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निर्यातित उत्पादों पर शुल्कों और करों में छूट की योजना

  • 27 Sep 2023
  • 4 min read

स्रोत: द हिंदू

चर्चा में क्यों?

निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट की योजना (RoDTEP), जिसे शुरुआत में 30 सितंबर 2023 तक अधिसूचित किया गया था, मौज़ूदा निर्यात वस्तुओं पर लागू समान दरों के साथ 30 जून 2024 तक बढ़ा दी गई है।

RoDTEP योजना:

  • परिचय:
    • निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट की योजना (RoDTEP) भारत के निर्यातकों को समर्थन देने में एक महत्त्वपूर्ण घटक के रूप में उभरी है।
    • यह मौज़ूदा निर्यात प्रोत्साहन योजना, मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया (MEIS) की जगह 1 जनवरी, 2021 को प्रारंभ हो गई।
      • यह परिवर्तन विश्व व्यापार संगठन (WTO) के फैसले से प्रेरित था, जिसने वस्तुओं के व्यापक स्पेक्ट्रम के लिये निर्यात सब्सिडी के प्रावधान के कारण MEIS योजना के WTO नियमों के उल्लंघन का निर्धारण किया था।
    • योजना के तहत छूट निर्यात के FOB (फ्रेट ऑन बोर्ड) मूल्य के अनुमत प्रतिशत के आधार पर दी जाती है और हस्तांतरणीय शुल्क क्रेडिट/इलेक्ट्रॉनिक स्क्रिप (ई-स्क्रिप) के रूप में जारी की जाती है, जिसका विवरण केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा एक डिजिटल बहीखाते में रखा जाता है। ।
    • RoDTEP समिति राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्य करती है।
      • इसकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी RoDTEP योजना के तहत विभिन्न निर्यात क्षेत्रों के लिये अधिकतम दरों की समीक्षा और सिफारिश करना है।
  • उद्देश्य:
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य निर्यातित उत्पादों के उत्पादन और वितरण के दौरान लगने वाले शुल्कों एवं करों में छूट देकर निर्यातकों को व्यापक सहायता प्रदान करना है।
  • महत्त्वपूर्ण बात यह है कि RoDTEP केंद्रीय, राज्य और स्थानीय स्तरों पर करों, शुल्कों तथा लेवी को शामिल करता है, जिन्हें किसी अन्य मौजूदा तंत्र के माध्यम से वापस नहीं किया जाता है।
  • वित्तीय आवंटन:
    • वित्तीय वर्ष 2023-24 में, भारत सरकार ने RoDTEP योजना का समर्थन करने के लिये 15,070 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है।
  • हितधारकों की वचनबद्धता:

फ्रेट ऑन बोर्ड:

  • फ्रेट ऑन बोर्ड या फ्री ऑन बोर्ड (FOB) एक शिपमेंट शब्द है जो आपूर्ति शृंखला में उस बिंदु को परिभाषित करता है जब कोई खरीदार या विक्रेता परिवहन की जा रही वस्तु के लिये उत्तरदायी हो जाता है। खरीदारों और विक्रेताओं के बीच खरीद आदेश FOB शर्तों को निर्दिष्ट करते हैं तथा स्वामित्व, जोखिम एवं परिवहन लागत निर्धारित करने में सहायता करते हैं।
    • "FOB ओरिजिन" का अर्थ है कि खरीदार शिपमेंट बिंदु पर वस्तु का शीर्षक स्वीकार करता है और विक्रेता द्वारा उत्पाद भेजने के बाद सभी प्रकार के जोखिम लेता है।
  • यदि पारगमन के दौरान सामान क्षतिग्रस्त हो जाता है या खो जाता है तो खरीदार उसका ज़िम्मेदार होता है।
  • "FOB डेस्टिनेशन" का अर्थ है कि विक्रेता वस्तु का शीर्षक और पारगमन के दौरान सभी ज़िम्मेदारी तब तक बरकरार रखता है जब तक कि वस्तु खरीदार तक नहीं पहुँच जाती।

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