प्रयागराज शाखा पर IAS GS फाउंडेशन का नया बैच 10 जून से शुरू :   संपर्क करें
ध्यान दें:

डेली न्यूज़


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

किलोग्राम की नई परिभाषा (New definition of kilogram)

  • 17 Nov 2018
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

वैज्ञानिकों ने किलोग्राम की परिभाषा को परिवर्तित कर दिया है और इस नई परिभाषा को 50 से ज़्यादा देशों ने अपनी मंज़ूरी भी दे दी है।

कैसे परिभाषित किया गया है किलोग्राम को?

  • वर्तमान में किलोग्राम को प्लेटिनम से बनी एक सिल जिसे 'ली ग्रैंड के' कहा जाता है, के वज़न द्वारा परिभाषित किया जाता है। इस प्रकार की एक सिल पश्चिमी पेरिस में इंटरनेशनल ब्यूरो ऑफ़ वेट्स एंड मीज़र्स के वॉल्ट में वर्ष 1889 से सुरक्षित है।
  • लंदन में निर्मित 'ली ग्रैंड के' 90% प्लेटिनम और 10% इरिडियम का बना 4 सेंटीमीटर का एक सिलेंडर है।

'वेट एंड मीज़र्स पर आयोजित सम्मेलन में लिया गया फैसला

  • हाल ही में फ्राँस के वर्साइल्स में 'वेट एंड मीज़र्स' पर एक बड़े सम्मलेन का आयोजन किया गया और इस सम्मेलन में किलोग्राम की परिभाषा बदलने के लिये मतदान किया गया और मतदान के बाद किलोग्राम की परिभाषा को बदलने के फ़ैसले पर मुहर लगा दी गई।
  • सम्मेलन के दौरान अधिकांश वैज्ञानिकों का मानना था कि किलोग्राम को यांत्रिक और विद्युत चुंबकीय ऊर्जा के आधार पर परिभाषित किया जाए।

किलोग्राम के बदलाव से क्या प्रभाव पड़ेगा?

  • किलोग्राम की परिभाषा में बदलाव होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित नहीं होगा बल्कि उद्योग और विज्ञान में इसका व्यावहारिक प्रयोग होगा क्योंकि ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ सटीक माप की आवश्यकता होती है।

बदलाव की आवश्यकता

  • अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली में किलोग्राम सात मूल इकाइयों में से एक है। सात मूल इकाइयाँ हैं- मीटर, किलोग्राम, सेकंड, एम्पियर, कैल्विन, मोल, कैन्डेला, कूलम्ब या कूलाम)। किलोग्राम अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली में अंतिम मूल इकाई है जिसे अभी तक एक भौतिक वस्तु (physical Object) द्वारा परिभाषित किया जाता रहा है।
  • चूँकि भौतिक वस्तुओं से परमाणु का ह्रास आसानी से हो सकता है या ये वस्तुएँ हवा से अणुओं को अवशोषित कर सकती हैं इसलिये इसकी मात्रा माइक्रोग्राम में कई बार बदली गई थी।
  • इसका तात्पर्य यह है कि किलोग्राम को मापने के लिये दुनिया भर में एक प्रतिमान (prototype) का उपयोग किया जाता है और यह प्रतिमान अशुद्ध माप बताता है।
  • सामान्यतः जीवन में इस तरह के मामूली बदलाव को महसूस नहीं किया जा सकता लेकिन एकदम सटीक वैज्ञानिक गणनाओं के लिये यह हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है।

आगे की राह

  • आने वाले समय में किलोग्राम की माप किब्बल या वाट बैलेंस (एक ऐसा उपकरण जो यांत्रिक और विद्युत चुंबकीय ऊर्जा का उपयोग करके सटीक गणना करता है) की सहायता से की जाएगी।

  • नई परिभाषा लागू होने के बाद किलोग्राम की परिभाषा को न तो बदला जा सकेगा और न ही इसे किसी प्रकार की क्षति पहुँचाई जा सकेगी।
  • किब्बल केवल फ्राँस में ही नहीं बल्कि दुनिया में कहीं भी वैज्ञानिकों को एक किलोग्राम की सटीक माप उपलब्ध करवाएगा।
close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2