को पूरी तरह से कॉपी नहीं किया जा सकता है और इसे मापने का कोई भी प्रयास इसमें हस्तक्षेप करता है। इसका मतलब है कि डेटा को इंटरसेप्ट की कोशिश करने वाले व्यक्ति को उसके द्वारा छोड़े गए निशान के आधार पर खोजा जा सकता है।

QKD से जुड़ी चुनौतियाँ:

  • QKD तंत्र का मौजूदा अवसंरचना में एकीकरण:
    • QKD हेतु एक आदर्श बुनियादी ढाँचे को लागू करना वर्तमान में कठिन है।
    • QKD सैद्धांतिक रूप में पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन व्यवहार में एकल फोटॉन डिटेक्टरों जैसे उपकरणों में खामियाँ कई सुरक्षा कमज़ोरियाँ पैदा करती हैं।
  • वह दूरी जिसमें फोटॉन यात्रा करते हैं:
    • आधुनिक फाइबर ऑप्टिक केबल आमतौर पर एक सीमा तक सीमित होते हैं कि वे एक फोटॉन को कितनी दूर तक ले जा सकते हैं। सामान्य तौर पर यह रेंज 100 किमी. से ऊपर देखी जाती है।
  • QKD का प्रयोग:
    • QKD पहले से ही स्थापित संचार के पारंपरिक रूप से प्रमाणित चैनल पर निर्भर करता है। 
      • इसका मतलब यह है कि भाग लेने वाले उपयोगकर्त्ताओं में से एक ने संभवतः पहले से ही एक सममित कुंजी का आदान-प्रदान किया है, जिससे पर्याप्त स्तर की सुरक्षा पैदा हो गई है।
      • एक अन्य उन्नत एन्क्रिप्शन मानक का उपयोग करके QKD के बिना एक सिस्टम को पहले से ही पर्याप्त रूप से सुरक्षित बनाया जा सकता है। 
    • जैसे-जैसे क्वांटम कंप्यूटर का उपयोग अधिक होता जा रहा है, यह संभावना बनी रहती है कि एक हमलावर क्वांटम कंप्यूटिंग की वर्तमान एन्क्रिप्शन विधियों में घुसपैठ करने की क्षमता का उपयोग कर सकता है, जिससे QKD अधिक प्रासंगिक हो जाता है।

आगे की राह

  • क्वांटम प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोगों को विकसित करने में शामिल स्टार्ट-अप्स और बिग टेक निगमों की शक्ति का उपयोग किया जाना चाहिये।
  • अगले 10-15 वर्षों के लिये एक व्यापक रणनीति विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिये। जिसमें यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि संसाधनों का गलत आवंटन न हो और जो प्रयास किये गए हैं, वे उन प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित हैं जो आर्थिक और रणनीतिक लाभ प्रदान करते हैं।

स्रोत: पी.आई.बी.

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