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ड्यूल और जॉइंट डिग्री के लिये यूजीसी मानदंड

  • 26 Apr 2022
  • 4 min read

हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) द्वारा संयुक्त डिग्री, दोहरी डिग्री और जुड़वांँ कार्यक्रम विनियम, 2022 (Joint Degree, Dual Degree, and Twinning Programmes Regulations, 2022) को प्रस्तुत करने के लिये भारतीय व विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के मध्य अकादमिक सहयोग जारी किया गया है।

  • इन नियमों के तहत सहयोगी संस्थानों को तीन तरह के कार्यक्रमों- ट्विनिंग (Twinning), संयुक्त डिग्री (Joint Degrees) और दोहरी डिग्री (Dual Degrees) की पेशकाश करने की अनुमति होगी। 

नए नियमों के प्रमुख बिंदु:

  • दोहरी डिग्री कार्यक्रम: अनुमोदित संशोधनों में "दोहरी  डिग्री कार्यक्रमों" का प्रावधान शामिल है- जिसके तहत भारतीय और विदेशी दोनों संस्थान एक ही पाठ्यक्रम के लिये तथा एक ही स्तर पर अलग-अलग व एक साथ डिग्री प्रदान करने में सक्षम होंगे।
  • आसान नियमन: न्यूनतम शैक्षणिक मानकों को पूरा करने वाले भारतीय विश्वविद्यालयों को ऐसे कार्यक्रमों की पेशकश करने के लिये यूजीसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। 
  • संयुक्त डिग्री: इन कार्यक्रमों के लिये नामांकन करने वाले छात्रों को क्रेडिट अर्जित करने के लिये विदेश जाना होगा, लेकिन ऐसा करते समय उन्हें अलग से प्रवेश नहीं लेना होगा।
    • मसौदा संशोधनों में विदेशी भागीदार संस्थानों को वैश्विक रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 1,000 में शामिल होना आवश्यक था। 
  • दोहरी डिग्री: दोहरी डिग्री के लिये छात्रों को विदेशी संस्थान में अपने पाठ्यक्रम क्रेडिट का कम-से-कम 30% पूरा करना होगा।
    • भारतीय और विदेशी दोनों संस्थानों द्वारा प्रदान की जाने वाली डिग्री संबंधित संस्थानों में अर्जित क्रेडिट को इंगित करेगी।
    • पाठ्यक्रम के अंत में छात्र को भारतीय और विदेशी संस्थान द्वारा अलग-अलग व एक साथ दो डिग्री प्रदान की जाएगी।
  • जुड़वांँ व्यवस्था : एक विद्यार्थी आंशिक रूप से भारत में और आंशिक रूप से विदेशी विश्वविद्यालय में एक ही प्रोग्राम का अध्ययन कर सकता है, लेकिन डिप्लोमा या डिग्री सिर्फ भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाएगी।  
    •  विद्यार्थियों को विदेशी संस्थान में एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से कोर्स के क्रेडिट का 30% तक पूरा करना होगा।
  • अपवाद: नए नियम ऑनलाइन, ओपन और डिस्टेंस लर्निंग मोड में होने वाले कार्यक्रमों पर लागू नहीं होते हैं।
  • महत्त्व: नया विनियमन भारतीय छात्रों को विदेशी डिग्री प्राप्त करने और उनकी रोज़गार क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग: 

  • यह 28 दिसंबर, 1953 को अस्तित्व में आया और विश्वविद्यालयी शिक्षा में शिक्षण, परीक्षा और अनुसंधान के मानकों के समन्वय, निर्धारण तथा रखरखाव के लिये वर्ष 1956 में संसद के एक अधिनियम द्वारा वैधानिक निकाय बनाया गया। 
  • UGC का प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है। 

 स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

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