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प्रीलिम्स फैक्ट्स: 22- 07- 2019

  • 22 Jul 2019
  • 9 min read

महेश रथ यात्रा

Rath Yatra of Mahesh

4 जुलाई 2019 पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले में ‘महेश रथ यात्रा’ के 623वें संस्करण का आयोजन किया गया।

  • यह पश्चिम बंगाल की सबसे पुरानी रथ यात्रा है, जिसे वर्ष 1396 से पुरी रथ यात्रा के रूप में मनाया जाता है।
  • यह हुगली ज़िले के श्रीरामपुर में आयोजित होने वाली महेश रथ यात्रा है, जिसे दुनिया का दूसरा सबसे पुराना रथ उत्सव कहा जाता है।

Mahesh Rath yatra

  • किंवदंतियों के अनुसार, एक बार बंगाली साधु द्रुबानंद ब्रह्मचारी (Drubananda Brahmachari) को भगवान जगन्नाथ को भोग चढ़ाने से रोक दिया गया जिससे आहत होकर उन्होंने उपवास शुरू कर दिया, उपवास के तीसरे दिन स्वयं भगवान् जगन्नाथ ने उनके स्वप्न में आकर डारू-ब्रह्मा (नीम के तने) से बलराम, जगन्नाथ एवं सुभद्रा की मूर्तियाँ बनाने का निर्देश दिया। भगवान के निर्देश का पालन करते हुए द्रुबानंद ब्रह्मचारी ने महेश में नीम के तने से मूर्तियाँ बनाईं।
  • फलस्वरूप महेश के द्रुबानंद मंदिर की स्थापना हुई। चैतन्य महाप्रभु ने भी महेश को नब नीलाचल (नई पुरी) के रूप में संबोधित किया था।

कोलिस्टिन एंटीबायोटिक

Colistin Antibiotic

हाल ही में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने कोलिस्टिन (Colistin) के निर्माण, बिक्री एवं वितरण को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है।

    • यह प्रतिबंध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 (Drugs and Cosmetics Act) के प्रावधानों के तहत लगाया गया है।
    • दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड (Drug Technical Advisory Board- DTAB) जो कि देश में दवाओं से संबंधित तकनीकी मामलों पर सरकार का शीर्ष सलाहकार निकाय है, ने इसे प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी।
    • कोलिस्टिन पशु चिकित्सा में चिकित्सीय उद्देश्य के लिये प्रयुक्त होने वाली एक एंटीबायोटिक दवा है, पोल्ट्री उद्योग में इस दवा का अत्यधिक दुरुपयोग किया जाता है।
    • कोलिस्टिन एक महत्त्वपूर्ण जीवन रक्षक एंटीबायोटिक है लेकिन हाल के वर्षों में ऐसे रोगी भी पाए गए जिनमें इस दवा का प्रतिरोध देखा गया।
    • लगभग 95% कोलिस्टिन का आयात चीन से किया जाता है।
    • उल्लेखनीय है कि चीन जो कोलिस्टिन के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है, ने अपने देश में उपभोग के लिये पाले गए किसी भी उत्पादक जानवर या मछली पर इसके उपयोग को प्रतिबंधित लगा दिया है।
  • ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 एंड रूल्स 1945 (The Drugs & Cosmetics Act,1940 and rules 1945) के तहत CDSCO दवाओं के अनुमोदन, क्लिनिकल परीक्षणों के संचालन, दवाओं के मानक तैयार करने, देश में आयातित दवाओं की गुणवत्ता पर नियंत्रण और राज्य दवा नियंत्रण संगठनों को विशेषज्ञ सलाह प्रदान करके ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रवर्तन में एकरूपता लाने के लिये उत्तरदायी है।

रातापानी वन्यजीव अभयारण्य

Ratapani Wildlife Sanctuary

मध्य प्रदेश सरकार ने रातापानी वन्यजीव अभयारण्य (Ratapani Wildlife Sanctuary) को बाघ के लिये आरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है।

