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SIPRI इयरबुक 2023

  • 15 Jun 2023
  • 5 min read

हाल ही में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने इयरबुक 2023 में खुलासा किया कि इस दशक के अंत तक चीन द्वारा अमेरिका और रूस की भाँति कई इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) तैयार किये जाने की संभावना है।

  • रूस के पास सबसे अधिक संख्या में परमाणु शस्त्रागार हैं, उसके बाद क्रमशः अमेरिका और चीन का स्थान है, जबकि अमेरिका ने रूस एवं फ्राँस के बाद सबसे अधिक संख्या में परमाणु शस्त्रागार तैनात किये हैं।

परमाणु शस्त्रागार के संदर्भ में SIPRI का खुलासा: 

  • वैश्विक परमाणु शस्त्रागार:
    • आधुनिकीकरण और विस्तार:
      • संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन सहित नौ परमाणु-सशस्त्र देशों ने वर्ष 2022 में नए परमाणु-सशस्त्र या परमाणु-सक्षम हथियार प्रणालियों को तैनात करते हुए अपने परमाणु शस्त्रागार का आधुनिकीकरण एवं विस्तार करना जारी रखा है।
      • अन्य परमाणु-सशस्त्र देश यूनाइटेड किंगडम, फ्राँस, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इज़रायल हैं।
    • कुल वैश्विक सूची:  
      • जनवरी 2023 तक संभावित उपयोग के लिये सैन्य भंडार में रखे गए लगभग 9,576 वॉरहेड्स के साथ वॉरहेड्स की कुल वैश्विक सूची 12,512 होने का अनुमान है
  • रूस और यू.एस. का प्रभुत्व:
    • सभी परमाणु हथियारों का 90%:
      • रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के पास अपने संबंधित परमाणु शस्त्रागार के अपेक्षाकृत स्थिर आकार के साथ सभी परमाणु हथियारों का लगभग 90% हिस्सा है।
    • शस्त्र नियंत्रण चिंताएँ:
      • यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु बलों के संबंध में पारदर्शिता एवं संवाद में कमी आई है।
      • रणनीतिक स्थिरता वार्ता का निलंबन और भविष्य में सामरिक आक्रामक शस्त्रों की कमी और सीमा के लिये उपायों पर संधि (न्यू START) ने अनुवर्ती संधि हेतु चर्चा को रोक दिया है।
    • नई START सीमाएँ बनी हुई हैं:
      • SIPRI के आकलन के अनुसार, तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका जनवरी 2023 तक अपने तैनात रणनीतिक परमाणु बलों के लिये New START द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर बने रहे।
  • भारत का परमाणु शस्त्रागार: 
    • शस्त्रागार में वृद्धि:  
      • भारत के परमाणु शस्त्रागार का भी विस्तार हुआ, जो वर्ष 2022 के 160 वॉरहेड से बढ़कर वर्ष 2023 में 164 वॉरहेड हो गया और इसी अवधि में पाकिस्तान का वॉरहेड 165 से 170 हो गया।
    • लंबी दूरी के हथियारों पर ध्यान केंद्रित करना:  
      • भारत के परमाणु निवारक लंबी दूरी के हथियारों पर बल दे रहे हैं जो मुख्य रूप से पाकिस्तान पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूरे चीन में लक्ष्य तक पहुँचने में सक्षम हैं। 
    • बैलिस्टिक मिसाइलों का उन्नयन:
      • भारत अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया में है, जिसमें पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का विकास और 'अग्नि प्राइम' नामक नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल शामिल है।
  • चीन का परमाणु शस्त्रागार:
    • शस्त्रागार में वृद्धि:  
      • SIPRI के अनुसार, जनवरी 2022 में चीन का परमाणु शस्त्रागार 350 वॉरहेड से बढ़कर जनवरी 2023 में 410 वॉरहेड हो गया। 
    • विस्तार संबंधी चिंताएँ:  
      • चीन का परमाणु हथियारों का व्यापक विस्तार राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु न्यूनतम परमाणु हथियार रखने के चीन के ही निर्धारित लक्ष्य के विपरीत है। 

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI): 

  • SIPRI एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है जो संघर्ष, शस्त्रीकरण, शस्त्र नियंत्रण और निरस्त्रीकरण हेतु अनुसंधान के लिये समर्पित है।
  • स्टॉकहोम में वर्ष 1966 में स्थापित SIPRI नीति निर्माताओं, शोधकर्त्ताओं, मीडिया और इच्छुक जनता को ओपन स्रोतों के आधार पर डेटा, विश्लेषण एवं सुझाव प्रदान करता है। 

स्रोत: द हिंदू

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