उत्तर प्रदेश
भारत का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय उत्तर प्रदेश में
- 19 Feb 2026
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चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने देश की समृद्ध विरासत और पशुधन से जुड़ी वैज्ञानिक समझ को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से मथुरा में भारत का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।
मुख्य बिंदु:
- उद्देश्य और विज़न: राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय समाज में गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्त्व को उजागर करना है। यह परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए आगंतुकों को शिक्षित करेगा।
- यह संग्रहालय उत्तर प्रदेश के मथुरा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के परिसर में विकसित किया जाएगा।
- प्रदर्शनी: संग्रहालय में भारतीय गोवंश की लगभग 100 डिजिटल और भौतिक प्रतिमाएँ प्रदर्शित किये जाने की संभावना है, जिनमें प्रमुख स्वदेशी तथा विलुप्तप्राय नस्लें शामिल होंगी।
- एक प्रमुख आकर्षण गाय के दूध और उससे बने दुग्ध उत्पादों जैसे दही, घी एवं पनीर पर आधारित प्रदर्शनी होगी, जिसमें उनके पोषण संबंधी, वैज्ञानिक तथा आयुर्वेदिक लाभों को आधुनिक प्रस्तुति तकनीकों के माध्यम से समझाया जाएगा।
- पर्यटन: संग्रहालय में डेयरी पार्लर भी होंगे, जहाँ आगंतुक दुग्ध के शुद्ध उत्पाद खरीद सकेंगे। इससे यह संग्रहालय एक शैक्षणिक केंद्र के साथ-साथ पर्यटन आकर्षण के रूप में भी विकसित होगा।
- महत्त्व: यह पहल ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने, गो-संरक्षण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और विरासत में गोवंश की भूमिका के प्रति संतुलित समझ विकसित करने का प्रयास है।