Ratapani Wildlife Sanctuary

  • उल्लेखनीय है कि इसी अभयारण्य के लिये राज्य को 11 साल पहले राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority- NTCA) हेतु अनुमोदन प्राप्त हुआ था।
  • यह अभयारण्य मध्य प्रदेश के भोपाल-रायसेन वन प्रभाग में 890 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला है।
  • अभयारण्य में बाघों की संख्या लगभग लगभग 40 है साथ ही भोपाल के वन क्षेत्र में 12 बाघों की आवाजाही भी देखी गई है। अतः बाघ अभयारण्य घोषित करने के लिये पूरे क्षेत्र को संयुक्त रूप में जोड़ा जाएगा।
  • रायसेन, सीहोर तथा भोपाल ज़िलों का लगभग 3,500 वर्ग किमी का क्षेत्र बाघों के लिये आरक्षित किया गया है।
  • 1,500 वर्ग किमी. क्षेत्र को कोर क्षेत्र के रूप में जबकि 2,000 वर्ग किमी को बफर ज़ोन के रूप में नामित किया जाएगा।
  • इस क्षेत्र को बाघ अभयारण्य के रूप में घोषित किये जाने से अवैध खनन और अवैध शिकार की समस्या का सामना कर रहे बाघों को बेहतर संरक्षण प्राप्त होगा।

रोबोटिक्स के माध्यम से नए एंटीबायोटिक्स का उत्पादन

शोधकर्त्ताओं ने रोबोटिक्स का उपयोग करके आंत में पाए जाने वाले एक सामान्य जीवाणु एस्चेरिचिया कोलाई (Escherichia coli) से एंटीबायोटिक दवाओं का एक नया वर्ग प्रस्तुत किया है, जिसे द्वितीय श्रेणी पॉलीकेटाइड्स (Class II Polyketides) के रूप में जाना जाता है।

  • ये एंटीबायोटिक्स भी प्राकृतिक रूप से मिट्टी में उपस्थित बैक्टीरिया द्वारा निर्मित होते हैं और इनमें रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो आधुनिक दवा उद्योग में संक्रामक रोगों और कैंसर से लड़ने के लिये महत्त्वपूर्ण हैं।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, प्राकृतिक रूप से उत्पादित एस्चेरिचिया कोलाई बैक्टीरिया के साथ काम करना मुश्किल होता है क्योंकि वे आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के लिये उपयोग किये जाने वाले स्वचालित रोबोट सिस्टम के असंगत होते हैं।
  • यह सफलता रोगाणुरोधी प्रतिरोध के खिलाफ चल रही लड़ाई में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि हाल ही में विकसित स्वचालित रोबोटिक्स सिस्टम का उपयोग अब तीव्र एवं कुशल तरीके से नए एंटीबायोटिक्स बनाने में किया जा सकता है।

एंटीबायोटिक

  • एक ऐसा यौगिक है, जो बैक्टीरिया (जीवाणु) को नष्ट कर देता है।
  • यह बीमारी न फ़ैलने देने वाले यौगिकों का एक व्यापक समूह होता है, जिसका उपयोग कवक और प्रोटोजोवा सहित समान्य सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जाने वाले बैक्टीरिया, फ़फूंदी तथा अन्य परजीवीयों के कारण हुए संक्रमण को रोकने के लिये होता है।
  • बैक्टीरिया पर इसके प्रभाव या कार्य के अनुसार एंटीबायोटिक्स को दो समूहों में बाँटा जाता है।
    • ‘जीवाणुनाशक एजेंट’- जीवाणुओं को मारते हैं।
    • ‘बैक्टीरियोस्टेटिक एजेंट’- जो जीवाणु के विकास को दुर्बल करते हैं।
  • पेनिसिलिन जीवाणुनाशक एंटीबायोटिक है। यह जीवाणु के कोशिका दीवार या कोशिका झिल्ली पर वार करता है।
  • पहला खोजा जाने वाला एंटीबायोटिक पेनिसिलिन है द्वितीय विश्व युद्ध में घायल हुए अमेरिकी सैनिकों के इलाज के लिये इस एंटीबायोटिक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था।
  • एंटीबायोटिक्स को एंटीबैक्टीरियल के नाम से भी जाना जाता है।
  • हमारे इम्यून सिस्टम यानी रोग-प्रतिरोधक तंत्र में बैक्टीरिया के कारण हुए संक्रमण को दूर करने के गुण पाए जाते हैं। लेकिन कभी-कभी बैक्टीरिया का आक्रमण इतना अधिक हो जाता है कि संक्रमण को दूर करना इम्यून सिस्टम की क्षमता के बाहर हो जाता है। ऐसे संक्रमण से बचने के लिये हमें बाहर से दवा के रूप में एंटीबायोटिक लेने की आवश्यकता होती है।
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