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पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'अंजदीप'

  • 01 Jan 2026
  • 11 min read

चर्चा  में क्यों?

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित तीसरा पनडुब्बी-रोधी शैलो वाटर युद्धपोत (ASW–SWC) ‘अंजदीप’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।

मुख्य बिंदु 

  • अंजदीप के बारे में: 
    • इस पोत को चेन्नई स्थित INS अड्यार में भारतीय नौसेना को सुपुर्द किया गया। 
    • इसका डिज़ाइन और निर्माण स्वदेशी रूप से गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा एल एंड टी शिपयार्ड, कट्टुपल्ली के सहयोग से किया गया है।
  • तकनीकी क्षमताएँ
    • यह युद्धपोत हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी-रोधी रॉकेट प्रणाली तथा शैलो वाटर के लिये उपयुक्त सोनार सिस्टम से सुसज्जित है। 
    • इसे विशेष रूप से उथले समुद्री क्षेत्रों में संचालन तथा पानी के नीचे मौजूद खतरों का प्रभावी पता लगाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
  • प्रणोदन प्रणाली
    • लगभग 77 मीटर लंबाई वाला यह पोत वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली से संचालित होने वाले सबसे बड़े भारतीय नौसैनिक युद्धपोतों में शामिल है।
  • सामरिक महत्त्व
    • यह पोत तटीय निगरानी और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करता है। इससे तटीय क्षेत्र में भारत की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को मज़बूती मिलती है।
  • स्वदेशीकरण का पक्ष
    • यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमता में हो रही निरंतर वृद्धि और स्वदेशी प्रौद्योगिकी के सफल उपयोग को प्रतिबिंबित करती है।
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