हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )UPPCS मेन्स क्रैश कोर्स.
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

डेली अपडेट्स

प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 9 नवंबर, 2019

  • 09 Nov 2019
  • 6 min read

टाइगर ट्रायम्फ

Tiger Triumph

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पहला त्रि-सेवा युद्ध अभ्यास टाइगर ट्रायम्फ (Tiger Triumph) का आयोजन 13-21 नवंबर, 2019 तक किया जाएगा।

Tiger Triumph

टाइगर ट्रायम्फ

  • यह भारत और अमेरिका के बीच प्रथम त्रि-सेवा युद्ध अभ्यास होगा तथा इसका मुख्य फोकस मानवीय सहायता एवं आपदा राहत ऑपरेशन पर होगा।
  • यह युद्ध अभ्यास आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और काकीनाडा तटों पर आयोजित किया जाएगा।
  • इस युद्ध अभ्यास में भारत की ओर से लगभग 1200 तथा अमेरिका की ओर से 500 सैनिक हिस्सा लेंगे।
  • इसका आयोजन इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (Integrated Defence Staff- IDS) के तहत किया जाएगा।
  • यह ऐसा दूसरा अवसर होगा जब भारत थलसेना, नौसेना तथा वायुसेना सहित किसी दूसरे देश के साथ त्रि-सेवा युद्ध अभ्यास करेगा।
  • इससे पहले भारत ने रूस के साथ त्रि-सेवा युद्ध अभ्यास ‘इंद्र’ में हिस्सा लिया था।

शिल्पोत्सव-2019

Shilpotsav-2019

सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिल्‍ली हाट में शिल्पोत्सव-2019 (Shilpotsav-2019) का आयोजन किया जा रहा है।

Shilpotsav

  • शिल्‍पोत्‍सव का उद्देश्‍य समाज के कमज़ोर वर्गों के शिल्पियों को प्रोत्‍साहन देना है।
  • शिल्‍पोत्‍सव-2019 का आयोजन 1-15 नवंबर, 2019 तक किया जा रहा है।
  • महोत्सव में शिल्प कारीगरों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सर्वोच्च निगमों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। ये है-
    • राष्‍ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्‍त और विकास निगम (National Backward Classes Finance & Development Corporation- NBCFDC)
    • राष्‍ट्रीय अनुसूचित जाति वित्‍त और विकास निगम (National Scheduled Caste Finance & Development Corporation-NSFDC)
    • राष्‍ट्रीय दिव्‍यांग वित्‍त और विकास निगम (National Handicapped Finance & Development Corporation- NHFDC)
    • राष्‍ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्‍त और विकास निगम (National Safai Karamchari Finance & Development Corporation- NSKFDC)
    • नेशनल ट्रस्‍ट (National Trust)
  • महोत्सव में सिल्‍क साडियाँ, दरियाँ, सिले-सिलाए वस्‍त्र, मिट्टी के उत्‍पाद, जूट उत्‍पाद, ड्रैस मैटिरियल, कश्‍मीरी शॉल/स्‍टोल, संगमरमर की कलाकृतियाँ और हथकरघा आदि उत्‍पाद शामिल होंगे।

बुलबुल चक्रवात

Cyclone Bulbul

हाल ही में भारत मौसम विभाग (India Meteorological Department- IMD) ने बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवात बुलबुल को लेकर भारतीय राज्यों-पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिये ओरेंज अलर्ट जारी किया है।

BulBul Cyclone

बुलबुल चक्रवात

  • पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा उत्तरी अंडमान सागर में बन रहा दबाव एक भयंकर चक्रवाती तूफान में बदल गया है।
  • यह चक्रवात पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की ओर बढ़ रहा है।
  • इस चक्रवात का नामकरण पाकिस्तान द्वारा किया गया है।

cyclone colourful


ध्रुपद

Dhrupad

हाल ही में ध्रुपद उस्ताद और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित रमाकांत गुंदेचा का निधन हो गया है।

Dhrupad

ध्रुपद

  • ध्रुपद हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की एक प्राचीन श्रेणी है।
  • ध्रुपद ध्रुव+पद से मिलकर बना है जिसका अर्थ है निश्चित नियम वाला जो अटल हो तथा नियम में बँधा हुआ हो।
  • इसमें संस्कृत शब्दों का उपयोग किया जाता है और इसका उद्गम मंदिरों में हुआ था।
  • इस गायन शैली में भक्ति रस, वीर रस, शांत रस तथा शृंगार रस की प्रधानता रहती है।
  • ध्रुपद रचनाओं में 4 से 5 पद होते हैं और ये रचनाएँ जोड़ों में गाई जाती हैं।
  • प्राचीन काल में ध्रुपद को कलावंत कहा जाता था।
  • इस शैली के विकास में संगीत सम्राट तानसेन एवं उनके गुरु स्वामी हरिदास का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है।
  • इसके प्रमुख गायकों में डागर बंधु, गुंदेचा बंधु, पंडित रामचतुर मल्लिक, पंडित सियाराम तिवारी आदि शामिल हैं।
  • इसे गाते समय कंठ और फेफड़ों पर अधिक ज़ोर दिया जाता है और पुरुष ही इसे गा सकते हैं, इसलिये इसे मर्दाना गायकी भी कहा जाता है।
  • हाल के दिनों में कुछ महिलाओं ने भी इसे गाने की शुरुआत की है जिसमें भारत की अमिता सिन्हा महापात्रा और पकिस्तान की आलिया राशिद प्रमुख हैं।
एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close