दृष्टि ज्यूडिशियरी का पहला फाउंडेशन बैच 11 मार्च से शुरू अभी रजिस्टर करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


प्रारंभिक परीक्षा

ताल छापर अभयारण्य

  • 20 Dec 2022
  • 9 min read

हाल ही में राजस्थान राज्य द्वारा प्रसिद्ध ताल छापर कृष्णमृग (ब्लैकबक) अभयारण्य, चूरू के इको सेंसिटिव ज़ोन के आकार को कम करने के प्रस्ताव के विरुद्ध उक्त अभ्यारण्य को संरक्षण प्राप्त हुआ है।

  • वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड फॉर नेचर ने भी 7.19 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैले इस अभयारण्य में शिकारी पक्षियों (रैप्टर्स) के संरक्षण के लिये एक बड़ी परियोजना शुरु की है।

wildlife-in-rajasthan

ताल छापर अभयारण्य:

  • परिचय:
    • ताल छापर अभयारण्य भारतीय थार रेगिस्तान की सीमा पर स्थित है।
    • ताल छापर भारत में देखे जाने वाले सबसे सुंदर एंटीलोप "द ब्लैकबक" का एक विशिष्ट आश्रय स्थल है।
    • इसे वर्ष 1966 में अभयारण्य का दर्जा दिया गया था।
      • ताल छापर बीकानेर के पूर्व शाही परिवार का एक शिकार अभ्यारण्य था।
    • “ताल” शब्द राजस्थानी शब्द है जिसका अर्थ समतल भूमि होता है।
    • इस अभयारण्य में लगभग समतल क्षेत्र और संयुक्त पतला निचला क्षेत्र है। इसमें फैले बबूल और प्रोसोपिस के पौधों के साथ खुले एवं चौड़े घास के मैदान हैं जो इसे एक विशिष्ट सवाना का रूप देते हैं।
  • पशु:
    • कृष्णमृग या काले हिरण या ब्लैकबक देखने के लिये ताल छापर एक आदर्श स्थान है जो यहाँ एक हज़ार से अधिक संख्या में हैं। यह रेगिस्तानी जानवरों और सरीसृप प्रजातियों को देखने हेतु एक अच्छी जगह है।
    • यह अभयारण्य लगभग 4,000 ब्लैकबक, रैप्टर्स की 40 से अधिक प्रजातियों और स्थानिक एवं प्रवासी पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियों का निवास स्थल है।
    • अभयारण्य में प्रवासी पक्षियों में हैरियर, ईस्टर्न इम्पीरियल ईगल, टॉनी ईगल, शॉर्ट-टोड ईगल, गौरैया और छोटे-हरे मधुमक्खी खाने वाले, ब्लैक आईबिस और डेमोइसेल क्रेन शामिल हैं। इसके अलावा, स्काईलार्क्स, क्रेस्टेड लार्क्स, रिंग डव्स और ब्राउन डव्स पूरे साल देखे जा सकते हैं।

कृष्णमृग या काले हिरण (Blackbuck)

  • परिचय:
    • कृष्णमृग का वैज्ञानिक नाम ‘Antilope cervicapra’ है, जिसे ‘भारतीय मृग’ (Indian Antelope) के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत और नेपाल में मूल रूप से स्थानिक मृग की एक प्रजाति है।
      • ये राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और अन्य क्षेत्रों में (संपूर्ण प्रायद्वीपीय भारत में) व्यापक रूप से पाए जाते हैं।
    • ये घास के मैदानों में सर्वाधिक पाए जाते हैं अर्थात् इसे घास के मैदान का प्रतीक माना जाता है।
    • इसे चीते के बाद दुनिया का दूसरा सबसे तेज़ दौड़ने वाला जानवर माना जाता है।
    • कृष्णमृग एक दैनंदिनी मृग (Diurnal Antelope) है अर्थात् यह मुख्य रूप से दिन के समय ज़्यादातर सक्रिय रहता है।
    • यह आंध्र प्रदेश, हरियाणा और पंजाब का राज्य पशु है।
    • सांस्कृतिक महत्त्व: यह हिंदू धर्म के लिये पवित्रता का प्रतीक है क्योंकि इसकी त्वचा और सींग को पवित्र अंग माना जाता है। बौद्ध धर्म के लिये यह सौभाग्य (Good Luck) का प्रतीक है।
  • संरक्षण स्थिति:
  • खतरा:
    • इनके संभावित खतरों में प्राकृतिक आवास का विखंडन, वनों का उन्मूलन, प्राकृतिक आपदाएँ, अवैध शिकार आदि शामिल हैं।
  • संबंधित संरक्षित क्षेत्र:
    • वेलावदर (Velavadar) कृष्णमृग अभयारण्य- गुजरात
    • प्वाइंट कैलिमेर (Point Calimer) वन्यजीव अभयारण्य- तमिलनाडु
    • वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने प्रयागराज के समीप यमुना-पार क्षेत्र (Trans-Yamuna Belt) में कृष्णमृग संरक्षण रिज़र्व स्थापित करने की योजना को मंज़ूरी दी। यह कृष्णमृग को समर्पित पहला संरक्षण रिज़र्व होगा।

पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र या इको सेंसिटिव ज़ोन (ESZ)

  • ESZ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (Climate Change- CC) द्वारा अधिसूचित क्षेत्र हैं।
  • मूल उद्देश्य राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास कुछ गतिविधियों को विनियमित करना है ताकि संरक्षित क्षेत्रों को शामिल करने वाले संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर ऐसी गतिविधियों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।
  • जून, 2022 में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि देश भर में प्रत्येक संरक्षित वन, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य में उनकी सीमांकित सीमाओं से शुरू करते हुए कम से कम एक किलोमीटर का अनिवार्य पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) होना चाहिये।

 UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ) 

प्रश्न: भारतीय अनूप मृग (बारहसिंगा) की उस उपजाति, जो पक्की भूमि पर फलती-फूलती है और केवल घासभक्षी है, के संरक्षण के लिये निम्नलिखित में से कौन-सा संरक्षित क्षेत्र प्रसिद्ध है? (2020)

(a) कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
(b) मानस राष्ट्रीय उद्यान
(c) मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य
(d) ताल छप्पर वन्यजीव अभयारण्य

उत्तर: A

व्याख्या:

  • मध्य प्रदेश के राज्य पशु अनूप मृग या बारहसिंघा (Rucervus duvaucelii) के संरक्षण हेतु उन्हें कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिज़र्व (KNPTR) में लाया जा रहा है।
  • कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में अनूप मृग विलुप्त होने के करीब था। हालाँकि संरक्षण प्रयासों के चलते वर्तमान में इसकी जनसंख्या लगभग 800 है।
  • यह हिरण सतपुड़ा पहाड़ियों की मैकाल श्रेणी पर कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिज़र्व की स्थानिक है। यहाँ कैप्टिव प्रजनन और आवास सुधार जैसे उपायों का उपयोग किया गया था।

अतः विकल्प A सही है।


प्रश्न. 'पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र’ (ESZ) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र वे क्षेत्र हैं, जिन्हें वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अधीन घोषित किया गया है।
  2. पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र को घोषित करने का प्रयोजन है, उन क्षेत्रें में केवल कृषि को छोड़कर सभी मानव क्रियाओं पर प्रतिबन्ध लगाना।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और ही 2

उत्तर: (d)

स्रोत: द हिंदू

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2